सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी-जब सैनिक टुकड़ियां पुल से गुजरती हैं तो उन्हें कदम मिलाकर चलने को मना किया जाता है क्यों? 

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी-जब सैनिक टुकड़ियां पुल से गुजरती हैं तो उन्हें कदम मिलाकर चलने को मना किया जाता है क्यों? 

सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी-जब सैनिक टुकड़ियां पुल से गुजरती हैं तो उन्हें कदम मिलाकर चलने को मना किया जाता है क्यों? 

अनुशासन पहचान होती है एक सैनिक की। इसी का अभिन्न अंग है चलते समय हाथों और पैरों के संचालन में लयबद्धता। इन्हें देखकर ऐसा लगता है, मानो एक सैनिक चल रहा है और बाकी उसकी परछाईयां हैं। लेकिन किसी पुल को पार करते समय, खासकर यदि वह किसी नदी पर लकड़ी से कच्चा बना हो तो सेना का निर्देश लयबद्ध चलने के विपरीत होता है। ऐसा क्यों है, आइए इसके बारे में जानते हैं। 

किसी ध्वनि स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि तरंग कभी-कभी अन्य निकटवर्ती वस्तु में भी तीव्र कंपन उत्पन्न कर देती है। यह केवल तभी संभव है जब निकटवर्ती वस्तु की ध्वनि तरंगों की प्राकृतिक आवृत्ति उस स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि तरंगों की आवृत्ति के समान हो। इस सिद्धांत को ‘अनुनाद’ कहते हैं। 

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किसी पुल से गुजरने के दौरान सैनिकों को कदम-से-कदम मिलाकर न चलने का आदेश दिया जाता है ताकि कदमों की आवृत्ति के पुल की प्राकृतिक आवृत्ति के समतुल्य हो जाने पर तीव्र और खतरनाक अनुनाद कंपन उत्पन्न हो सकते हैं और वह पुल टूट भी सकता है। 

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