सिर कटा भूत का रहस्य-sir kata bhoot Ka rahasya

sir kata bhoot Ka rahasya

सिर कटा भूत का रहस्य-sar kata bhoot Ka rahasya

एने बोलेन इंग्लैंड के राजा किंग हेनरी अष्टम की दूसरी पत्नी थी। किंग हेनरी अष्टम की इच्छा थी कि उसके एक बेटा हो। लेकिन हर बार उसके घर बेटी का ही जन्म होता था। इसी कारण उसे अपनी पहली पत्नी को तलाक देना पड़ा। तलाक की प्रक्रिया में ही उसे कई साल लग गए थे, लेकिन आखिर उसे अपनी पत्नी से तलाक मिल ही गया ताकि वह दूसरा विवाह कर सके। लेकिन दूसरी पत्नी एने बोलेन भी उसे एक बेटा न दे सकी। इससे वह बहुत दुखी हो गया।

उसे पता था कि अब उसे कानूनन दूसरी बार तलाक नहीं मिल सकता, इस कारण उसने एने पर राजद्रोह का झूठा आरोप लगाया। 

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तेजी से चले मुकदमे में एने को राजद्रोह का दोषी करार दिया गया क्योंकि किंग हेनरी के कोप से सभी जज डरते थे। एने को लंदन टॉवर में ले जाकर उसका सिर कलम कर दिया गया। उसके बाद से उसका भूत लंदन टॉवर में दिखाई देने लगा। वह लोगों को अपने हाथ में अपना ही सिर लिए घूमती दिखाई देती थी। लोगों ने उसे बिना सिर के घोड़ागाड़ी में बैठ कर इंग्लैंड में ब्लिकिंग हॉल जाते हुए देखा। वहीं वह जन्मी थी और अपना बचपन भी उसने वहीं बिताया था।

अक्सर एने का भूत मौत की सजा दिए गए दिन की बरसी पर ही दिखाई देता था। लंदन टॉवर में ही राजा का हीरों जड़ा ताज भी रखा था जिसकी चौकसी के लिए वहां संतरी लगाया गया था। हालांकि टॉवर में कड़ी सुरक्षा थी, फिर भी एक दिन उस संतरी को आधी रात को वहां एक औरत घूमती हुए दिखाई दी। 

संतरी औरत का साया देख कर घबरा गया। उसने आवाज देकर उसे रोकना चाहा, लेकिन जब वह नहीं रुकी तो उसने अपनी बंदक की संगीन उसके जिस्म में सड़ दी। लेकिन वह यह देख कर पसीने-पसीने हो गया कि संगीन उस औरत के जिस्म के आर-पार चली गई। उसने यह भी देखा कि उस औरत का सिरविहीन वह धड़ चला जा रहा था। खून से सनी गर्दन पर केवल हैट रखा था। 

संतरी यह देख कर बेहोश हो गया। सुबह उसके अधिकारी ने उसे जगाकर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार करके उसका कोर्ट मार्शल कर दिया गया। कोर्ट मार्शल की कार्रवाई के दौरान जब उसने सिरविहीन एक औरत के वहां होने की बात बताई तो उसे झूठा करार दिया गया और उसे मौत की सजा सुनाई गई। 

जब उसे मौत की सजा सुनाई गई तो पहरे पर तैनात दूसरे संतरियों ने जज को बताया कि उन्होंने भी लंदन टॉवर में एक औरत के सिरविहीन धड़ को घूमते देखा है। 

जज ने उनके बयान पर यकीन करके सजायाफ्ता संतरी को छोड़ दिया। साथ ही यह आदेश भी दिया कि उस संतरी की ड्यूटी भविष्य में लंदन टॉवर में न लगाई जाए। इस घटना का वर्णन लंदन टॉवर पर लिखी एक पुस्तक में भी किया गया है। लंदन टॉवर में आज भी वह ताज रखा है। यदि आप हिम्मतवाले हैं तो वह हॉल भी देख सकते हैं जहां कभी एने बोलेन का धड़ दिखाई दिया था।

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