शिक्षाप्रद कहानियां-ओस भरा मटका

शिक्षाप्रद कहानियां,

ओस भरा मटका

एक राजा था। उसके पांच पुत्र थे। राजा को दिन-रात यही चिंता सताती थी कि उसकी मृत्यु के बाद कौन राजा बनेगा। एक दिन राजा ने अपने दीवान को बुलाया और उसे अपनी समस्या बताई। दीवान समस्या का समाधान निकालने की बात कहकर वहां से चला गया। 

अगले दिन दीवान ने राजा से कहा- ‘महाराज, मैंने एक उपाय सोचा है। सभी राजकुमारों को मिट्टी का एक-एक कच्चा घड़ा दिया जाए और लं उनसे कहा जाए कि उस घड़े को ओस के पानी से भर कर लाएं। 

जो राजकुमार ओस का पानी भरकर ले आएगा, उसी को आप राजा घोषित कर दें।’ राजा को दीवान का यह उपाय पसंद आया। उसने तत्काल मिट्टी वे कच्चे घड़े मंगवाए और राजकुमारों को एक-एक घड़ा देते हुए कहा जो राजकुमार अपने घड़े को ओस के पानी से भरकर लाएगा, उसी को मैं राजा बना दूंगा।’

पांचों राजकुमार अपना-अपना घड़ा लेकर चल दिए। वे एक मैदान में पहुंचे और ओस के कण इकट्ठे करके घड़े में डालने लगे। लेकिन जैसे ही वे ओस के पानी को उसमें डालते, घड़े की भरा मटक  कच्ची मिट्टी उसे सोख लेती। लाख प्रयत्न करने पर भी उन्हें सफलता नहीं मिली। उनमें से एक राजकुमार बड़ी कुशाग्र बुद्धि का था।

वह घड़े  को लेकर नदी के पास गया और वह अपने घडे को अच्छी तरह धोया। मिट्टी वाली घड़े जितना पानी सोखना था उसने सोख लिया। यह सब करने के बाद वह घास के मैदान में गया। उसने एक कपड़े को ओस में भिगोया और घड़े में निचोड़ा। इसी तरह शाम तक उसका घडा भर गया। सभी राजकुमारों के घडे खाली थे। सिर्फ वही राजकुमार घड़ा भरकर लौटा था। राजा उसकी बुद्धिमानी से प्रसन्न हुआ। वह समझ गया था कि इस राजकुमार के हाथों में राज्य सुरक्षित रहेगा। 

दीवान ने राजा से कहा- ‘राजन, इस राजकुमार में सूझ-बूझ है। इसे ही राजा बना दीजिए।’ कुछ दिन बाद धूमधाम से उसका राजतिलक कर दिया गया। 

 

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