शिक्षाप्रद कहानियाँ-गधा और कुत्ता

शिक्षाप्रद कहानियाँ-गधा और कुत्ता

शिक्षाप्रद कहानियाँ-गधा और कुत्ता

एक धोबी के पास एक गधा और एक कुत्ता था। कुत्ते ने देखा कि मालिक उसे गधे से कम खाना देता है, इसलिए वह मालिक से खफा रहने लगा। एक रात धोबी के घर चोर आ गए, और सारा समान चोरी करके ले जाने लगे। मगर मालिक से खफा कुत्ता नहीं भौंका। गधे ने उसे बार-बार समझाया कि इस वक्त भौंककर मालिक को जगाना तेरा फर्ज है। मगर कुत्ता जिद में चुपचाप बैठा रहा। उसे इस तरह चुप देखकर गधे ने खुद ही रेंकना अपना धर्म समझा। 

उसके जोर-जोर से रेंकने से मालिक की नींद खुल गई। वह गुस्से से उठा और उसने गधे की पिटाई शुरू कर दी। गधा बेचारा मार खा-खाकर चित पड़ गया। उसके बाद धोबी अपना खुला घर देख समझ गया कि चोर सारा समान ले उड़े हैं। अब वह कुत्ते की ओर बढ़ा और उसी डण्डे से कुत्ते को भी बुरी तरह पीट दिया। थोड़ी ही देर में गधा और कुत्ता दोनों जमीन पर पड़े हुए थे। एक को स्वधर्म पालन नहीं करने की सजा मिली थी तो दूसरे को परधर्म के पीछे भागने की कीमत चुकानी पड़ी।

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