अनोखी मजेदार जानकारियां-तीन बजकर बारह मिनट 

रोचक जानकारी-तीन बजकर बारह मिनट 

अनोखी मजेदार जानकारियांतीन बजकर बारह मिनट 

संसार में ऐसी बहुत-सी घटनाएं देखने को मिलती हैं, जब किसी भावी प्राकृतिक आपदा या दुर्घटना के बारे में मनुष्य को सपने या किसी दूसरे तरीके से पूर्वाभास हुआ हो। ऐसी ही एक घटना का जिक्र 

परा-मनोवैज्ञानिक चार्ल्स बर्लिट्ज ने अपनी पुस्तक ‘वर्ल्ड ऑफ स्टैंज फिनोमिया’ में किया हैं। पूर्वाभास की यह विचित्र घटना इंग्लैंड में घटित हुई थी। श्री तथा श्रीमती विल्किन्सन इंग्लैंड के शैफील्ड क्षेत्र में रहते थे। वैसे तो विनि विल्किन्सन को खाना खाने के बाद दिन में सोने की कतई आदत नहीं थी, परन्तु सन् 1962 की गर्मियों में एक दिन वह खाना खा चुकीं तो शायद अत्यधिक थकावट के कारण या अत्यधिक गर्मी के कारण नींद ने उन्हें आ घेरा। 

अभी वह अपनी आरामकुर्सी पर पड़ी ऊंघ ही रही थीं कि उन्होंने बड़ा ही विचित्र सपना देखा। वह हड़बड़ाकर उठ बैठीं। घबराहट के मारे उनके माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगी। वह सोचने ली,”वह कौन अपरिचित महिला थी, जो उन्हें कुछ अशुभ सुना गयी थी।” अपने पति के साथ घटी जानलेवा दुर्घटना के पश्चात् पुलिस को दिये गए बयान में विनि ने कहा कि वह निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकतीं कि वह उस समय पूरी नींद में थीं अथवा जागी हुई या वह नींद तथा जाग्रतावस्था के बीच की स्थिति में थीं। अचानक उन्होंने दरवाजे पर दस्तक की आवाज सुनी, जो पहले तो धीमी थी, परन्तु धीरे-धीरे तेज होती गई। वह झुंझलाकर उठीं तथा दरवाजा खोल दिया। दरवाजे पर उन्होंने अपरिचित महिला को देखा। वह महिला बड़े ही विचित्र ढंग से उन्हें घूर रही थी। फिर विनि विल्किन्सन को नाम से बुलाकर कहने लगी-“मिस्टर विल्किन्सन जो बाहर काम पर गए हुए हैं, एक मचान पर चढ़कर कुछ काम कर रहे थे। अचानक उनका पांव फिसल गया और उनकी तत्काल मृत्यु हो गयी।” उस महिला ने कहा कि वह उनके पति की मृत्यु की खबर देकर उन्हें बुलाने आयी है और उन्हें उसी समय वहां पहुंच जाना चाहिए। 

तीन बजकर बारह मिनट 

इस दृश्य के खत्म होते ही विनि विल्किन्सन को जैसे गहरा सदमा पहुंचा। हड़बड़ाकर वह नींद से जागी तथा आश्चर्य और भय के मिले-जुले विचारों में खो गयी। यह कैसी सूचना अथवा कैसा सपना था…या केवल मन का वहम था अथवा एक भयानक सपना अथवा…भविष्य में होने वाली किसी अनिष्ट की सत्य सूचना थी। इन्हीं विचारों में खोई हुई विनि विल्किन्सन अपनी आरामकुर्सी से उठ बैठी। घड़ी में उस समय दिन के तीन बजकर बारह मिनट हुए थे। वह फोन की तरफ बढ़ीं तथा अपने पति के काम के स्थान पर फोन मिलाया यह जानने के लिए कि वह कुशल हैं अथवा नहीं? 

और उस समय विनि ने ईश्वर का लाख-लाख शुक्र मनाया जब उन्हें बताया गया कि मिस्टर विल्किन्सन सकुशल हैं तथा कोई ऐसी घटना नहीं घटी है। 

तीन बजकर बारह मिनट 

विनि आश्वस्त थी परन्तु दूसरे ही दिन…दोपहर को जब विनि विल्किन्सन काम से निपटकर खाना खाने के बाद अपनी आरामकुर्सी पर बैठी थीं कि -अचानक दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनायी दी…पहले धीरे-धीरे फिर तेज, और फिर दरवाजा खुला…अपरिचित महिला…मृत्यु की सूचना…विनि भागकर टेलीफोन पर पहुंचीं। टेलीफोन से उन्हें पता चला कि मचान पर से पांव फिसलकर गिर जाने के कारण मिस्टर विल्किन्सन की तत्काल मृत्यु हो गयीं है।

अपरिचित महिला जा चुकी थी, और घड़ी में तीन बजकर बारह मिनट हो रहे थे। 

हरे रंग का रक्त 

य ह विचित्र घटना नवम्बर 1961 को उत्तरी डकोटा, अमेरिका में घटी थी। वर्षा-तूफान से भरपूर एक सर्द भरी रात को चार व्यक्ति कार से वापस घर जा रहे थे। ये चारों व्यक्ति शिकार के लिए वन में गए थे, पर वापस लौटते हुए रास्ते में रात हो गयी थी। बारिश की तेज बौछारे विड स्क्रीन से टकरा रही थीं। ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति को काफी सावधानी से कार चलानी पड़ रही थी। कार में बैठे बाकी तीनों व्यक्ति ऊंघने लगे थे। 

अचानक ही कार को ड्राइव करने वाले व्यक्ति ने कोई चमकती हुई चीज देखी। यह चमकती हुई चीज कार से कम-से-कम आधा किलोमीटर की दूरी पर थी तथा आकाश से बड़ी तेजी से जमीन की तरफ आ रही थी।

कार को ड्राइव कर रहे व्यक्ति ने सावधान होते हुए कार की रफ्तार फौरन कम कर दी तथा ऊंघ रहे अपने बाकी तीनों साथियों को जगा दिया। बारिश में वह चमकती चीज दूर से अस्पष्ट दिख रही थी। चारों ने समझा कि वह चमकती चीज एक हवाई जहाज था जो दुर्घटना का शिकार होकर जमीन की तरफ गिर रहा था। जल्दी ही उनको मालूम हो गया कि चमकती हुई वह चीज हवाई जहाज नहीं था, बल्कि तश्तरी की शक्ल की कोई अज्ञात वस्तु थी। 

हरे रंग का रक्त 

वहां से कुछ ही दूरी पर बहुत कम रोशनी तथा वर्षा के धुंधलके में इन सबने तश्तरीनुमा चीज को जमीन पर खड़ा देखा। उन चारों ने उड़नतश्तरियों के संबंध में सुन रखा था। उनको लगा कि शायद किसी उड़नतश्तरी को देख रहे हैं। कुछ देर दूर से देखने के बाद चारों में से एक विलियम स्मिथ ने उस उड़नतश्तरी के पास जाने का फैसला किया। उसने एक हाथ में टार्च ली तथा दूसरे हाथ में आत्मरक्षा के लिए रिवाल्वर। विलियम स्मिथ तश्तरीनुमा चीज से 60-70 मीटर की दूरी पर ही था कि अचानक उसमें से एक दरवाजा प्रकट हुआ तथा अजीब-सी शक्ल सूरत वाला एक प्राणी जो हमारी धरती का नहीं हो सकता था, बाहर निकला। अत: भयवश तथा घबराहट में विलियम स्मिथ ने रिवाल्वर से उस विचित्र प्राणी पर गोली चला दी। गोली लगने से उस विचित्र प्राणी के मुख से दर्द भरी जो आवाज निकली, वह न तो किसी जानवर की लगती थी और न ही इंसान की।

गोली लगते ही वह विचित्र प्राणी घायल होकर वापस उस तश्तरीनुमा चीज में घुस गया। इसके साथ ही जोरदार धमाका हुआ तथा तेज चमक के साथ वह तश्तरीनुमा चीज जमीन से ऊपर उठी और तेजी से आकाश में गायब हो गयी। उस घटना के बाद वैज्ञानिकों तथा खोजियों के दल ने घटनास्थल की जांच की। उन्हें वहां एक गोलाकार गहरा गड्ढा तो मिला ही, साथ ही जमीन पर जमी हुई किसी हरी चीज के धब्बे भी मिले थे। इन हरे धब्बों का वैज्ञानिकों द्वारा परीक्षण किया गया तो उसमें इस धरती पर मौजूद कोई ज्ञात तत्व नहीं पाया गया। वैसे वैज्ञानिकों का खयाल था कि यह हरा पदार्थ उड़नतश्तरी से बाहर निकलने वाले किसी दूसरे ग्रह के उस प्राणी का रक्त हो सकता था जो विलियम स्मिथ की गोली से घायल हुआ था। 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

5 × 1 =