शिक्षाप्रद कहानियां-सबसे सुखी व्यक्ति

शिक्षाप्रद कहानियां-सबसे सुखी व्यक्ति

शिक्षाप्रद कहानियां-सबसे सुखी व्यक्ति

बहुत समय पहले की बात है। जय नगर राज्य में राजा विक्रम सिंह शासन करता था। राजा को धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी। खजाना स्वर्ण मुद्राओं से भरा पड़ा था। बहुत ही सुंदर और आलीशान महल था। परंतु यह सब होने के बावजूद भी राजा प्रसन्न नहीं था। उसने प्रसन्न रहने के लिए सुख-सुविधा की तमाम चीजें जुटाईं। पुराने महल की जगह एक संगमरमर के पत्थरों से जडित महल बनवाया। महल में तमाम सुख-सुविधाओं का प्रबंध किया। उसने पडोसी राज्य विक्रम नगर के राजा अजय सिंह की सुंदर पुत्री राजकुमारी सुकन्या से विवाह रचाया, परंतु राजा विक्रम सिंह के मन को शांति नहीं मिली। वह हमेशा इसी सोच में डबा रहता था कि क्या उपाय किया जाए जिससे कि उसे शांति और सख मिल जाए। 

धीरे-धीरे समय बीतता रहा। समय बीतने के साथ राजा विक्रम सिंह को सुखी रहने का कोई उपाय नजर नहीं आया, तो एक दिन उसने अपने दरबारियों को झिड़क दिया। वह बोला, “तुम इतने लोग दरबार में बैठे हो, तुम्हें इस बात का पता क्यों नहीं है कि मैं सुखी क्यों नहीं रह पाता हूं? आप लोग कोई उपाय क्यों नहीं बताते कि मुझे क्या करना चाहिए?” 

राजा विक्रम सिंह को गुस्से में देखकर सारे दरबारी सहम गए थे। उनमें से एक दरबारी, जो बुद्धि से तेज माना जाता था, ने हिम्मत कर कहा, “महाराज! मेरी आपको एक सलाह है। आप जब भी कोई काम नहीं कर रहे हों तब आपको कोई खेल खेलना चाहिए, इससे आपको सुख प्राप्त होगा।” 

इस पर राजा क्रोधित हो गया, “नहीं, मैं ऐसा थका देने वाला काम नहीं कर सकता।” 

तब एक दूसरे दरबारी ने कहा, “महाराज आपको खाली समय में नीले आकाश को निहारना चाहिए। इससे आपके दिल को शांति मिलेगी।” 

दरबारी के इस सुझाव पर तो विक्रम सिंह उबल ही पड़ा। वह गुस्से से चिल्लाया, “नहीं, मैं जब भी आकाश की तरफ देखता हूं, मुझे चंद्रमा और तारे नज़र आते है|उनको देखकर क्रोध से मेरा हृदय फटने लगता है, क्योंकि मैं उन्हें नजर आते हैं। उनको देखकर क्रोध से मेरा हरा किसी भी प्रकार से प्राप्त नहीं कर सकता।” 

राजा का क्रोध भरा उत्तर सुनकर सब दरबारियों में मौन छा गया। जब काफी देर तक चुप्पी छाई रही तो एक बुजुर्ग दरबारी ने कहा, “महाराज, संगीत के बारे में आप क्या सोचते हैं? संगीत दुखी व्यक्ति को राहत देता है। वह मनुष्य को प्रसन्न कर देता है। हम आपको प्रतिदिन उत्तम कोटि का मनोहारी संगीत सुनाएंगे।” 

दरबारी का सुझाव सुनकर राजा विक्रम सिंह तैश में आकर खडा हो गया “क्या तुम लोग मुझे दिन-रात संगीत सुनाकर पागल करना चाहते हो? क्या एकदम मूर्खो जैसी बातें कर रहे हो?” फिर राजा दरबार से उठकर अपने आराम कक्ष में चला गया। 

राजा विक्रम सिंह के दरबार से चले जाने के बाद अधिकतर दरबारी भी उठकर बाहर चले गए। परंतु विनयपाल नामक एक दरबारी वहीं बैठा कुछ सोचता रहा। काफी देर सोच-विचार के बाद वह राजा विक्रम सिंह के आराम-कक्ष में गया। वहां जाकर उसने कहा, “महाराज, मुझे एक उपाय सूझा है। अगर आप वह काम कर लें तो आप अवश्य ही सुखी रहने लगेंगे।” 

राजा विक्रम सिंह ने उत्सुक होकर पूछा, “जल्दी बताओ क्या उपाय है? मैं किसी भी तरह सुखी रहना चाहता हूं।” 

“बहुत ही सरल उपाय है महाराज! आप अपने राज्य में एक सुखी व्यक्ति की तलाश करवाकर उसकी कमीज उतरवाकर स्वयं पहन लें। इससे उस व्यक्ति का सारा सुख आप में प्रविष्ट हो जाएगा।” 

उस दरबारी का यह उपाय राजा विक्रम सिंह को बहुत पसंद आया। उसने उसी समय सेनापति को आदेश देकर राज्य की हर दिशा में सुखी व्यक्ति की तलाश में सैनिकों को दौड़ा दिया। सैनिक कई दिनों तक ऐसे व्यक्ति को तलाशते रहे, जो पूर्ण रूप से सुखी हो, परंतु उन्हें कामयाबी नहीं मिली। 

अंत में कई दिनों की खाक छानने के बाद एक छोटे से गांव में एक व्यक्ति मिला, वह एक छोटी सी टूटी हुई झोपड़ी के सामने बैठ मुस्कराते हुए गाना गा रहा था। पूछने पर उसने सैनिकों को बताया कि वह दुनिया का सबसे सुखी व्यक्ति है। सैनिकों ने उसे साथ चलने और राजा को भी अपने सुख का राज बताने को कहा। 

कई दिनों की यात्रा के बाद सैनिक उस व्यक्ति को लेकर राजधानी पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने इस बारे में राजा को सूचना दी। यह समाचार पाते ही राजा व्याकुल हो उठा। वह मन-ही-मन बुदबुदाया, ‘अब मैं सबसे सुखी व्यक्ति बन जाऊंगा।’ उसने तुरंत सैनिकों को आदेश दिया कि वे उस व्यक्ति को अंदर ले आएं। राजा ने पहले ही अपनी कमीज उतार ली, जिससे वह उस व्यक्ति की कमीज को तुरंत पहन सके। 

तभी द्वार खुला और वह व्यक्ति उसमें प्रविष्ट हुआ। राजा ने कहा, “आओ दोस्त, जरा अपनी कमीज उतारकर मुझे दो।” 

 इस पर वह व्यक्ति मुस्कराया और राजा के पास खड़ा हो गया। हाय यह क्या? राजा ने उसे देखा तो वह आश्चर्य में पड़ गया। दुनिया के सबसे सुखी व्यक्ति के तन पर कोई कमीज ही नहीं थी। वह निहायत गरीबी और अभाव में भी खुश था। अब राजा की समझ में आ गया कि सुखी होने के लिए धन-दौलत और वैभव की जरूरत नहीं होती। 


Enlightening stories – happiest person

It was a long time ago. Raja Vikram Singh ruled in Jai Nagar kingdom. The king had no shortage of wealth. The treasury was replete with gold currencies. The palace was very beautiful and luxurious. But despite all this, the king was not happy. He collected all the things of pleasure to be happy. Instead of the old palace, a palace built with marble stones was built. Arranged all the amenities in the palace. He married Princess Sukanya, the beautiful daughter of Raja Ajay Singh of the neighboring state of Vikram Nagar, but King Vikram Singh did not find peace. He was always submerged in the same idea of ​​what measures should be taken so that he would get peace and hard.

Time passed slowly. With the passage of time, Raja Vikram Singh could not see any way to be happy, so one day he rebuked his courtiers. He said, “You are sitting in the court, why don’t you know why I am not happy? Why don’t you tell me what I should do?”

Seeing Raja Vikram Singh in anger, all the courtiers were scared. One of them, a courtier who was considered to be faster than intellect, dared to say, “Maharaj! I have a suggestion. You should play a game whenever you are not doing any work, it will give you pleasure.”

The king was furious at this, “No, I cannot do such a tiring task.”

Then another courtier said, “Maharaj, you should look at the blue sky in your spare time. It will bring peace to your heart.”

On this suggestion of courtier Vikram Singh was boiled down. He shouted angrily, “No, whenever I look up at the sky, I see the moon and the stars. Seeing them my heart bursts with anger, because I see them. Seeing them makes me green with anger. Cannot get by type. “

Hearing the rage of the king, there was silence in all the courts. When silence prevailed for a long time, an elderly courtier said, “Maharaj, what do you think about music? Music gives relief to a miserable person. He makes a man happy. We give you the best quality music every day Will tell.

Hearing the suggestion of the court, Raja Vikram Singh stood up in a tense “Do you want to drive me crazy by listening to music day and night? Are you talking like fools?” Then the king got up from the court and went to his rest room.

Most of the courtiers also got up and went out after Raja Vikram Singh left the court. But a courtier named Vinaypal kept thinking there. After much deliberation, he went to the rest room of King Vikram Singh. Going there, he said, “Maharaj, I have figured out a solution. If you do that work then you will definitely be happy. “

Raja Vikram Singh asked anxiously, “Quickly tell me what is the solution? I want to be happy anyway.”

“Very simple solution, Maharaj! After searching for a happy person in your state, take off your shirt and wear it yourself. This will bring all the happiness of that person to you.”

Raja Vikram Singh liked this measure of that court very much. At the same time he ordered the commander and ran the soldiers in every direction of the state in search of a happy person. The soldiers kept searching for a person who was completely happy, but did not get success.

Finally, after searching for several days, a person was found in a small village, singing smilingly in front of a small broken hut. When asked, he told the soldiers that he was the happiest person in the world. The soldiers told him to follow along and also tell the king the secret of his happiness.

After several days of travel, soldiers took the person to the capital. After reaching there, he informed the king about this. The king got distraught after getting this news. He muttered, “Now I will become the happiest person.” He immediately ordered the soldiers to bring the man inside. The king already took off his shirt, so that he could immediately wear the person’s shirt.

Then the door opened and that person entered it. The king said, “Come on friend, take off your shirt and give it to me.”

At this the person smiled and stood near the king. Hi what is this? When the king saw him, he was surprised. There was no shirt on the body of the happiest person in the world. He was happy even in the extreme poverty and lack. Now the king understood that to be happy there is no need for wealth and wealth.

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