Scientific reason in Hindi( वैज्ञानिक कारण-1)

Scientific reason in Hindi

वैज्ञानिक कारण (SCIENTIFIC REASONS) 

 

  1. किसी बस के अचानक चल पड़ने से यात्री पीछे की ओर गिर जाते हैं, क्यों? 

Ans. बस के अचानक चल पड़ने से व्यक्ति के शरीर का निचला भाग जो बस के सीधे सम्पर्क में है, गति जड़त्व के कारण बस के साथ ही तुरंत गति में आ जाता है, लेकिन ऊपरी भाग विराम जड़त्व के कारण स्थिर बना रहता है। अतः बस के अचानक चल पड़ने से व्यक्ति का पैर बस की गति के साथ गति में आ जाता है, लेकिन ऊपरी हिस्सा स्थिर रहता है यही कारण है कि व्यक्ति पीछे की ओर गिर जाता है। 

 

  1. दौड़ती हुई गाड़ी से उतरने पर व्यक्ति गिर जाता है, क्यों? 

Ans. दौड़ती हुई गाड़ी से उतरने वाले व्यक्ति का शरीर गाड़ी की गति के बराबर गतिशील होता है। कूदने पर उसका पैर सड़क पर स्थिर हो जाता है, लेकिन शरीर के अन्य भागों की गति वैसी ही रहती है, जिसके कारण व्यक्ति गाड़ी चलने की दिशा में गिर जाता है। 

 

  1. बंदूक से गोली छोड़ने पर पीछे की ओर क्यों झटका लगता है ? 

Ans. संवेग संरक्षण के नियम से, गोली में जितना संवेग-परिवर्तन होगा, बंदुक में भी उतना ही संवेग-परिवर्तन विपरीत दिशा में होगा । फलतः बंदूक पीछे की ओर हटती है जिससे पीछे की ओर धक्का लगता है। 

 

  1. पहाड़ों पर चढ़ता हुआ व्यक्ति आगे की ओर झुक जाता है, क्यों? 

Ans. चूँकि आगे की ओर झुक जाने से शरीर का गुरुत्व-केन्द्र व्यक्ति के पैरों के बीच में पड़ता है, जिससे वह स्थायी संतुलन की अवस्था में आ जाता है और आसानी से ऊपर चढ़ सकता है। 

 

5.लोहे का जहाज पानी पर तैरता है, लेकिन सूई क्यों डूब जाती है ?

 Ans. चूँकि लोहे का बने जहाज द्वारा हटाए गए पानी का भार जहाज के भार से अधिक होता है, जिससे लोहे का जहाज पानी पर तैरता है, लेकिन सूई अपने भार के बराबर पानी नहीं हटा पाती जिससे वह डूब जाती है।

 

  1. ठंढे प्रदेशों में झीलों के जम जाने से भी जलीय जंतु कैसे जीवित रहते हैं ? 

Ans. झीलों का जल ऊपरी भाग में तो जम जाता है लेकिन निचले तल में जल का तापमान 4°C से नीचे नहीं गिरने पाता जिससे जलीय जंतु आसानी से जीवित रहते हैं। 

 

7.रेल की पटरियों के बीच खाली जगह क्यों छोड़ दी जाती है? 

Ans. चूँकि गर्मी के दिनों में तापमान वृद्धि के साथ धातुओं में प्रसार होता है, जिससे रेल की पटरियाँ गर्मियों में बढ़ने पर छोड़ी गई खाली जगह में प्रसारित होती हैं तथा टेढ़ी-मेढ़ी होने से बच जाती हैं। 

 

8.लकड़ी के पहिए पर लोहे की हाल चढ़ाने के पहले उसे क्यों गर्म करते हैं ?

Ans. चूँकि लोहा गर्मी पाकर फैलता है जिससे उसकी परिधि में वृद्धि हो जाती है, तत्पश्चात् पहिए पर आसानी से हाल चढ़ाकर उसे पुनः ठंढा किया जाता है जिससे वह संकुचित होकर पहिए में चिपक जाए, यही कारण है कि हाल को पहले गर्म किया जाता है। 

 

  1. पहाड़ों पर खाना देर से क्यों पकता है? 

Ans. पहाड़ों पर ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ जल का क्वथनांक घट जाता है, जिससे खाना कम ताप पर ही उबलने लगता है। फलतः खाना वहाँ देर से पकता है। 

वैज्ञानिक कारण-ऐसा क्यों होता है विज्ञान

  1. ऊँचे भवनों पर तड़ित चालक क्यों लगाये जाते हैं ? 

Ans. बादलों के घर्षण से उत्पन्न स्थिर विद्युत से ऊँचे भवनों की सुरक्षा के लिए तड़ित चालक लगाए जाते हैं। तड़ित चालक का संबंध पृथ्वी से होता है। 

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SCIENTIFIC REASONS in hindi

11.कंबल में लपेटी गई बर्फ जल्दी क्यों नहीं पिघलती है? 

Ans. कंबल बर्फ के लिए एक ऊष्मारोधी आवरण का कार्य करता है, जिससे बाह्य ऊष्मा से बर्फ अप्रभावित रहती है तथा जल्दी नहीं पिघलती है। 

 

  1. थर्मस फ्लास्क में चाय कैसे गर्म रहती है ? 

Ans. थर्मस फ्लास्क में ऊष्मारोधी आवरण लगा होता है जो मुक्त वातावरण से ऊष्मा स्थानान्तरण को रोकता है। यही कारण है कि थर्मस फ्लास्क में चाय अधिक देर तक गर्म रहती है।

 

  1. पंखे के नीचे हमें ठंढक क्यों लगती है ? 

Ans. पंखे से हमारे शरीर में वाष्पन की गति बढ़ जाती है। वाष्पन के लिए आवश्यक ऊष्मा शरीर से ही प्राप्त होती है। यही कारण है कि पंखे के नीचे हमें ठंढक लगती है। 

 

  1. उबलते हुए पानी की अपेक्षा भाप से जलन अधिक कष्टदायी होता है क्यों ? 

Ans. भाप में उबलते हुए पानी की अपेक्षा उसी ताप पर 536 कैलोरी/ग्राम ऊष्मा अधिक होती है। इसलिए भाप से जलना अधिक कष्टदायी होता है। 

 

  1. किसी पत्थर को हवा की अपेक्षा पानी में उठाना क्यों आसान होता है? 

Ans. पानी में पत्थर पर ऊपर की ओर उत्प्लावन बल कार्य करता है जो पत्थर के वास्तविक भार (हवा में भार) को कम कर देता है यही कारण है कि पत्थर को हवा की अपेक्षा पानी में उठाना आसान होता है। 

 

  1. बादलों वाली रातें स्वच्छ रातों की अपेक्षा अधिक गर्म होती है क्यों ? 

Ans. चूँकि बादल पृथ्वी के वायुमंडल से ऊष्मा विकिरण को रोकते हैं। इसलिए बादलों वाली रातें गर्म होती हैं। 

 

  1. खाना बनाने वाले बर्तनों की पेंदी काली क्यों कर दी जाती है ? 

Ans. चूँकि काली सतह ऊष्मा का अच्छा अवशोषक होता है। इसलिए खाना बनाने वाले की पेंदी काली कर दी जाती है। 

 

  1. पानी में मिट्टी का तेल डालने से मच्छर क्यों मर जाते हैं ? 

Ans. पानी में मिट्टी का तेल डालने से पानी का पृष्ठ तनाव घट जाता है, जिससे मच्छर मर 

 

  1. तारे टिमटिमाते नजर आते हैं, क्यों? 

Ans. तारों से चलने वाली प्रकाश किरणें हम तक विभिन्न घनत्व वाली वायुमंडलीय परतों से होकर गुजरती है जिससे उनका अपवर्तन हो जाता है, अतः अपवर्तित प्रकाश किरणें हम 

 

  1. पानी से भरी बाल्टी में छड़ी टेढ़ी नजर आती है, क्यों ? 

Ans. जब पानी से भरी बाल्टी में छड़ी को आंशिक रूप से डुबोई जाती है तो डूबे भाग से चलने वाली प्रकाश किरणे अपवर्तन के पश्चात् अभिलम्ब से दूर हट जाती हैं, तथा आभासी प्रतिबिम्ब नजर आने लगता है। यही कारण है कि छड़ी टेढ़ी नजर आती है

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21.आकाश नीला क्यों दिखाई देता है? 

Ans. आकाश का नीला दिखाई देना वायुमंडल में विद्यमान धूल के कणों द्वारा प्रकाश का प्रकीर्णन है। चूँकि हम जानते हैं कि कम तरंगदैर्घ्य (बैंगनी नीली किरणे) के प्रकाश का प्रकीर्णन सर्वाधिक होता हे, यही कारण है आकाश का रंग हमें नीला दिखाई देता है। 

 

  1. आकाश में बिजली की चमक पहले तथा गर्जन बाद में सुनाई पड़ता है क्यों? 

Ans. चूँकि प्रकाश की चाल वायु या निर्वात् में 3x 10 मीटर/से या 3 लाख किलोमीटर/ सेकंड एवं वायु में ध्वनि (गर्जन) की चाल 332 मीटर/से है। यही कारण है कि बिजली की चमक पहले तथा गर्जन बाद में सुनाई पड़ता है। 

 

  1. चन्द्रमा पर दिन व रात लगभग दो सप्ताह के होते हैं, क्यों? 

Ans. चूँकि चन्द्रमा का परिक्रमण का होता है। यही कारण है कि चन्द्रमा पर दिन व रात लगभग 14-14 दिन अर्थात् दो सप्ताह के होते हैं। 

 

  1. चमगादड़ अंधेरे में कैसे उड़ते हैं ? 

Ans. चमगादड़ उड़ते समय पराध्वनिक (Ultrasonic waves) उत्पन्न करता है। ये तरंग अवरोध से परावर्तित होकर पुनः उन तक पहँचती है। इस प्रकार चमगादड़ को सही मार्ग का पता चल जाता है और अंधेरे में भी उड़ सकता है।

 

25 चन्द्रमा पर कोई वायुमंडल नहीं है, क्यों? 

Ans.चूँकि चन्द्रमा पर गैसीय अणुओं का वर्ग माध्य मल वेग अर्थात पलायन वेग (2.4 किमा से) से अधिक है। इसलिए चन्द्रमा पर वायुमंडल का अभाव है। 

 

  1. किसी रोलर को खींचने की अपेक्षा लुढ़काना आसान है, क्यों? 

Ans. चूँकि घूर्णीय घर्षण बल (Rolling Friction Force) गतिज घर्षण बल (Dynamic Force of Friction) से कम होता है। इसलिए किसी रोलर को खींचने की अपेक्षा लुढ़काना आसान होता है। 

 

27.पीछे के दृश्य देखने के लिए गाड़ियों में उत्तल दर्पण का प्रयोग किया जाता है, क्यों? 

Ans. चूँकि उत्तल दर्पण से पीछे आनेवाले कई वाहनों के सूक्ष्म वास्तविक तथा विस्तारित क्षेत्र के चित्र चालक को प्राप्त होते हैं। इसलिए वाहन में उत्तल दर्पण का ही प्रयोग किया जाता है

28.गिलास में बर्फ रखने पर गिलास के दीवारों पर पानी की छोटी-छोटी बूंदे जमा हो जाती  हैं, क्यों? 

Ans. चूँकि गिलास में रखे बर्फ के कारण वाष्पन की क्रिया तीव्रता से होती है और आस पास का तापमान काफी कम हो जाता है जिससे गिलास की बाहरी सतह पर आर्द्र वायु संघनित होकर छोटी-छोटी बूंदों के रूप में जमा हो जाती है। 

 

  1. एक साइकिल सवार वक्राकार पथ पर अन्दर की ओर झुक जाता है, क्यों? 

Ans. इस क्रिया में साइकिल सवार आवश्यक अभिकेन्द्र बल जो वक्र के केन्द्र की ओर दिष्ट होता है उत्पन्न करता है जो अपकेन्द्र बल को संतुलित करता है जिसकी दिशा केन्द्र के बाहर होती है। यही कारण है कि साइकिल सवार वक्राकार पथ पर अंदर की ओर झुक जाता है। 


विज्ञान क्या और क्यों कैसे,

30.निर्वात् में यदि एक पंख और एक लोहे की गोली समान ऊँचाई से गिराई जाए तो दोनों पृथ्वी पर एक साथ पहुंचेंगे, क्यों? 

Ans. निर्वात् में यदि एक पंख और एक लोहे की गोली समान ऊँचाई से गिरायी जाए, तो दोनों पर एक त्वरण (गुरुत्वीय त्वरण) कार्य करता है जो द्रव्यमान तथा आकार पर निर्भर नहीं करता। यदि यही क्रिया खुले वातावरण में की जाए, तो गोली पहले जमीन पर गिरेगी। 

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31.एक गिलास में पानी है, उसमें बर्फ का एक टुकड़ा डाल दिया जाता है जिससे गिलास लवालब भर जाता है। बर्फ के पूरा-पूरा पिघल जाने के बाद भी गिलास से पानी नहीं छलकता, क्यों? 

Ans. चूँकि बर्फ के पिघलने के बाद उससे बने पानी का आयतन बर्फ द्वारा विस्थापित पानी का आयतन के बराबर होता है, यही कारण है कि गिलास से पानी नहीं छलकता है। 

 

  1. अंतरक्षि वी भारहीनता का अनुभव करते हैं, क्यों? 

Ans. चूँकि अंतरिक्ष यान एक निश्चित कक्षा में घूमता है। इसके लिए आवश्यक अभिकेन्ट बल, गुरुत्वाकर्षण बल से प्राप्त होता है। अतः पूरा यान लटका हुआ प्रतीत होता है। फलतः यान की प्रत्येक वस्तु अर्थात् अंतरिक्ष यात्री भारहीनता का अनुभव करता है। 

 

  1. गर्मियों में दोलक घडी सुस्त चलती है, क्यों? 

Ans. दोलक घड़ी का लोलक (Pendulum) धातु का बना होता है, गर्मी के दिनों में उसकी लंबाई में वृद्धि हो जाती है, जिसके कारण आवर्तकाल (T) का मान भी बढ़ जाता है, यही कारण है कि गर्मियों में दोलक घड़ी सुस्त चलती है। 

 

  1. भूमि पर गिरने के बाद गेंद ऊपर की ओर उछलती है, क्यों? 

Ans. भूमि पर गिरते ही गेंद में विरूपता आ जाती है जो प्रत्यास्थ बल उत्पन्न करती है। प्रत्यास्थता के कारण गेंद अपनी पूर्वावस्था में आना चाहती है अतः यह सतह पर दबाव डालती है। न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार भी गेंद पर एक दबाव ऊपर की ओर लगता है। फलतः गेंद ऊपर की ओर उछल जाती है।

 

  1. एक किलो पंख का भार एक किलो शीशे के भार से कम होगा, क्यों? 

Ans. पंख के ढेर पर उत्प्लावन बल, शीशे के ढेर पर लगे उत्प्लावन बल से अधिक होता है, इसलिए एक क्लिो पंख का भार एक किलो शीशे के भार से कम होगा। 

 

  1. लोहे की अपेक्षा रबर अधिक प्रत्यास्थ है, क्यों? 

Ans. जब रबर को खींचकर छोड़ा जाता है तो वह अपनी पूर्वावस्था को पूर्णतः प्राप्त कर लेता है, लेकिन लोहे के तार को खींचकर छोड़ने पर उसमें कुछ विरूपता आ जाती है। यही कारण है कि रबर लोहे की अपेक्षा अधिक प्रत्यास्थ है। 

 

  1. चन्द्रमा पर बर्फ को गर्म करने पर वह सीधे भाप में बदल जाती है, क्यों? 

Ans. चन्द्रमा पर वायुदाब पारे के 0.1 सेमी दाब से भी कम है। दाब घटने पर जल का क्वथनांक घटता है। पारे के 0.46 सेमी दाब पर जल का क्वथनांक 0°C रह जाता है। यही कारण है कि चन्द्रमा पर बर्फ को गर्म करने पर वह सीधे भाप में बदल जाता है। 

 

  1. साधारण जल की अपेक्षा साबुन के घोल के बुलबुले बड़े होते हैं, क्यों? 

Ans. चूंकि साबुन के घोल का पृष्ठ तनाव बहुत कम होता है। यही कारण है कि घोल के बुलबुले बड़े बनते हैं। 

 

  1. लालटेन की बत्ती में मिट्टी का तेल क्यों चढ़ता है? 

Ans. लालटेन की बत्ती के धागों के बीच बनी केशनलियों के द्वारा ही मिट्टी का तेल ऊपर 

चढ़ता है। 

 

  1. रेफ्रिजरेटर में शीतलक कुंडलियाँ ऊपर लगाई जाती हैं, क्यों? 

Ans. रेफ्रिजरेटर में ऊपर की वायु शीतलक के सम्पर्क में आकर ठंढी हो जाती है और यह भारी होने के कारण नीचे को चली जाती है तथा नीचे की गर्म वायु हल्की होने के कारण ऊपर आ जाती है। इस प्रकार वायु में संवहन धाराएँ बन जाती हैं तथा पूरा स्थान ठंढा रहता है। यदि कुण्डलियाँ नीचे लगाई जाएँ तो संवहन संभव नहीं होगा। 

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