बड़ा आदमी बनने के लिए क्या करना चाहिए-न करें कई काम एक साथ,अमीर बनने की सोच बनाएं 

बड़ा आदमी बनने के लिए क्या करना चाहिए

बड़ा आदमी बनने के लिए क्या करना चाहिए न करें कई काम एक साथ 

“जीवन हमें जो ताश के पत्ते देता है, उन्हें हर खिलाड़ी को स्वीकार करना पड़ता है। लेकिन जब पत्ते हाथ में आ जाएं, तो खिलाड़ी को यह तय करना होता है कि वह उन पत्तों से किस तरह से खेले, ताकि वह बाजी जीत सके।” -वॉल्टयर 

जल्दी और अधिक कमाने के चक्कर में कुछ लोग एक साथ कई काम शुरू कर देते हैं। ऐसे में वे न काम अच्छे ढंग से कर पाते हैं, न ही पास का पैसा बचा पाते हैं। कई काम एक साथ करना यानी दो नाव की सवारी करने के बराबर होती है। दो नाव पर पैर रखना कितना खतरनाक होता है। यह सभी जानते हैं। 

धीरज जल्द से जल्द अमीर बनना चाहता था। इसके लिए उसने कई काम एक साथ शुरू कर दिए। जो उसके लिए परेशानदायक हो गया। एक साथ सभी को संभालना मुश्किल हो गया। इधर का संभालता तो उधर का बिगड़ जाता, उधर का संभालता तो इधर का बिगड़ जाता। भाग दौड़, फोन की घनघनाहट, चीखना, चिल्लाना, आदेश देना, सुनना, बनना-बिगड़ना-इन सब बातों से धीरज काफी परेशान हो गया। 

उसे कुछ भी नहीं सूझ रहा था कि अब वह क्या करे? पूंजी की कमी, आराम न मिलना, तनाव, थकान आदि की वजह से धीरज शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो गया। एक दिन उसकी मुलाकात अपने एक मित्र विमल से हुई। विमल का अच्छा-खासा कारोबार था। वह शहर का प्रतिष्ठित अमीर व्यक्ति था। 

धीरज की समस्या सुनने के बाद विमल ने उससे कहा कि जल्दी दौलत कमाने के चक्कर में तुमने एक साथ कई काम शुरू कर दिए। यही तुम्हारी परेशानी का कारण है। कई काम एक साथ करने से परेशानी, तनाव, नुकसान, भागदौड़ जैसी परिस्थितियां पैदा होती हैं। जिन्हें संभालना बड़ा मुश्किल होता है। यदि इसकी बजाय एक-एक करके काम शुरू किया होता तो तुम्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। यदि परेशानी से निकलना चाहते हो तो सबसे पहले अपनी गलती को सुधारना होगा। यदि तुम ऐसा करने के लिए तैयार हो तो बोलो। 

धीरज ने कहा, “परेशानी दूर करने के लिए मैं तुम्हारी हर बात मानने के लिए तैयार हूं।” 

विमल ने धीरज को सलाह देते हुए समझाया कि इस वक्त जो बिजनेस कुछ ठीक-ठाक चल रहा है, उसे छोड़ कर अन्य सभी को बंद कर दो। जब एक काम अच्छे से व्यवस्थित हो जाए, उसके बाद दूसरा काम शुरू करो। 

धीरज को अपने मित्र की सलाह पसंद आई। मित्र की सलाह पर उसने तुरंत निर्णय लिया और एक काम को अपने हाथ में रख कर शेष कामों को बंद कर दिया। धीरज को इसका लाभ मिला। एक ही काम होने की वजह से धीरज उस काम के लिए फुल टाइम देने लगा। 

धीरे-धीरे उसका काम अच्छे ढंग से जम गया। बाद में उसने एक-एक कर अपने दूसरे बिजनेस को भी शुरू कर दिया। उन्हें भी जमा लिया। आज धीरज शहर का सबसे अमीर आदमी है। उसके कई बिजनेस चल रहे हैं। 

कई काम एक साथ शुरू करने से सभी कामों को ठीक तरह से संभालना मुश्किल होता है। भागदौड़, हर काम पर पूरा ध्यान न दे पाना, सभी बिजनेस को बराबर समय न दे पाना, समय पर काम पूरा न कर पाना, समस्या, थकान, मानसिक व शारीरिक समस्या का उत्पन्न होना आम बात है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए सबसे सरल उपाय यह है कि एक साथ कई काम शुरू करने की बजाय, एक-एक करके काम शुरू करें। एक काम के मार्केट में जम जाने पर दूसरे काम की शुरुआत करें। ऐसे में किसी प्रकार का तनाव नहीं रहेगा। आपका बिजनेस भी अच्छी तरह से जान जाएगा। 

नुकसान, भागदौड़ जैसी परिस्थितियां पैदा होती हैं। जिन्हें संभालना बड़ा मुश्किल होता है। यदि इसकी बजाय एक-एक करके काम शुरू किया होता तो तुम्हें इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। यदि परेशानी से निकलना चाहते हो तो सबसे पहले अपनी गलती को सुधारना होगा। यदि तुम ऐसा करने के लिए तैयार हो तो बोलो। 

धीरज ने कहा, “परेशानी दूर करने के लिए मैं तुम्हारी हर बात मानने के लिए तैयार हूं।” 

विमल ने धीरज को सलाह देते हुए समझाया कि इस वक्त जो बिजनेस कुछ ठीक-ठाक चल रहा है, उसे छोड़ कर अन्य सभी को बंद कर दो। जब एक काम अच्छे से व्यवस्थित हो जाए, उसके बाद दूसरा काम शुरू करो। 

धीरज को अपने मित्र की सलाह पसंद आई। मित्र की सलाह पर उसने तुरंत निर्णय लिया और एक काम को अपने हाथ में रख कर शेष कामों को बंद कर दिया। धीरज को इसका लाभ मिला। एक ही काम होने की वजह से धीरज उस काम के लिए फुल टाइम देने लगा। 

धीरे-धीरे उसका काम अच्छे ढंग से जम गया। बाद में उसने एक-एक कर अपने दूसरे बिजनेस को भी शुरू कर दिया। उन्हें भी जमा लिया। आज धीरज शहर का सबसे अमीर आदमी है। उसके कई बिजनेस चल रहे हैं।

कई काम एक साथ शुरू करने से सभी कामों को ठीक तरह से संभालना मुश्किल होता है। भागदौड़, हर काम पर पूरा ध्यान न दे पाना, सभी बिजनेस को बराबर समय न दे पाना, समय पर काम पूरा न कर पाना, समस्या, थकान, मानसिक व शारीरिक समस्या का उत्पन्न होना आम बात है। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए सबसे सरल उपाय यह है कि एक साथ कई काम शुरू करने की बजाय, एक-एक करके काम शुरू करें। एक काम के मार्केट में जम जाने पर दूसरे काम की शुरुआत करें। ऐसे में किसी प्रकार का तनाव नहीं रहेगा। आपका बिजनेस भी अच्छी तरह से जान जाएगा।

 Amir banne ke liye kya karen- करें स्वयं पर विश्वास 

“जबआप किसी चीज को उठा रहे हैं। उस वक्त अपने सारे शरीर को, बाहों को, सांसों को यह महसूस कराएं कि मैं अधिक भार उठाने में सक्षम हूं…मैं अधिक भार उठा सकता हूं। इससे शरीर में एक अलग तरह की शक्ति का संचार होने लगता है और आप पहले से कुछ अधिक भार उठा लेते हैं। हो सकता है पहली बार में कुछ अधिक भार उठाना संभव न हो पर अभ्यास करते-करते यह संभव हो जाता है।” -गारफिल्ड

आप अमीर बनना चाहते हैं, तो आपको अपने आप पर विश्वास करना होगा। विलियम जेम्स का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर असीम ऊर्जा और संभावनाएं होती हैं। इस ऊर्जा के बारे में हर किसी को पता ही नहीं होता है। जो इसे जान गया उसे अवश्य सफलता मिलती है। खुद पर भरोसा करके इसे प्राप्त कर सकते हैं। आप किसी भी क्षेत्र में सफलता पाना चाहते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने आप पर भरोसा करें। खुद पर भरोसा न करने वाले कभी आगे नहीं बढ़ सकते।

एक व्यक्ति को खुद पर भरोसा नहीं था। वह निराशा के अंतिम छोर पर पहुंच चुका था। काफी कोशिश के बाद भी अपने अंदर आत्मविश्वास की ज्योति नहीं जगा सका था। एक दिन वह एक ऐसे लेखक से मिला जो सेल्फ इम्प्रूवमेंट पर लेक्चर दिया करते थे। निराश व्यक्ति ने लेखक से कहा, “मैं अपना आत्मविश्वास बढ़ाने में पूरी तरह से नाकामयाब हो चुका हूं। अब मुझे कोई रास्ता सुझाई नहीं दे रहा है। आज तक मुझे ऐसा कोई नहीं मिला जो मुझमें भरोसा पैदा करे। क्या आप मुझमें भरोसा पैदा करा सकते हैं?” 

लेखक ने उस व्यक्ति को ऊपर से नीचे तक देखा। उसकी हालत को देखकर समझ गया कि व्यक्ति काफी निराशा में डूबा हुआ है। लेखक ने उससे कहा, “मैं आपके अंदर आत्मविश्वास तो पैदा नहीं कर सकता। हां, मैं आपको एक ऐसे व्यक्ति से मिलवा सकता हूं जो आपके अंदर भरोसा पैदा कर सकता है।” 

“वाह! मैं उस व्यक्ति से जरूर मिलना चाहूंगा।” 

लेखक उस व्यक्ति को दूसरे कमरे में ले गया और एक आईने के सामने खड़ा करके कहा, “यह वही व्यक्ति है जो आपके अंदर भरोसा पैदा कर सकता है। इसके अलावा कोई दूसरा नहीं है जो आपके अंदर भरोसा पैदा करा सके। इससे आप अच्छी तरह से मिल लें। जब तक आप इस व्यक्ति को नहीं जानेंगे, तब तक आप में भरोसा पैदा नहीं होगा।” 

निराश व्यक्ति लेखक की बात सुनकर समझ गया कि वह क्या कह रहे हैं। उसे अपनी निराशा का कारण पता चल गया था। उसकी निराशा का मुख्य कारण था कि उसे अपने आप पर भरोसा नहीं था। दुनिया में ऐसे अनेक लोग हैं जिन्हें खुद पर भरोसा नहीं होता क्योंकि वे कभी खुद को टटोलने की कोशिश नहीं करते। जब तक आप अपने अंदर झांक कर नहीं देखेंगे, तब तक आपको पता कैसे चलेगा कि आप में क्या खूबी है। 

खुद पर भरोसा न करने वाले उन छोटे-छोटे आलुओं के समान हैं जो ट्रक में ऊपर डाले जाने के बावजूद ट्रक के हिचकोले से सबसे नीचे पहुंच जाते हैं। खुद पर भरोसा, आशावादी सोच, लगन और कुछ कर दिखाने का जज्बा ही सफलता के मुकाम पर पहुंचाता है। एमरसन कहते हैं कि वे जीती बाजी भी हार जाते हैं जिन्हें अपने आप पर भरोसा नहीं होता। खुद पर भरोसा करने वाले हारी बाजी भी जीत जाते हैं। यदि आप हार की बाजी को पलटना चाहते हैं, तो खुद पर भरोसा करना सीखें। 

स्वयं पर भरोसा करने का कितना अच्छा परिणाम मिलता है। इस बारे में इटली के एक मनोवैज्ञानिक गारफिल्ड ने एक प्रयोग में कर दिखाया। एक खिलाड़ी जो काफी कोशिश के बाद 135 किलोग्राम वजन उठा पाता था। उसने स्वयं को भरोसा दिलाकर 9 किलोग्राम अधिक वजन उठा कर दिखा दिया। ऐसा वह गारफिल्ड के द्वारा दिए गए निर्देश की बदौलत कर पाया। इसके बाद उस खिलाड़ी ने कहा कि आज उसे पता चला कि उसके अंदर कितनी उर्जा भरी है।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जब हम बार-बार किसी बात का निर्देश मस्तिष्क को देने लगते हैं तो मस्तिष्क उस बात को मानने लगता है। यदि आप कई दिनों तक सुबह पांच बजे उठने के लिए मस्तिष्क को निर्देश देते रहें तो कुछ दिनों बाद पांच बजे सुबह अपने आप नींद खुल जाएगी। वह आपकी आदतों में शामिल हो जाती है। इसी तरह यदि आप अपने आप पर भरोसा करने की बात का निर्देश देते हैं। मस्तिष्क इस बात को मान लेता है। भरोसा को अपनी आदतों में शुमार करें। अपने आप पर भरोसा रखकर ही आप अमीर बन सकते हैं। 

जीत उन्हीं लोगों की होती है जो अपने आप पर भरोसा करते हैं। अपने आप पर भरोसा करके आप अपने बिजनेस को सफल बना सकते हैं और अमीर व्यक्तियों की जमात में शामिल हो सकते हैं। 

अमीर बनने की सोच बनाएं 

“सफल बनो! तैयार रहो, कमर कस लो कि अब तुम्हारी बारी आएगी। तुम मार्ग में पड़े ही नहीं रहोगे, निर्माताओं को तुम्हारी आवश्यकता पड़ेगी।” -रिचर्ड सी ट्रंच

बड़ा सोचो, अच्छा सोचो, खुश रहने की सोचो, अधिक पाने की सोचो, उपलब्धि पाने की सोचो, सम्मान पाने की सोचो, सफल होने की सोचो, शिखर पर पहुंचने की सोचो, अमीर बनने की सोचो, क्योंकि मनुष्य अपनी 

सोच के द्वारा दुनिया की किसी भी चीज को हासिल कर सकता है।

यदि आप अमीर बनना चाहते हैं तो मन में अमीर बनने की सोच पैदा करनी होगी। जब तक आपके अंदर अमीर बनने की सोच नहीं होगी, तब तक आप अमीर नहीं बन सकते। मन में अमीर बनने का जज्बा पैदा करें। मन में अमीर बनने का जुनून पैदा करें। मन में अमीर बनने का जोश पैदा करें।

आज तक जितने भी लोग अमीर बने हैं। उन्होंने सबसे पहले अपने मन में अमीर बनने की सोच बनाई तब जाकर वे एक अमीर व्यक्ति बन पाए। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल हुए सैम वाल्टन सात साल की उम्र में अखबार बांटने, खरगोश व कबूतर पालकर बेचने का काम किया करते थे। – इसके बावजूद उन्होंने अमीर बनने की सोच बनाई। यानी सोच को वास्तव में पाने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की और जीवन में काफी रुपये कमाए। धीरूभाई अंबानी अधिक पढ़े-लिखे नहीं थे। उनके पास अधिक रुपये भी नहीं थे। इसके बावजूद धीरूभाई अंबानी अमीर बन गए। इसकी वजह थी उनके अंदर अमीर बनने की सोच। जिसकी वजह से वे अमीर बने। 

अमीर बनना है तो अमीर बनने की सोच पैदा करनी होगी। जब तक अमीर बनने की सोच नहीं बनाएंगे तब तक आप अमीर नहीं बन सकते। यदि आप मन में सोचते रहेंगे कि ‘मैं गरीब हूं, मैं अमीर नहीं बन सकता’ तो आप वहीं के वहीं रहेंगे क्योंकि आप सोच से गरीब हैं। 

मनुष्य की सोच ही उसे अमीर या गरीब बनाए रखती है। जब तक आप मन में अमीर बनने का जज्बा, जोश, जुनून नहीं बनाएंगे तब तक आप अमीर नहीं बन सकते। जिस दिन आपके मन में यह बातें आएंगी उस दिन आप अमीर बन जाएंगे। 

शून्य से शिखर पर पहुंचना चाहते हैं तो अपनी सोच को बदलें। आपकी सोच बदलेगी तो आपकी गरीबी अमीरी में बदलेगी। गरीबी को कमजोरी न बनाएं। उसे भूल कर अमीर बनने की सोच बनाएं। राह चलते आपके आस-पास कहीं भी, कभी भी ऐसे अनेक लोग मिल जाएंगे जो कहेंगे कि अमीर बनना बड़ा मुश्किल काम है। ऐसे लोग कभी भी अमीर नहीं बन सकते, क्योंकि उनकी सोच अमीर बनने की नहीं है। 

जब तक आपकी सोच बड़ी नहीं होगी तब तक आप बड़े नहीं बन सकते। बड़ा बनने के लिए बड़ी सोच का होना जरूरी है। ठीक उसी तरह अमीर बनने के लिए अमीर बनने की सोच का होना जरूरी है। यही सोच आपको अमीर बनाती है। मन से यह बात निकाल फेंकें कि आप अमीर नहीं बन सकते। 

मन में अमीर बनने की सोच पैदा करें। ‘सोचिए और अमीर बन जाइए’ पुस्तक के लेखक नेपोलियन हिल लिखते हैं कि अधिकतर लोग अपनी सोच की वजह से अमीर नहीं बन पाते हैं, क्योंकि वे अपना बुरा ही सोचते हैं। जब वे खुद का बुरा सोचते हैं, तब उनका अच्छा कैसे होगा? हमेशा अच्छा सोचिए और बढ़िया सोचिए। शिखर पर पहुंचने की सोचिए। 

फिर देखिए, आप किस तरह अमीर नहीं बन सकते। अमीर बनने की सोच ही आपको अमीर बनाती है। आज और इसी वक्त अमीर बनने की सोच बनाएं। आपने अमीर बनने की सोच बना ली है तो आप जरूर अमीर बनेंगे। आपको अमीर बनने से कोई रोक नहीं सकता। जो व्यक्ति हमेशा अमीर होने की सोचते हैं, वे ही अमीर बनते हैं। आप भी अमीर बनना चाहते हैं तो मन में अमीर बनने की सोच पैदा करें।

नकारात्मक सोच से बचें 

“प्रत्येक व्यक्ति में असीम ऊर्जा शक्ति और संभावनाएं होती हैं। खुद पर भरोसा करके इसे प्राप्त कर सकते हैं। शिखर पर यदि पहुंचना है तो खुद पर भरोसा करना होगा।” -विलियम जेम्स

मन में आया नकारात्मक विचार किसी भी अच्छे काम को करने के लिए रोकता है। यह मन में डराता है। कायर बना कर रख देता है। जो लोग नकारात्मक विचार को अपने साथ में लेकर चलते हैं, वे जिंदा इंसान नहीं बल्कि मुर्दे के बराबर होते हैं। यदि आप जीवन में कुछ पाना चाहते हैं, कुछ बनना चाहते हैं, आगे बढ़ना चाहते हैं, शिखर पर पहुंचना चाहते हैं-टाटा, बिड़ला, अजीम प्रेमजी, करसन भाई की तरह अमीर बनना चाहते हैं, तो मन में सकारात्मक विचार पैदा कीजिए। यह आपको सफलता की मंजिल तक लेकर जाएंगे।

मन में हमेशा नकारात्मक विचार आना एक बहुत बड़ी बीमारी है। यह बीमारी किसी के मन के अंदर एक बार उत्पन्न होती है, तो इससे छुटकारा पाना बड़ा ही मुश्किल होता है। दुख, बीमारी, चिंता, क्रोध, शोक, दर्द, उदासी, निराशा यह सब नकारात्मक विचार के ही रूप हैं, जो सकारात्मक विचार को अपने चंगुल में फंसा कर उसे दूर भगा देते हैं। उसे दूर करने के बाद वह आपको डराना शुरू कर देते हैं। आप जितना डरते हैं उसे डराने में उतना ही मजा आता है। 

सकारात्मक विचार ही आपको हमेशा अच्छी सलाह देंगे, अच्छी बातें करेंगे। सकारात्मक विचार आपके नेटवर्क को बढ़ाते हैं। सफलता की ऊंचाइयों की ओर ले जाते हैं। जबकि नकारात्मक विचार नीचे गर्त की ओर ले जाते हैं। असफलता की गहरी खाई में ले जाकर छोड़ देते हैं। 

मैं अमीर नहीं बन सकता हूं। ऐसे नकारात्मक विचार आपको अमीर बनने से कोसों दूर ले जाते हैं। यह विचार आगे बढ़ने से रोकते, गरीबी और दरिद्रता में धकेल देते हैं।

नकारात्मक विचार बहुत ही बुरे होते हैं। यह जीवित व्यक्ति को भी मरे के समान बना देते हैं। जो नकारात्मक विचार लेकर जीते हैं वे मरे हुए लोगों के समान होते हैं। उनका कोई वजूद ही नहीं होता है। उनका कोई अस्तित्व नहीं होता है। नकारात्मक विचार मन में आने पर उसे नकार दें, तभी आप कामयाबी के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं।

 आपने उस कौवे की कहानी तो सुनी होगी, जो प्यास बुझाने के लिए एक-एक पत्थर के टुकड़ों को घड़े में डालता है। जैसे-जैसे घड़ा पत्थरों के टुकड़ों से भर जाता है, वैसे-वैसे पानी ऊपर चला आता है। कौवा पानी पीकर अपनी प्यास बुझा लेता है। यह तो एक मिसाल है जो यह सीख देती है कि किसी भी परिस्थिति में मन में नकारात्मक विचार नहीं लाना चाहिए। यदि कौवा मन में नकारात्मक विचार लाया होता तो वह भी प्यासा रह जाता। मन में सकारात्मक विचार लाकर जीवन के घड़े में कोशिश के पत्थरों को डालें और सफलता की प्यास बुझाएं। 

हमेशा ‘ना’ को ‘हां’ में बदलने की सोचने की आदत डालें। डेविड जे. श्वार्ट्स कहते हैं कि लोग शब्दों और वाक्यों में नहीं सोचते हैं। वे तस्वीरों या बिंबों में सोचते हैं। जिसकी वजह से नकारात्मक चित्र उनके दिमाग पर जल्दी हावी हो जाते हैं। 

नकारात्मक सोच की वजह से अधिकतर लोग असफल होते हैं। जैसे हम हार चुके हैं (नकारात्मक)। इसे ‘हम अभी नहीं हारे हैं (सकारात्मक)। मैं पहले असफल हो गया था (नकारात्मक)। मैं फिर कोशिश करके देखूगा (सकारात्मक)। यह उपाय सफल नहीं होगा (नकारात्मक)। यह उपाय अवश्य सफल होगा (सकारात्मक)। इस तरह से अपने विचार को बदल कर देखें। यह आपकी जिंदगी बदल देगा। 

प्रो. रिचर्ड फॉक्व का कहना है कि सकारात्मक विचार इंसान के अंदर एक प्रकार की पॉवर उत्पन्न करता है। जो उसे उसकी मंजिल तक ले जाने में पूरी तरह से मदद करता है। आप अमीर बनना चाहते हैं तो अपने मन से नकारात्मक विचारों को दूर भगा दें।

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