कुत्ते की सूंघने की क्षमता अधिक क्यों होती है?

कुत्ते की सूंघने की क्षमता अधिक क्यों होती है?

 कुत्ते की सूंघने की क्षमता अधिक क्यों होती है? Why does a dog have a greater sense of smell?

कत्ता एक ऐसा प्राणी है, जिसकी दृष्टि काफी कमजोर होती है। वह थोड़ी दूर की ही चीजें साफ देख पाता है और उसे भूरा रंग तथा इसकी शेड यानि छाया ही स्पष्ट दिखाई देती हैं। अपनी इस कमी को वह अपनी तेज घ्राण सूंघने की शक्ति से पूरा करता है। कुत्ते को एक बार कोई चीज सूंघने को दे दी जाए, तो उस गंध को वह आसानी से पहचान लेता है। यही कारण है कि कुत्तों को विशेष प्रशिक्षण देकर उनका उपयोग विस्फोटक और नशीले पदार्थ पकड़ने के साथ ही अपराधियों की तलाश के लिए किया जाता है। कुत्तों की नाक के दोनों छेदों में एक क्षेत्र ऐसा होता है, जहां लाखों की संख्या में विशेष तरह की गंध संवेदनशील कोशिकाएं होती हैं। इन कोशिकाओं को कीमोरिसेप्टर कहते हैं। इनकी संरचना बालों जैसी होती है और ये बाल हमेशा म्यूकस नामक तरल पदार्थ से गीले रहते हैं। ये नाड़ियों के जरिये मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं। मस्तिष्क के इस भाग को ऑलफेक्टरी बल्ब कहते हैं। यह भाग जितना बड़ा होता है, घ्राण शक्ति भी उतनी ही अधिक होती है। मनुष्य की अपेक्षा कुत्ते का ऑलफेक्टरी बल्ब कई गुना बड़ा होता है और इस कारण उसकी सूंघने की क्षमता भी काफी अधिक होती है।

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