टेलीफोन कैसे काम करता है-Telephone kaise kam karta hai

टेलीफोन कैसे काम करता है

टेलीफोन कैसे काम करता है?-Telephone kaise kam karta hai

टेलीफोन कैसे काम करता है- आज टेलीफोन संसार में संचार का महत्वपूर्ण साधन है। इसके द्वारा कुछ ही पल में अच्छी-बुरी खबर संसार के किसी भी भाग में पहुंचाई | जा सकती है। टेलीफोन किस प्रकार से काम करता है। आइए, इसे जानने का प्रयास करते हैं। 

टेलीफोन कैसे काम करता है

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टेलीफोन के दो मुख्य भाग होते हैं, पहला होता है बोलने और सुनने का यंत्र। इसके जिस सिरे को मुंह के पास रखकर बोला जाता है उसे ‘माइक’ कहते हैं। और दूसरे सिरे को, जिसे हम कान से लगते हैं, ‘रिसीवर’ कहा जाता है। दूसरा भाग टेलीफोन की मशीन होता है, जिससे नंबर डायल किए जाते हैं। 

जब हम किसी को टेलीफोन करते हैं, तो टेलीफोन के पहले भाग में लगा माइक हमारी आवाज को बिजली की तरंगों में बदल देता है। ये तरंगें जब दूसरे व्यक्ति के रिसीवर में पहुंचती हैं, तो फिर से आवाज में बदल जाती हैं। आवाज को बिजली की तरंगों और बिजली की तरंगों को आवाज में बदलने का कार्य टेलीफोन के माइक और रिसीवर में लगी धातु की एक बहुत ही पतली प्लेट करती है, जिसे हम ‘डॉयफ्राम’ कहते हैं।

जब डायफ्रॉम से हमारी आवाज टकराती है तो वह थरथराने लगता है। इस थरथराहट से उसमें दौड़ता करंट भी तेज-मंदा होता है। यही करंट जब दूसरे व्यक्ति के रिसीवर में लगे डायफ्राम में पहुंचता है तो उसमें भी पहले जैसी थरथराहट होती है जिसके परिणामस्वरूप हम आवाज सुन पाते हैं।

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