टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया?

टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया?

टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया? Telescope ka avishkar kisne kiya

दूरदर्शी का आविष्कार सत्रहवीं शताब्दी में माना गया है। सत्रहवीं शताब्दी से पूर्व जिन दूरदर्शी का निर्माण किया गया था, उनका प्रदर्शित प्रतिबिम्ब की गुणवत्ता बहुत खराब होती थी। सोलहवीं शताब्दी में जन्म डच के नागरिक हेन्स लिपरशे चश्मे बनाया करते थे। सन् 1606 ई. में एक दिन काम करते हुए हैन्स ने दो लैंस हाथ में लिए और एक-दूसरे से कुछ दूरी पर रखकर उनके आर-पार देखा। उसके आश्चर्य की सीमा नहीं रही। उन्हें दूर की वस्तुएं पास दिखाई दे रहीं थीं। वही सबसे पहला दूरदर्शी लैंस था। 

टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया?

तत्पश्चात् हैन्स ने दो लैंसों को एक नली के विपरीत किनारों पर लगाया तथा उस नली के आर-पार देखने लगे। जब उन्होंने लैंसों की दूरी समायोजित की, तो उन्हें दूर की वस्तुएं साफ दिखाई देने लगीं, उनके द्वारा बनाया गया, वह दूरदर्शी युद्ध में बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ। उस यंत्र की सहायता से शत्रु के जलयानों और सेनाओं को आवर्धित करके देखा जाना सम्भव हो गया था। डच सरकार ने उनके उस आविष्कार के लिए उन्हें नौ सौ फ्लोरिन की धनराशि इनाम में दी थी। सन् 1606 ई. के अन्त में वह यंत्र लंदन, पेरिस, जर्मनी व इटली के बाजारों में बिकने के लिए जा पहुंचा। _कुछ लोग दूरदर्शी के आविष्कार का श्रेय गैलीलियो गैलिली को देते हैं, किन्तु यह सही नहीं है। वास्तव में सबसे पहले दूरदर्शी का आविष्कार हैन्स लिपरशे ने किया था। 

दरअसल, सन् 1609 ई. में इटली के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और ज्योतिष शास्त्री गैलीलियो ने अपना खुद का दूरदर्शी बनाया था। उन्होंने अपने द्वारा बनाए हुए दूरदर्शी से सबसे पहले आकाश की ओर देखा। उन्होंने देखा कि चन्द्रमा की सतह जो पृथ्वी से देखने पर चिकनी दिखाई देती है, वह वास्तव में ऊबड़-खाबड़ है। उन्होंने शुक्र ग्रह को देखा और शनि के छल्लों को भी देखा। 

गैलीलियो का बनाया हुआ दूरदर्शी यंत्र हैन्स के बनाए दूरदर्शी यंत्र की अपेक्षा बहुत अच्छा था। इसके अलावा एक सच्चाई यह भी है कि गैलीलियो ने हैन्स लिपरशे का दूरदर्शी यंत्र नहीं देखा था।

 

टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया?

 गैलीलियो ने अपने निर्मित दूरदर्शी यंत्र में काफी सुधार किए और उसे आकर्षक बनाया। उनका बनाया गया मॉडल बाजार में तेजी से बिकने लगा। खुद गैलीलियो ने हजारों की संख्या में अपने हाथ से दूरदर्शी यंत्र बनाए और उन्हें पूरे यूरोप में बेचा। उनकी इस खोज के फलस्वरूप वेनिस की सरकार ने पुरस्कार देकर उनकी आय तीन गुणा बढ़ा दी। वह एक समर्थ गणितज्ञ और मैकेनिक थे। सबसे बड़ी और महत्त्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने दूरदर्शी-यंत्र का जो उपयोग किया, उससे उनके आविष्कार की महत्ता और भी बढ़ गई थी। 

उन दिनों प्रत्येक व्यक्ति यही सोचता था कि पृथ्वी ब्रह्माण्ड का केन्द्र है। सूर्य, ग्रह और तारे पृथ्वी के चारों ओर ही घूमते हैं। उन दिनों आकाशगंगा को प्रकाश-पट्टी और चन्द्रमा को चपटा समझा जाता था। सच्चाई का पता लगाने के लिए गैलीलियो ने अपने दूरदर्शी यंत्र का सहारा लिया। जब उन्होंने दूरदर्शी यंत्र से देखा, तो उन्हें पता चला कि सारी धारणाएं गलत हैं। उन्होंने देखा-चन्द्रमा पर पहाड़ है। सूर्य अपनी धुरी पर घूमता है। चन्द्रमा की भांति बृहस्पति ग्रह में भी चन्द्रमा है। उन्होंने यह भी देखा कि आकाशगंगा अलग तारों से बनी हुई है।

अपने सारे अध्ययन व अनुसंधानों के आधार पर गैलीलियो ने एक पुस्तक लिखी। उसमें उन्होंने दूरदर्शी यंत्र से जो कुछ देखा था, उन सबका विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि वास्तव में पृथ्वी एक छोटा ग्रह है। पृथ्वी उपग्रहों के साथ सूर्य के चारों ओर घूमती है।

टेलिस्कोप का आविष्कार किसने किया?

गैलीलियो के कुछ शत्रुओं ने कैथोलिक समुदाय के अधिकारियों से शिकायत की कि गैलीलियो का कथन बाइबिल का खण्डन करता है। इसके चलते गैलीलियो के विरोध में एक अभियान चल पड़ा। लोगों का अन्धविश्वास गैलीलियो को भारी पड़ा और उसे रोम जाकर अपना बचाव करना पड़ा। उन्हें इस चेतावनी के साथ छोड़ा गया कि तुम ऐसा कुछ नहीं लिखोगे, जिससे हमारे पवित्र धर्मग्रन्थ ‘बाइबिल’ का अपमान हो। 

गैलीलियो रोम से वापस आकर व्याख्यान देते रहे और अपने दूरदर्शी यंत्र का उपयोग करते रहे। वह बराबर यही सोचते रहे कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। 

इस घटना के सोलह वर्षों बाद गैलीलियो ने एक पुस्तक लिखी, जिसमें उन्होंने इस तथ्य को सिद्ध करते हुए लिखा कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। इसी के साथ उन्होंने यह भी लिखा कि यह तथ्य बाइबिल की किसी बात का खण्डन नहीं करता। 

समय बीतने के साथ-साथ दूरदर्शी यंत्र का भी आधुनिकीकरण हुआ, किन्तु उससे पूर्व अट्ठारहवीं शताब्दी में अधूरे सर्वेक्षित आकाश की छानबीन करने के लिए जर्मनी के खगोलशास्त्री फ्रेडिक विलियम हर्शेल ने सन् 1774 ई. में स्वयं 5.5 फीट का दूरदर्शी यंत्र बनाया। इसके बाद तो उन्होंने एक से बढ़कर एक दूरदर्शी यंत्र बनाए। उस समय हर्शेल विश्व के सबसे बड़े दूरदर्शी यंत्र के निर्माता माने जाते थे। उनकी सबसे बड़ी दूरदर्शी 40 फीट की थी। एक बार तो ऐसा हुआ कि उन्होंने दूरदर्शी यंत्र में लगाने हेतु सात फीट का लैंस तैयार करने के लिए लगातार सोलह घण्टे काम किया। अपना काम करते समय हर्शेल को न खाना खाने का होश रहता था और न आराम करने का। 

हर्शेल ने अपने दूरदर्शी से 13 मार्च, सन् 1781 ई. में यूरेनस की खोज की। उनकी इस अद्वितीय और अप्रत्याशित खोज से विस्मित व प्रसन्न होकर यूनाइटेड किंगडम और आयरलैण्ड के राजा जार्ज-तृतीय ने हर्शेल को शाही खगोलविद् नियुक्त किया। राजा के संरक्षण में हर्शेल ने पहले से अधिक, 48 इंच बड़े लैंस की दूरदर्शी बनाई, जिसकी फोकस दूरी अधिक थी। 

वर्तमान में नई पद्धति द्वारा ऐसे-ऐसे दूरदर्शी तैयार किए जा चुके हैं, जो अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसंधान में प्रयोग हो रहे हैं। हबल नामक अन्तरिक्ष दूरदर्शी एक ऐसा दूरदर्शी है, जो अन्तरिक्ष में घूमता रहता है तथा वहां के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करता रहता है।

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