अमीर बनने की टिप्स-खुद को कमजोर न समझें 

अमीर बनने की टिप्स

अमीर बनने की टिप्स-खुद को कमजोर न समझें 

“एक मशीन पचास साधारण आदमियों का काम कर सकती है, लेकिन कोई भी मशीन एक असाधारण आदमी का काम नहीं कर सकती।” -अल्बर्ट हबार्ड

प्रदीप ने अमीर बनने के लिए अपना काम शुरू किया। उसने ऐसा काम चुना जिसमें वह माहिर था। मार्केट में घूमकर कुछ लोगों से बात करके दोस्तों व रिश्तेदारों से सलाह करके उस काम को शुरू किया था। उसने काम को शुरू करने से पहले एक प्रोजेक्ट भी तैयार कर लिया। जिसमें कच्चा माल, कर्मचारी, मजदूरी, ऑफिस खर्च, प्रचार-प्रसार, जनरल खर्च आदि का पूरा ध्यान रखा। इन सबकी तैयारी के बाद भी प्रदीप खुद को कमजोर समझ रहा था। उसे खुद पर विश्वास नहीं था कि वह इस बिजनेस को अच्छे ढंग से संभाल सकता है। 

खुद को कमजोर समझना पिछड़ने की निशानी है। जिस तरह से आप किसी कमजोर घोड़े को रेस में नहीं लगा सकते, क्योंकि आपको पता है कि वह हार जाएगा। उसी तरह खुद को कमजोर समझने वाले अमीरी की रेस नहीं जीत सकते। स्वयं को कमजोर समझने वाले व्यक्ति अमीर बनने का ख्वाब कभी पूरा नहीं कर सकते।

 मैं कमजोर हूं, मैं गरीब हूं, इतना बड़ा कारोबर मैं नहीं संभाल सकता, जैसी बातें आगे बढ़ने के रास्ते बंद कर देती हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं है जो कोई नहीं कर सकता। हर इंसान के अंदर एक प्रकार की शक्ति होती है जो हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। कुछ लोग अपनी उस शक्ति को समझ नहीं पाते हैं, वे किसी भी काम को करने से डर जाते हैं। खुद को उस काम के लिए कमजोर समझने लगते हैं। 

‘जो सोचो सो कैसे पाएं’ के लेखक लिखते हैं कि सोच वह औजार है जिससे आप जिंदगी की जंग जीत सकते हैं या खुद को खत्म कर सकते हैं। कहने का मतलब है कि आप जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं। खुद को कमजोर न समझें। यकीन करें कि आप वह सब कुछ कर सकते हैं जो एक सफल व्यक्ति कर सकता है। 

धीरूभाई अंबानी ने कभी खुद को कमजोर नहीं समझा। यदि वे खुद को कमजोर समझते तो कभी आगे नहीं बढ़ सकते थे। हॉलीवुड की प्रसिद्ध हीरोइन हैले फिल्मों में काम करने के पहले एक डिपार्टमेंटल स्टोर में मामूली नौकरी करती थी। उसने कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं किया। उसने यह कभी नहीं सोचा कि वह एक मामूली-सा काम करती है इसीलिए वह कभी हॉलीवुड की हीरोइन नहीं बन सकती। उसने स्वयं को हमेशा मजबूत माना, तभी वह उस मुकाम को हासिल कर सकी। 

फिल्मों में आने से पहले रजनीकांत बस में कंडक्टर की नौकरी करते थे। ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार फिल्मों में आने के पहले फल बेचा करते थे। घनश्यामदास बिड़ला बिजनेस किंग बनने से पहले एक जूट मिल में काम करते थे। यदि इन लोगों ने खुद को कमजोर समझा होता तो आज उपलब्धि हासिल नहीं कर पाते। 

अमीर बनने के लिए अपने काम को गति देने की व उसे आगे बढ़ाने के लिए मन के अंदर साहस व ताकत होनी चाहिए। जब आप कोई काम शुरू करते हैं तो आप स्वयं बॉस होते हैं। जब बॉस ही कमजोर होगा तो कंपनी आगे कैसे बढ़ेगी? आप कंपनी के सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति हैं। जब आप ही कमजोर रहेंगे तो सारे कर्मचारी भी कमजोर हो जाएंगे। बॉस होकर जब खुद को कमजोर समझेंगे तो दूसरे लोग मजबूत कैसे रहेंगे। स्वयं को कमजोर समझ कर कभी अमीर नहीं बना जा सकता है।

अमीर बनने के लिए स्वयं को अंदर से मजबूत समझना होगा। खुद को मजबूत करने के लिए कोई दवा बाजार में नहीं मिलती है। इसके लिए स्वयं के अंदर मजबूत होने का भाव पैदा करना होगा। 

खुद को प्रेरित कर अंदर से मजबूत बनें। साथ में दूसरों को भी मजबूत करने की कोशिश करें। आपने देखा होगा कि इस बार के फुटबाल वर्ल्ड कप में कई कमजोर टीम ने दुनिया के धुरंधर टीम को बुरी तरह से पछाड़ दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी, कमजोर टीम ने मानसिक तौर पर खुद को पूरी तरह से मजबूत बना लिया था। 

अपने अंदर किसी कोने में छुपे कमजोर शब्द को निकाल कर फेंक दें। कमजोर शब्द को मन में जन्म न लेने दें। किसी भी हाल में खुद को कमजोर न समझें। वही हमेशा जीतते हैं जो अंदर से मजबूत होते हैं। वही अमीर बनते हैं जो अपने को कमजोर नहीं समझते। 

amir kaise bane-नींव मजबूत करें 

“आप कोई भी काम करें, आत्मविश्वास से करें। अगर आपको अपने निर्णय पर भरोसा है तो आपको लक्ष्य पाने से कोई नहीं रोक सकता।” -बिरजू महाराज*

अमीर बनने के लिए आपके पास एक मजबूत और सख्त नींव होनी बहुत जरूरी है। आपकी नींव जितनी ठोस और मजबूत होगी आप उतनी ही ऊंचाई तक इस पर पहुंच सकते हैं। खोखली और कमजोर नींव पर ऊंची इमारत खड़ी नहीं की जा सकती। नींव कमजोर और खोखली होने पर आंधी-तूफान उसे अपने साथ उड़ाकर ले जाते हैं। 

नींव कमजोर होने पर तेज बरसात उसे अपने साथ बहाकर ले जाती है। हल्के-से मूंकप के झटके से वह ताश की पत्तों की तरह ढह जाती है। अमीरी की दौड़ में शामिल होने के लिए एक मजबूत नींव का होना बहुत आवश्यक है। नींव मजबूत न होने पर समस्याओं, परेशानियों के आंधी-तूफान में आप असफल हो सकते हैं। अमीर बनने की ख्वाहिश की ऊंची इमारत को असमय उखड़ने नहीं देना चाहते हैं, तो इसके लिए एक ठोस और मजबूत नींव तैयार करें। 

उदय ने जल्दी से जल्दी अमीर बनने के लिए बिना कुछ सोचे-समझे अपना काम शुरू कर दिया। उसका मानना था कि जैसे-जैसे काम आता जाएगा, वह उसे निपटाता जाएगा और जैसे-जैसे समस्याएं सामने आएंगी उन्हें सुलझाता जाएगा। उदय ने जैसा सोचा वैसा नहीं हुआ। सबसे पहली बात, काफी समय तक उसे कोई काम नहीं मिला। जब काम मिला तो उसके सामने एक के बाद एक नई समस्याएं आती गईं। रोज-रोज की समस्याओं से वह परेशान हो गया। 

बिना नींव के उदय द्वारा काम की शुरुआत उसके लिए महंगी पड़ी। एक के बाद एक आने वाली समस्याओं और परेशानियों की आंधी ने उसके अमीर बनने के ख्वाब को तहस-नहस कर दिया। वह बुरी तरह से टूट गया। उसके पास की जमा पूंजी भी खत्म हो गई। यदि उसने अपना काम शुरू करने से पहले एक ठोस नींव बना ली होती तो उसे असफलता का मुंह नहीं देखना पड़ता। 

धीरूभाई अंबानी भी गरीब थे। सफल व अमीर व्यक्तियों को देखकर उनके मन में भी अमीर बनने का जुनून था। उन्होंने अमीर बनने के लिए अपना काम शुरू करने का निर्णय लिया। आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़े-लिखे धीरूभाई अंबानी ने जब अपनी पहली कंपनी की स्थापना की तो उसकी मजबूत नींव डाली। जिसकी बदौलत उन्हें किसी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ा। कंपनी को आगे बढ़ाने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। 

यदि कंपनी की नींव मजबूत नहीं होती तो धीरूभाई अंबानी इतना बड़ा एम्पायर खड़ा नहीं कर सकते थे। आज उनकी पहली कंपनी के साथ-साथ पांच सौ अन्य कंपनियां और भी चल रही हैं। आज उनकी कंपनी दुनिया की जानी मानी कंपनियों में से एक है। यह भारत की सबसे बड़े कंपनी ही नहीं दुनिया की बड़ी कंपनी के रूप में पहचानी जाती है। आज दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में अनिल अंबानी और मुकेश अंबानी का नाम दर्ज है। यह सब मजबूत नींव का ही नतीजा है। 

अमीर बनने के लिए आपके पास अपना काम शुरू करने के लिए मजबूत नींव है तो आप इसे आसानी से गति दे सकते हैं। नींव की मजबूती से मतलब है आपका आर्थिक पक्ष मजबूत हो, आपके पास कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए ठोस प्लानिंग हो। आपके अंदर जबरदस्त आवेग हो। समस्याओं और परेशानियों से निपटने का सही समाधान हो।

किसी काम को शुरू करने से पहले उसकी नींव मजबूत करें। अपनी ख्वाहिशों की ऊंची इमारत बनाने के पहले उसकी नींव पर ध्यान दें। किसी भी काम को शुरू करने से पहले उस काम से संबंधित सभी बातों की जानकारी पूरी तरह से हासिल कर लें। उसमें खर्च होने वाले रुपये का सही आकलन कर लें। 

काम शुरू करने के बाद उससे संबंधित आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक व अन्य समस्याओं से निपटने के लिए अपने आपको तैयार कर लें। आपकी तैयारी जितनी मजबूत होगी आप उतनी अधिक सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंच सकते हैं। मजबूत नींव पर ही ऊंची इमारत खड़ी कर सकते हैं। कहने का मतलब है कि अमीर बनने के लिए किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए एक मजबूत और ठोस नींव का होना जरूरी है। 

रणनीति जरूरी 

“किसी कार्य की योजना बनाना और फिर उसे परिणाम तक पहुंचाने के लिए एक सैनिक जैसे साहस की आवश्यकता होती है।” -रैल्फ वाल्डो एमरसन

अमीर बनने के लिए एक रणनीति का होना बहुत जरूरी है। आप अमीर बनने के लिए क्या कर रहे हैं, यह ज्यादा मायने नहीं रखता। मायने रखता है कि अमीर बनने के लिए आपकी रणनीति क्या है। यदि आपके पास एक अच्छी रणनीति है तो आप सफलता का झंडा गाड़ सकते हैं। स्टील किंग के नाम से पहचाने जाने वाले दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति लक्ष्मी मित्तल घाटे में चल रहे स्टील प्लांट को बड़ी ही सुनियोजित रणनीति द्वारा लाभकारी बना देते हैं। 

वर्ल्ड टेल के चेयरमैन और सी.ई.ओ. सैम पित्रोदा का कहना है कि ठोस रणनीति से सफलता हासिल की जा सकती है। जिस तरह किसी यात्रा पर निकलते समय यात्रा की वजह, मंजिल और रास्ते पहले से ही तय कर लेते हैं और रास्ते में इस्तेमाल आने वाली जरूरी चीजों को तैयार भी कर लेते हैं। उसी तरह जीवन में अमीर बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महत्वाकांक्षा, उद्देश्य और रणनीति बनाना जरूरी होता है। आपकी रणनीति जितनी ठोस होगी आप उतनी ही जल्दी और आसानी से अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।

इन्फोसिस के नारायण मूर्ति हों या एच.सी.एल. के शिव नाडर, हॉट मेल के साबीर भाटिया हों या विप्रो के प्रेमजी जैसे तमाम लोगों को अद्भुत सफलताएं मिलीं। इसके पीछे एक ही वजह है-एक अच्छी रणनीति। बिजनेस में सफलता पाने के लिए मेहनत से ज्यादा जरूरत होती है पहले से बनाई गई रणनीति की। आप अमीरी की ऊंचाई तक पहुंचना चाहते हैं तो 

एक ठोस रणनीति बनाएं। पूरी दुनिया रणनीति पर चल रही है। जब तक आप एक बेहतर रणनीति नहीं बना लेते तब तक आप अमीरों की सूची में अपना कब्जा नहीं कर सकते हैं। । 

प्रत्येक सफल व्यक्ति की अपनी रणनीति है। मैकडोनल्ड ने अपनी अलग रणनीति बनाई और पूरी दुनिया में छा गए। पारले, ब्रिटानिया, विमल, रेमण्ड हों या गूंची सबकी अपनी-अपनी रणनीति है। जिसकी बदौलत वे अमीरी की दौड़ में टिके हुए हैं। जब आपके पास एक नई व अच्छी रणनीति होगी, तब आप भी अमीरी की दौड़ में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकते हैं। दुनिया को चॉकलेट चिप कुकीज का स्वाद चखाने वाली डेबी ने अमीर बनने के लिए जब अपना पहला स्टोर खोला तो उसके पास पहले दिन कोई भी खरीददार नहीं आया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने काम को सफल बनाने के लिए एक रणनीति अपनाई। उन्होंने शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आने वाले लोगों को मुफ्त में ही कुकीज बांटने शुरू कर दिए। लोगों को कुकीज पसंद आई उनकी सारी कुकीज बिक गईं। 

नेपोलियन की जीत का रहस्य उसकी बड़ी सेना नहीं बल्कि उसके द्वारा बनाई गई ठोस रणनीति होती थी। जिसके द्वारा वह जीत हासिल करता था। एक बार की बात है कि रात के समय नेपोलियन गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक आपातकालीन घंटा बजने लगा। 

नेपोलियन की नींद खुल गई। वे तुरंत बिस्तर से उठकर खड़े हो गए। तभी उनके पास घबराते हुए सेनापति ने आकर बताया कि पड़ोसी राज्य के राजा ने उन पर चढ़ाई कर दी है। अब हम क्या करें? हमने तो इसके लिए कोई रणनीति नहीं बनाई है। 

नेपोलियन ने सेनापति से शांत होने के लिए कहा। उन्होंने मेज पर रखे नक्शे को गौर से देखते हुए कुछ स्थानों पर चिह्न लगाते हुए सेनापति से कहा कि इन ठिकानों पर मोर्चाबंदी कर दो और जवाबी हमला करो। जीत हमारी ही होगी। 

सेनापति आश्चर्य से नेपोलियन को देखता रह गया। नेपोलियन ने मुस्कराकर कहा कि विपत्ति आने से पहले ही रणनीति बनाकर रखनी चाहिए। सेनापति ने रणनीति के तहत मोर्चाबंदी कर जबावी हमला बोल दिया। जैसा कि नेपोलियन ने कहा था, जीत उनकी ही हुई।

 नेपोलियन हमेशा सतर्क, चौकन्ने रहते थे और सूझबूझ से रणनीति तैयार करते थे। जिसकी वजह से उन्हें हमेशा कामयाबी हासिल होती थी और जीत उनके कदमों में होती थी। पहले से बनाई गई ठोस रणनीति सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाती है। जिंदगी की जंग हो या अमीर बनने की जंग बिना रणनीति के कामयाब होना मुश्किल है। 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

11 + twelve =