स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 20 के प्रमुख घटक कौन-कौनसे हैं? स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 20 के प्रमुख घटक कौन-कौनसे हैं?

प्रश्न-स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 20 के प्रमुख घटक कौन-कौनसे हैं?स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0

उत्तर-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 अक्टूबर, 2021 को स्वच्छ भारत मिशन शहरी (एसबीएम-यू) के नए संस्करण एसबीएम-यू 20 (SBM-U 2-0) का शुभारम्भ किया एसबीएम शहरी को औप चारिक रूप से 2 अक्टूबर, 2014 को लॉन्च किया गया था. मिशन के उद्देश्य थे 

  • सभी शहरों को खुले में शौच मुक्त करना,
  • नगर निगम के ठोस कचरे का शत प्रतिशत वैज्ञानिक प्रबंधन, 
  • जन आंदोलन के माध्यम से प्रभावी व्यवहार परिवर्तन, 

मिशन ने शहरी भारत में स्वच्छता सुविधाओं का 100% पहुँच प्रदान की और मिशन के तहत् 70 लाख से अधिक घरों, सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया है. इस अभियान ने स्वच्छता सुविधाओं तक पहुँच प्रदान की, जिन्हें गूगल मानचित्र पर एसबीएम शौचालय जैसे डिजिटल नवाचार के माध्यम से और बेहतर बनाया गया है, इसमें 3,300+ शहरों में 65,000 से अधिक सार्वजनिक शौचालयों को लाइव बनाया गया है, वर्ष 2019 में, भारत के शहरी क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया था, जिसमें 3,000 से अधिक शहरों और 950 शहरों को क्रमशः ओडीएफ+ और ओडीएफ++ प्रमाणित किया गया था, जल+ प्रोटोकॉल के तहत शहर जल+ प्रमाणीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो अपशिष्ट जल के प्रबंधन और इसके इष्टतम पुनः उपयोग पर केन्द्रित है. 

अब एसबीएम-यू 2.0 के अन्तर्गत अगले 5 वर्षों में स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बनाए रखने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा, इस प्रकार शहरी भारत को ‘स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाया जाएगा.

एसबीएम-यू 2-0 के प्रमुख घटक 

  • अगले 5 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में प्रवास करने वाली अतिरिक्त आबादी की सेवा के लिए स्वच्छता सुविधाओं तक पूर्ण पहुँच .
  • 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों में पूर्ण तरल अपशिष्ट प्रबंधन, रोकथाम, संग्रह, परिवहन, तरल अपशिष्ट का उपचार.
  • स्थायी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्रोत पृथक्करण पर अधिक जोर अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाएं और सामग्री रिकवरी केन्द्र भी स्थापित की जाएंगी.
  • सभी पुराने इंपसाइट्स का उपचार मिशन की एक अन्य प्रमुख विशेषता होगी. यह उम्मीद की जाती है कि सभी शहर कम-से-कम 3-स्टार कचरा मुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे और सभी वैधानिक शहर कम-से-कम ओडीएफ+ बन जाएंगे.
  • विशेष रूप से केन्द्रित प्रमुख क्षेत्र – स्वच्छता और अनौपचारिक अपशिष्ट श्रमिकों की भलाई. 

2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U 2-0) के लिए ₹1,41,600 करोड़ के वित्तीय परिव्यय को अंतिम रूप दिया गया है…

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