ट्रॉय का युद्ध |Trojan War history in hindi

ट्रॉय का युद्ध

ट्रॉय का युद्ध |Trojan War history in hindi

 ट्रॉय का युद्ध-Battle of Troy (1190 ई०पू०)विश्व इतिहास की प्राचीन सभ्यता में यूनान (Greek) का महत्त्वपूर्ण स्थान है। संसार के युद्धों में ‘ट्राय का युद्ध’ प्रथम स्थान रखता है। इस युद्ध का काल 1190 ई० पू० कहा जाता है। संसार का प्राचीनतम युद्ध होने के कारण इसका ऐतिहासिक विवरण तो नहीं है, परन्तु विश्व प्रसिद्ध नाट्य लेखक होमर (Homer) तथा अन्य प्राचीन योरोपीय नाट्यकारों ने यूनान देश की विश्व सुन्दरी ‘हेलेन’ (Helen) की सुन्दरता का वर्णन करते हुए, उसे लेकर ट्राय युद्ध का वर्णन किया है। सन् 1510 ई० की ‘विल्टन’ द्वारा बनाई गई पेंटिंग में हेलेन को दर्शाया गया है। ‘द वाल्टर्स आर्ट म्युजियम में सजी एक प्राचीन पेटिंग में भी ‘हेलेन, स्पार्टा और ट्राय’ का चित्रण है। यूनानी लोककथा के अनुसार ‘हेलेन ऑफ ट्राय’, ‘हेलेन ऑफ स्पार्टा’ नाम से भी जानी जाती है। उसके पिता का नाम ज्यूस (Geus) और मां का नाम लीडा (Leda) था। 

हेलेन जब युवाकाल में पहुंची तो उसके अद्वितीय सौन्दर्य की चर्चा पूरे यूनान के राज्यों में छा गयी। यूनानी राजा ज्यूस की इस इच्छा को जानते हुए कि वे अपनी पुत्री हेलेन का विवाह किसी योग्य राजकुमार से करना चाहते हैं-यूनान राज्यों के हेलेन से विवाह के इच्छुक राजकुमार एक-एक करके यूनान पहुंचने लगे। उन राजकुमारों में स्पार्टा (Sparta) के राजा प्रियम का पुत्र मेनलाउस (Menelaus) भी 60 जलयानों के साथ बेशकीमती उपहारों सहित ज्यूस के सामने उपस्थित हुआ था। 

उस आयोजन पर ट्राय का राजकुमार पेरिस (Peris) भी पहुंचा था। ट्राय एक छोटा राज्य था। उस समय के यूनान के बड़े-बड़े राज्यों के मुकाबले ट्राय की कोई गणना न होती थी।

ट्राय राज्य के राजकुमार पेरिस के वहां पहुंचने पर अन्य बड़े राज्य के राजकुमारों ने उसे कोई अहमियत न दी थी। परन्तु राजा ज्यूस ने उसे अहमियत दी थी। बहुत सारे राज्यों के राजकुमारों के पहुंचने के कारण, ज्यूस इस दुविधा में भी फंस गया था कि वह किसके साथ अपनी पुत्री का विवाह करे। तब उसने सभी राजकुमारों में तीरंदाजी स्पर्धा रख दी। 

उस स्पर्धा में ट्राय के राजकुमार पेरिस ने सब पर बाजी मार ली। बावजूद इसके ज्यूस ने स्पार्टा के राजकुमार मेनेलउस को विजेता घोषित करते हुए उसके साथ अपनी पुत्री हेलेन का विवाह सम्पन्न करा दिया था। चूंकि स्पार्टा का राजकुमार सबसे अधिक जलपोतों के साथ आया था, वो जलपोत ही उसके राज्य की सुख-समृद्धि और विशालता का परिचय देते थे। स्पार्टा के राजकुमार मेनल उस तथा ट्राय के राजकुमार पेरिस के बीच तीरंदाजी प्रतियोगिता कुछ इस अन्दाज में हुई थी कि हार-जीत में बहुत मामूली अन्तर होने के कारण, ज्यूस उन दो राजकुमार योद्धाओं के बीच अपना निर्णय ले सकता था। 

राजकुमार पेरिस, ज्यूस के अनुचित निर्णय से तिलमिला उठा था। इस अनुचित निर्णय ने ही ट्राय युद्ध की पटकथा लिख दी। मेनेलउस जब हेलेन को ‘हेलेन ऑफ स्पार्टा’ के रूप में लेकर स्पार्टा के लिए रवाना हुआ तो पेरिस, रास्ते में उसके समुन्द्री बेड़े पर आक्रमण करके हेलेन को अपह्नत्त कर ले गया। 

वह हेलेन के साथ ट्राय पहुंच गया। हेलेन भी इस बात से बाखबर थी कि प्रतियोगिता की शर्त के मुताबिक ट्राय का राजकुमार पेरिस ही जीता है। वह उसके पराक्रम और तीरंदाजी की कायल होकर उसे मन-ही-मन प्रेम करने लगी थी। यही कारण था कि जब पेरिस ने उसका अपहरण किया तो उसने कोई विरोध न किया। 

पेरिस, अपनी प्रेयसी हेलेन को लेकर ट्राय पहुंच गया। वहां उसने उससे विवाह कर लिया। अब वह ‘हेलेन ऑफ ट्राय’ कहलाने लगी।

युद्ध की तैयारी स्पार्टा

ट्रॉय का युद्ध

(Sparta) के निकट ही आबाद ट्राय (Troy) एक छोटा नगर और राज्य था। ट्राय की भौगोलिक स्थिति ट्राय के किले को बहुत सुदृढ़ बनाती थी। ट्राय का किला तीन ओर से ऊंची पहाड़ियों और चौथी ओर समुन्द्री मार्ग से सुरक्षित था। 

स्पार्टा, यूनान का बड़ा राज्य था। पूरे यूनान में यह खबर जंगल की आग की तरह फैली कि तीरन्दाजी मुकाबले में जीती हुई ‘स्पार्टा की हेलेन’ को ट्राय का राजकुमार अपहरण करके ट्राय ले गया है। यह खबर उन समस्त राजकुमारों के बीच भी पहुंची जो-जो राजा ज्यूस द्वारा आयोजन प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। आयोजन में शामिल होने वाले सभी राजकुमारों ने ट्राय के राजकुमार द्वारा हेलेन को अपहरण कर ले जाने के कृत्य को अपना-अपना अपमान माना। वे सब एक-एक करके स्पार्टा में एकत्र होने और मेनेलउस के नेतृत्व में ट्राय से युद्ध के लिए तैयार नजर आए। जो राजकुमार स्पार्टा के राजकुमार मेनेलउस के साथ, ट्राय के विरुद्ध युद्ध में शामिल होने के लिए बढ़कर आये थे, उनमें से कुछ के नाम और विवरण इस प्रकार है 

(1) अएकाडिया के राजा एनकाइस का पुत्र एगापेनर (Agapenor)-60 जल पोतों की सेना के साथ ट्राय युद्ध में शरीक हुआ था। वह युद्ध के बाद सकुशल अपने देश लौट सका।

2.लेजर राज्य के राजा ओलियस का पुत्र अलेक्स (Alax)-40 जलपोतों की सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था। युद्ध निर्णय के बाद वापसी में उसका जालपोत समुन्द्री चट्टानों से टकरा गया और वह अपने राज्य वापस न पहुंच सका।

(3) एलिस राज्य के राजा ऐटिअस का पुत्र एम्फीमेकस (Amphimachus-यह एलिस से 40 जलपोतों की सेना के साथ ट्राय पहुंचा था। यह ट्राय युद्ध में ट्राय योद्धा हेक्टर के हाथों मारा गया।

4.नेस्टर राज्य राजा नेस्टर का पुत्र एण्टीलोकस (Antilochus)-यह अपने पिता के साथ 30 जलपोत सेना के साथ ट्राय पहुंचा था। यह ट्राय के मेहनन नामक योद्धा के आक्रमण से अपने पिता की रक्षा में आगे आने के कारण मारा गया।

(5) ओरहेमनस् राज्य के राजा ऐरेस का पुत्र एसकालापस (Ascalophus) -30 जलपोत सेना के साथ ट्राय पहुंचा था। ट्राय युद्ध में डेफोबस के हाथों मारा गया।

(6) आरगोस राज्य के राजा टायइस का पुत्र डायोमेडस (Dcomedes)-यह 80 जलपोतों की सेना के साथ ट्राय पहुंचा था। युद्ध अवधि में इसकी पत्नी एक राजकुमार के प्रेम जाल में फंस गयी। यह घटना डायोमेडस के राज्य के लिए घातक बनी। ट्राय युद्ध के बाद डायोमेडस इटली जा बसा।

(7) फेरे राज्य के राजा ऐडमेटस का पुत्र इयूमेलस (Eumelus)-11 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

(8) लिपिथस राज्य के राजा इयूमान का पुत्र इयूरीफायलस (Euryphlus)-40 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

(9) पोलीपोरस राज्य के राजा कोरोनस का पुत्र लियुनेटस (Leonteus)-40 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

(10) एसालिपस राज्य के राजा एसालिपस का पुत्र मेकाहोन (Machoon)-30 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था। युद्ध भूमि में टेलेफस पुत्र इमोरिलट द्वारा मारा गया। 

(11) फाइलिपस राज्य के राजा फाइलियस का पुत्र मेगेज (Meges)– 40 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

(12) मेनोइटिअस राज्य के राजा मेनोइटिअस का पुत्र पैट्रोक्लस (Patroclus) -यह भी अपनी कुछ जलपोत सेना के साथ अपने चचेरे भाई एचिल्स के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था। हेक्टर द्वारा युद्ध में मारा गया।

(13) वोयटियन राज्य के राजा हिप्पासिमस का पुत्र पेनिलिओस (Peneleos) -यह 50 जलपोत पर बोयटियन सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था। युद्ध भूमि में टेलीफस के पुत्र इयूफिलस द्वारा मारा गया।

(14) ट्रेसाली राज्य के राजा पियास का पुत्र फिलोटेट्स (Phitoctetes)-यह 7 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था। यह प्रसिद्ध धनुर्धर था। इसके तीर से ट्राय का राजकुमार पेरिस मारा गया।

(15) पोडलिरियस (Podalirius) एसलियस का पुत्र मेकाहोन का भाई-यह 7 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था। यह एक प्रसिद्ध चिकित्सक था। ट्राय युद्ध के निर्णय के बाद इसने एक नए राज्य काटिया की स्थापना की।

(16) लैथेरिस राज्य के राजा पिरिथस का पुत्र पोलिपोयट (Polypoetes)-यह 40 जलपोत सेना के साथ लैथेटिस राज्य से चलकर ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

(17) एलिस राज्य के राजा अगस्थेन्स का पुत्र पोलिक्सेन्स (Polyxenus) का पुत्र-यह एलिस से चलकर 40 जलपोत सेना के साथ ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

(18) डायमेड्स राज्य के राजा कैपानिअस का पुत्र स्थेनिलस (Sthenelus)-यह डायमेड्स से चलकर ट्राय युद्ध में शामिल होने अकेले पहुंचा था।

(19) थालपिअस (Thalpius) son of इयुरीथस-यह सोलिक्सेन्स राज्य के राजा अगस्थेन्स के पुत्र के साथ आया यह एक योद्धा था जो ट्राय युद्ध में शामिल हुआ था।

ट्रॉय का युद्ध आरम्भ 

स्पार्टा के राजकुमार मेनलाउस के सम्मान रक्षा के लिए उपरोक्त राज्यों की सेना राजा और राजकुमार एकता बनाकर ट्राय के युद्ध भूमि में आ डटे थे। 

ट्राय के योद्धाओं ने, आक्रमण के इरादे से मैदान में आ डटी सेना का जमकर प्रतिरोध किया। ट्राय के किले से तीरों की वर्षा करके युद्ध भूमि को पाट दिया। ट्राय के वीरों ने इस युद्ध को ट्राय के सम्मान के साथ जोड़कर ट्राय को घेरने वालों को ऐसा मुंह तोड़ जवाब दिया कि युद्ध भूमि में उतरने वालों के हौसले नित्य प्रतिदिन पस्त होते गए। 

बीस देशों के अनेकानेक धनुर्धर नित्य युद्ध भूमि में खेत होते रहे। हर तरह से कोशिश की गयी कि ट्राय के किले को बेधा जा सके, पर ट्राय का किला इतना सुदृढ़ था कि सफलता हाथ लगने के बजाय कोशिश करने वालों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा था। 

काफी दिनों की चेष्टा के बाद भी जब स्पार्टा के राजकुमार मेनलाउस और उसके साथ के योद्धाओं की सेना, ट्राय को पराजित करने में असफल रही, तो युक्ति से काम लेना की मंत्रणा आरम्भ हुई। मंत्रणा पर अमल होना शुरू किया गया। अमल पूरा हुआ। अमल पूरा होने के बाद स्पार्टा दल के साथ, सेनाएं समुन्द्री मार्ग से वापस होने लगीं। रातों-रात ट्राय युद्ध भूमि को खाली कर दिया गया। ट्राय के सैनिक जलयानों को वापस होता देखते और खुशियां मनाते रहे। इस युद्ध को कम-से-कम 51 दिन चलता रहना लिखा गया है।

ट्रोजन हार्स (Trozen Horse)

ट्रोजन हार्स (Trozen Horse)

अगली प्रातः, ट्राय के सैनिक किले का द्वार खोलकर बाहर आ गए। युद्ध भूमि खाली पड़ी थी। आक्रमणकारियों के सारे जलयान वापस हो गए थे-परन्तु, युद्ध भूमि में एक विशाल काठ का घोड़ा खड़ा था। (इस घोड़े को ट्रोजन हार्स का नाम दिया गया है।) बच्चे इस घोड़े (लकड़ी के विशालकाय घोड़े) पर खेलने लगे। उछलने-कूदने लगे। लकड़ी के उस विशालकाय घोड़े में दोनों ओर अनेकों लकड़ी के पहिये लगे थे। पहियों के सहारे घोड़े को खींचकर ट्राय किले में ले जाया गया। उसे खींचकर ले जाने वालों के मन में यह बात थी कि उस कुतुहल वाली वस्तु को अन्य लोग भी देख सकें, जिसे दुश्मन मैदान खाली करते समय छोड़ गया था। 

सारा दिन ट्रायवासी जश्न में डूबे रहे। रात घिर आयी तो लोग सोने चले गए। 

रात के समय यदि जाग हो रही थी तो लकड़ी के विशालकाय घोड़े के अन्दर, जिसे खुद ट्राय वाले ही खींचकर अपने किले में ले आए थे। 

घोड़े के पेट के हिस्से का द्वार खोल दिया गया। झुण्ड के झुण्ड सैनिक भूमि पर पग रखने लगे। वे स्पार्टा के राजकुमार के साथ युद्ध भूमि में उतरने वाले राज्यों के चुने हुए वीर सैनिक योद्धा थे। 

उनकी संख्या सैकड़ों में थी। वे सब अस्त्र-शस्त्र से सजे हुए थे। अपनी जान पर खेलकर स्पार्टा के सैनिकों ने यह युक्ति अपनायी थी। भूमि पर कदम रखने वाले ‘ट्रोजन हार्स’ के सैनिकों ने ट्राय के सोते हुए सैनिकों पर हमला बोल दिया। वे भयानक रक्तपात करते हुए, उस स्थान पर पहुंच गए जहां राजकुमार पेरिस और हेलेन ऑफ स्पार्टा, शयनकक्ष में थे। ट्राय के राजकुमार की हत्या करके हेलेन ऑफ ट्राय को कब्जे में कर, ट्राय में आग लगा दी गयी। 

हेलेन ऑफ स्पार्टा को ट्राय किले के मुख्य द्वार पर लाकर, ट्रोजन हार्स के सैनिकों ने ट्राय किले का द्वार बाहर से बन्द कर दिया। 

ट्राय धूं-धूं कर जलता रहा। ट्रोजन हार्स के सैनिकों ने ट्राय के जलपोत पर कब्जा कर, उससे स्पार्टा के लिए वापसी की। 

ट्राय जल रहा था, ट्रोजन हार्स के सैनिक समुन्द्री लहरों पर वापसी का सफर तय कर रहे थे। ट्राय के सैनिकों में विरोध करने वाला कोई न बचा था। ट्रोजन हार्स के सैनिक हेलेन ऑफ स्पार्टा को वापस पाकर खुशियां मना रहे थे।

सभ्य दुनिया के इतिहास का, यह सबसे पहला विशाल युद्ध था, जिसे सम्मान की रक्षा के लिए स्पार्टा वालों ने ट्राय के विरुद्ध लड़ा था। वे इस सम्मान की रक्षा के युद्ध में विजयी हुए थे। 

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