शिक्षाप्रद कहानियाँ-गरीब विधवा

शिक्षाप्रद कहानियाँ,

गरीब विधवा

एक गांव में एक विधवा महिला रहती थी जो बहुत गरीब थी। विधवा कमला देवी अपने दो बच्चों के साथ गरीबी का जीवन बता रहे थी। अब तक जो भी जमा फौजी उसके पास थी वह सभी खर्च हो चुकी थी। उसके पास आय का एकमात्र सहारा गाय थी जो वह भी मर गई। विधवा कमला देवी बहुत परेशान हो गई आखिर करे तो क्या करें तब मैं जीवन कैसे बिताए।

वह सोचती थी कि बस एक ही रास्ता है अगर भगवान हमें एक गाय दे दे जिसके सहारे हम जी सके।

एक बार उनके पड़ोसी उनकी यह हालत देखकर उनसे कहा विश्वास और हिम्मत से काम करो, ईश्वर तुम्हारी मदद जरूर करेगा।

कमला देवी ने निराश होकर कहा हम करे तो क्या करें हमें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अपने दो बच्चों को कैसे पालेंगे।

तभी पड़ोसी महिला ने कहा तुम अपनी आमदनी बढ़ाने का तरीका बदलो।तुम सभी कढ़ाई- बुनाई का काम बहुत अच्छी तरह से जानती हो इस काम को तुम  अतिरिक्त चार पांच घंटा का समय  बढ़ा दो ताकि अच्छी आमदनी आ सके। और उस कमाए धन को जमा करो।

और दूसरी बात यह है कि तुम सभी अपनी चाय का खर्चा कम करो । यदि हो सके तो तुम रोज सुबह दलिया बनाकर उसका पानी पियो यह तुम्हारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा होगा और बचत भी होगा।इस तरह इन छोटी-छोटी बचत के साथ तुम्हारे पास दूसरी गाय खरीदने के लिए रकम हो जाएगी।

कमला देवी और उनकी पुत्रियों ने एक पड़ोसी के दिए गए सलाह के अनुकूल काम करना शुरू किया और धीरे-धीरे साल के अंत तक उनके पास एक बड़ी रकम जमा हो गए जिसके सहारे उन्होंने नई गाय खरीदी।

शिक्षा-मेहनत बचत और समझदारी आदमी का दूसरा भगवान है।

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