पॉइजन पिल क्या हैं? Poison Pill क्या है

पॉइजन पिल क्या हैं?

प्रश्न-‘प्वॉइजन पिल’ क्या हैं? पॉइजन पिल क्या हैं? Poison Pill क्या है?What is Poison Pill

उत्तर-‘ पॉइजन पिल ‘ दरअसल जासूसी की दुनिया से लिया गया एक शब्द है. दुश्मन द्वारा पकड़े जाने पर प्वॉइजन पिल खाकर जासूस अपनी जिंदगी खत्म कर लेते थे, ताकि कोई उनसे पूछताछ न कर सके. कुछ ऐसी ही संकल्पना अर्थव्यवस्था में अधिग्रहण और विलय को लेकर भी है. 

इसमें कम्पनी अपने शेयर के दाम खुद ही कुछ कम कर देती है और साथ ही यह भी तय कर देती है कि कोई भी व्यक्ति कम्पनी में एक निश्चित सीमा से अधिक हिस्सेदारी नहीं खरीद सकता. अर्थव्यवस्था की भाषा में कहें तो ‘प्वॉइज़न पिल’ किसी कम्पनी को जबरन अधिग्रहण से बचाने का एक तरीका है किसी कम्पनी के अधिग्रहण को जबरन तब माना जाता है जब कम्पनी को उसके प्रबंधन की मर्जी के बिना अधिगृहीत करने की कोशिश की जाए. इस तरह ‘प्वॉइजन पिल’ एक सीमित अवधि की शेयरधारक अधिकार योजना है, इसके तहत् कोई भी कम्पनी में 15 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी नहीं खरीद सकता. इसमें कम्पनी कुछ छूट के साथ दूसरों को कम्पनी के अतिरिक्त शेयर खरीदने की अनुमति दे देती है. इससे अधिग्रहण करने की कोशिश करने वाले के शेयरों की कीमत कम हो जाती है और अधिग्रहण मुश्किल हो जाता है. साथ ही, कम्पनी का अधिग्रहण करने की कीमत बढ़ जाती है. प्वॉइजन पिल का इस्तेमाल इमरजेंसी की स्थिति में किया जाता है, इस रणनीति के तहत् कम्पनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अपने खास अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं और टेक ओवर करने वाले के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं.

1980 के दशक में जबरन अधिग्रहण रोकने की इस रणनीति का इस्तेमाल अमरीका में सबसे ज्यादा हुआ. उस दौर में बिजनेसमैन कम्पनियों के शेयर बाजार से खरीदकर जबरन अधिग्रहण करने की कोशिशों में जुटे हुए थे, ऐसे में प्वॉइजन पिल की रणनीति से कम्पनियों ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया था…

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