वाहनों की गति कैसे मापा जाता है-Vahanon ka speed kaise mapa jata hai

वाहनों की गति कैसे मापा जाता है-

वाहनों की गति कैसे मापा जाता है-vahanon ka speed kaise mapa jata hai

किसी भी वाहन में जब हम यात्रा करते हैं तो उसकी गति कभी तेज हो जाती है, तो कभी कम। वाहनों की गति को मापने के लिए कि वह किस गति से दौड़ती है, स्पीडोमीटर यंत्र का प्रयोग किया जाता है। 

स्पीडोमीटर कैसे काम करता है -How a speedometer works

यह यंत्र सभी गाड़ियों में चालक के सामने पैनल पर लगा होता है। यह यंत्र गाड़ी का वेग किलोमीटर प्रतिघंटा में प्रदर्शित करता है। गाड़ी का वेग यंत्र के डायल पर लगे हुए संकेतक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। अधिकतर मोटरगाड़ियों में एक ओडोमीटर भी होता है, जो गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी को रिकॉर्ड करता है। मोटरों में लगे स्पीडोमीटर में धातु से बना एक केबल होता है, जिसका संबंध गियरों द्वारा गाड़ी के गति चालन से जोड़ दिया जाता है।

 

स्पीडोमीटर कैसे काम करता है,

जब गाड़ी गति करती है, तो गीयर केबल के अंदर के हिस्से को घुमाते हैं तथा यंत्र ‘स्पीडकप’ में एक चुंबक होता है, जो केबल के अंदर के हिस्से के घूमने के साथ ही गति करता है। घूर्णन करता हुआ यह चुंबक स्पीडकप पर एक बलयुग्म पैदा करता है। 

स्पीडकप की स्वतंत्र गति एक स्प्रिंग के विपरीत बल द्वारा नियंत्रित होती है। स्पीडकप की गति गियरों द्वारा डायल के संकेतकों को स्थानांतरित हो जाती है। जब गाड़ी रुक जाती है, तो स्प्रिंग संकेतक को डायल पर लिखे शून्य के निशान तक वापिस ले आता है।

इस प्रकार गाड़ी के वेग के अनुसार संकेतक डायल पर घूमता रहता है और गाड़ी का वेग प्रदर्शित करता है, जबकि वेग मापी के साथ लगा ओडोमीटर गाड़ी द्वारा कुल तय की गई दूरी दिखाता है।

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