बड़ा आदमी बनने का तरीका बताओ-बदल कर रख दें

बड़ा आदमी बनने का तरीका बताओ

बड़ा आदमी बनने का तरीका बताओ-बदल कर रख दें

“अब यह सोचने का समय नहीं है कि आपके पास क्या नहीं है। यह सोचें कि जो कुछ भी है, उसके द्वारा आप क्या कर सकते हैं।” -अर्नेस्ट हेमिंग्वे

आपके घरवाले चाहते हैं कि आप अपने पुश्तैनी कारोबार को आगे बढ़ाएं, लेकिन आप उसे करना नहीं चाहते हैं। आप कुछ नया करना चाहते हैं। आप अपनी समस्या का हल निकाल सकते हैं। पुराने ढांचे में बदलाव करके नयापन लाया जा सकता है। पुश्तैनी काम में उत्कृष्टता लाकर आगे बढ़ा जा सकता है।

जावेद हबीब के पिता की दिल्ली में एक छोटी-सी नाई की दुकान थी। जावेद ने इसे बदलकर रख दिया। अपने पारंपरिक काम को नए तरीके से पेश किया। नाई की दुकान की बजाय हेयर स्टाइलिस्ट बन गए। आज सारी दुनिया में जावेद हबीब की मांग है। फिल्म स्टार से लेकर कारपोरेट जगत के लोग जावेद हबीब के पास हेयर स्टाइल (कटिंग) करवाने आते हैं। जावेद की वजह से बालों की कटिंग करने वालों की पहचान हेयर स्टाइलिस्ट के रूप में होने लगी। 

मशहूर पान मसाला कंपनी पान पराग के मालिक शुरू-शुरू में पान मसाला बना कर घर-घर ले जाकर खुला बेचा करते थे। इसके लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती थी। आगे चलकर उन्होंने अपने इस काम में बदलाव किया और पान मसाला डिब्बे में पैक करके बेचने लगे। इससे उनके ग्राहक काफी बढ़ गए, लेकिन उन्हें इससे संतुष्टि नहीं मिली। उन्होंने एक दिन सोचा कि यदि पान मसाले को छोटे-छोटे पाउच में बेचा जाए तो अधिक लाभ मिल सकता है। उनका यह आइडिया कारगार सिद्ध हुआ। 

देखते ही देखते पान पराग पूरे देश में छा गया। पचास पैसे व एक रुपये वाले पान पराग के पाउच पूरे देश में छा गए। एक छोटा-सा बिजनेस करोड़ों की टर्न-ओवर में पहुंच गया। उन्होंने अपने पुराने काम में ही फेर बदलकर उसे नए रूप में प्रस्तुत किया। 

पुराने काम में भी थोड़ा-सा बदलाव लाकर ही काफी अच्छा किया जा सकता है। यह आपके ऊपर निर्भर है कि आप उसे किस तरह से करते हैं। 

एमडीएच मसाला कंपनी के मालिक घर पर हाथ से कूट कर मसाला तैयार करके फेरी लगा कर इसे बेचा करते थे। लोगों को बिना किसी परेशानी के घर बैठे पिसा-पिसाया मसाला मिल जाता था। उनकी मांग बढ़ने लगी। मांग बढ़ने से नियमित ग्राहकों के यहां समय से पहुंच नहीं पाते थे। उन्होंने 

सोचा कि क्यों न मसालों के छोटे-छोटे पैकेट बनाकर दुकानों में सप्लाई किए जाएं। जिससे हर कोई शुद्ध मसाला बिना किसी परेशानी के प्राप्त कर सके। देखते ही देखते एक घरेलू उद्योग कंपनी में बदल गई। आज इस कंपनी का टर्न-ओवर करोड़ों में है। 

मैकन कहते हैं कि अधिकतर लोग घिसे-पिटे रास्ते पर चल कर सफलता हासिल करना चाहते हैं। पर ऐसा करना मुश्किल होता है। समय के साथ उसमें बदलाव की जरूरत होती है। 

जमाना कंप्यूटर युग का है। जिस गति से दुनिया तरक्की कर रही है, उस गति से आपको भी चलना होगा। नहीं तो आप उनसे काफी पीछे रह जाएंगे। पुराने या घिसे-पिटे रास्तों पर चल कर आज तक कोई सफल नहीं हो पाया है। समय के साथ जब आप बदल जाते हैं तो सफलता आपके पास चल कर आती है। 

सर इयान मडोक के शब्दों में पुरानी परंपराओं, पुराने भवनों, प्राचीन संस्कृति और जीवन शैली की कद्र करनी चाहिए। उन्हें दिल में संजोए रखना अच्छी बात है। लेकिन टेक्नोलॉजी और प्रबंधन के संसार में निर्णय की पुरानी विधियों, पुरानी उत्पाद लाइनों, पुराने बाजारों या पुरानी मानसिकताओं से चिपके रहना आत्महत्या का नुस्खा है। 

पुराने या पुश्तैनी काम बुरे नहीं होते हैं। समय के साथ उनमें बदलाव लाकर उन्हें नए रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं। इससे मार्केट में अच्छा रिस्पांस मिलता है। हो सकता है यह नयापन आपकी लाइफ को बदल कर रख दे। 

Amir kaise bane hindi- गलती से सबक लें

“अपनी सफलताओं के बजाय मैंने अपनी असफलताओं से अधिक सीखा है।” -सर हम्फी  डेवी

बिजनेस में कभी भी किसी से गलती हो सकती है। यह गलती आप से हो सकती है, कर्मचारियों से हो सकती है। इन गलतियों पर यदि ध्यान दें तो आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। गलती होने पर सजा देने की बजाय यह जानने की कोशिश करें कि गलती क्यों हुई, कैसे हुई। उन गलतियों पर ध्यान दें। उससे सीख लें, ध्यान रखें कि ऐसी गलती भविष्य में न हो।

अपनी गलती को स्वीकार करने का साहस भी करें। लोग गलतियां तो करते हैं लेकिन उसे स्वीकार करने का साहस अधिकतर लोग नहीं कर पाते और अपनी गलती को छुपा जाते हैं। गलती को स्वीकार करने की बजाय जो गलतियों को छुपाते हैं, वे आने वाले दिनों में उससे भी अधिक गलतियां करते हैं।

गलतियों पर गलतियां करने की वजह से उनका मनोबल गिरता जाता है। गलतियों के कारण सफलता आप से कोसों दूर होती जाती है। गलती होने पर उसे स्वीकार करें और उसका विश्लेषण करें। इससे गलतियों को सुधारने का मौका मिलेगा। अपनी गलती से सबक लें। जिससे भविष्य में उस तरह की गलतियां दुबारा न हों। 

अपनी गलती को किसी अन्य पर कभी न थोपें। यह एक बुरी आदत है। कुछ लोग इस बुरी आदत के शिकार होते हैं। वे अपनी गलती को छिपा कर अपने कर्मचारियों पर लगा देते हैं। यह आदत खराब होती है। अपनी गलती को दूसरों पर थोप देने से उनका मनोबल गिरता है। उनके अंदर आपके प्रति वैमनस्यता उत्पन्न होती है। ऐसा करने से हमेशा बचें। विदेशों में अक्सर देखा होगा कि लोग अपनी गलती को चर्च के पादरी के सामने स्वीकार लेते हैं। इससे उनके दिल का बोझ हल्का हो जाता है। 

ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिलेगा जिसने अपने जीवन में कोई गलती नहीं की है। महात्मा गांधीजी से भी गलतियां हुई थीं। उन्होंने अपनी उन गलतियों को स्वीकार भी किया है। गलती से तभी कुछ सीखा जा सकता है जब गलती को स्वीकार किया जाए। 

खिलाड़ी गलतियों से ही सीखते हैं। जो खिलाड़ी अपनी गलती को समझ जाते हैं, वे कभी दोबारा उस गलती को दोहराने की कोशिश नहीं करते। वे सफल खिलाड़ी बन जाते हैं। गलतियों पर गलतियां करने पर खिलाड़ी को आगे मौका नहीं दिया जाता है। खिलाड़ी दूसरों की गलतियों को देखकर अपनी रणनीति बनाते हैं। क्रिकेट के गेंदबाज बल्लेबाज को आउट करने के लिए उसकी गलतियों पर ध्यान देते हैं। जब वे बल्लेबाज की गलती जान जाते हैं, उसे जल्दी आउट कर देते हैं। 

छोटा हो या बड़ा गलतियां किसी से भी हो सकती हैं। गलती के लिए सजा देने के बजाय यह जानने की कोशिश करें कि यह गलती कैसे हुई। पहली बार में उसे चेतावनी देकर छोड़ें। उस पर ध्यान रखें कि कहीं वह साजिश का शिकार तो नहीं हो गया है। यदि किसी ने जान-बूझकर गलती की है तो यह जानने की कोशिश करें कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। कहीं वह कंपनी के कोई खास अधिकारी द्वारा शोषण तो नहीं किया जा रहा, जिसकी वजह से वह ऐसा कर रहा हो। 

गलतियों के प्रति सावधान भी रहें। कुछ लोग गलती करने के लिए उकसाते भी हैं। जब आपका बिजनेस अच्छे ढंग से चल रहा हो या न चल रहा हो तो कोई भी आपको कुछ नई सलाह देकर उकसा सकता है। ऐसे में संभलकर रहने की आवश्यकता होती है। कहीं ऐसा न हो कि सब्जबाग दिखाकर वह सामने से लाभ ले रहा हो। जल्दबाजी और हड़बड़ाहट में भी कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए, इससे गलतियां हो सकती हैं। महत्त्वपूर्ण फैसला जल्दबाजी में न करें। इसके लिए समय लें।

रियलिटी शो में एक लड़की परफॉर्म करने गई। रिजल्ट जब सुनाया गया तो वह भड़क उठी। उसे द्वितीय स्थान मिला था। उसका कहना था कि निर्णायकों का फैसला गलत है। उसने एवार्ड लेने से इंकार कर दिया। समय बीतता गया। एक दिन उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उस दिन उसकी परफॉर्मेंस अन्य दिनों की तुलना में खराब थी। उसने उस दिन जो व्यवहार किया, वह भी गलत था। वह अपनी गलतियों को स्वीकार करती है। यह लड़की थी राखी सांवत। राखी सांवत अपनी गलती को स्वीकार करके लाखों दिलों की चहेती बन गई। 

  • गलतियों से सीखें। गलती मान कर उसका विश्लेषण करें। भविष्य में 
  • उन गलतियों को न दोहराएं। 
  • गलतियों का बोझ मन में न रखें। गलतियां किसी से भी हो सकती हैं। इसे स्वीकार करें। 

अपनी ही गलती को स्वीकार करके सीख सकते हैं। ऐसा नहीं है। हम दूसरों की गलती से भी सबक ले सकते हैं।

दूसरों की गलती से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। दूसरों की गलती से सबक लेना बहुत बड़ी बात है। दुनिया के अमीर लोगों में शामिल लक्ष्मी मित्तल दूसरों की गलतियों से सीख लेने में अव्वल नंबर पर हैं। उन्होंने दूसरों की गलतियों से सबक लेकर अपना इतना बड़ा एम्पायर खड़ा किया। लक्ष्मी मित्तल बंद पड़ी स्टील कंपनियों को खरीदते हैं और उसकी गलतियों का विश्लेषण करके उन गलतियों को दूर करते हैं। उन्होंने ऐसी अनेक बंद पड़ी कंपनियों को खरीदा, उन्हें पुनः शुरू कर भरपूर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते लक्ष्मी मित्तल अमीरी की श्रेणी में आ गए। 

इससे यह शिक्षा मिलती है कि दूसरों की गलतियों से भी सीखा जा सकता है। मतलब दूसरों की गलती को जानकर उसमें सुधार लाकर बंद कार्य को शुरू कर फिर से कमाई के लायक बनाया जा सकता है। बुकर कहते हैं कि सफलता जीवन में उपलब्धियों द्वारा नहीं, बल्कि गलतियों से हमने क्या सीखा उससे नापी जानी चाहिए। आप भी गलतियों को स्वीकार करके और उन्हें दूर करके अमीर बन सकते हैं। 

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