रोचक जानकारी-मुकदमा से जुडी रोचक जानकारी

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रोचक जानकारी-मुकदमा से जुडी रोचक जानकारी

1.टोक्यो से नौ सौ किलोमीटर दूर फ्यूकोका शहर के 507 निवासियों ने सन् 1976 में जापान सरकार पर एक मुकदमा किया । उनका कहना था कि इस शहर के हवाई अड्डे पर उतरने वाले रात्रि विमानों के शोर से वहां के निवासियों में कम सुनने और नींद न आने जैसी बीमारियां हो गईं हैं तथा उनके रेडियो और टेलीविजन 

प्रसारण में व्यवधान होता है। यह मुकदमा 12 साल तक चलता रहा और अंत में कोर्ट ने फैसला दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों की वजह से सरकार वहां पर विमानों का उतरना बंद नहीं कर सकती, परंतु शोर के मुआवजे के रूप में इस शहर के निवासियों को 1.59 मिलियन डॉलर दिए जाएं। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 18-12-88) 

2.कैलिफोर्निया में एक ट्रैवल एजेंसी ने वहां की टेलीफोन डायरेक्टरी में विज्ञापन छपवाया कि हम ‘एक्जीटिक’ (EXOTIC) स्थानों पर भ्रमण की व्यवस्था करते हैं, परंतु गलती से यह शब्द ‘इरोटिक’ (EROTIC) छप गया । अतः इस ट्रैवल एजेंसी ने अपनी संभावित बदनामी के लिए टेलीफोन कंपनी पर 10 मिलियन डॉलर का मुकदमा ठोंक दिया। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 18-6-88) 

3.अमरीका की प्रमुख होटल श्रृंखला मेरिओट कॉरपोरेशन के मालिकों पर उनकी एक कर्मचारी पामेला मिशेल द्वारा मुकदमा कर दिया गया। कारण यह था कि यह महिला अपने बालों को ‘कार्नरी स्टाइल’ से संवारती थी और इसके मालिकों ने इसे अपने बालों की स्टाइल बदलने अथवा नौकरी छोड़ देने के लिए कहा था। बाद में हुए समझौते के रूप में होटल मालिकों को चालीस हजार डॉलर देने पडे । (टाइम्स ऑफ इंडिया, 10-7-88) 

4.लॉस एंजिलिस में पढ़ने वाली एक अठारह वर्षीया छात्रा विक्की एन गेस्ट को विद्यालय प्रशासन दारा एक ग्रुप की चिअर लीडर बनाने से यह कहकर इन्कार कर दिया गया कि उसके स्तन अत्यधिक उन्नत हैं और वह इन्हें सजरी द्वारा छोटा करवाए। छात्रा की तरफ से विद्यालय प्रशासन पर एक लाख डॉलर का मुकदमा कर दिया गया, परंतु बाद में लिखित में माफी मांगे जाने पर समझौता हो गया। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 16-10-87) 

5.चीन की एक महिला झेन्ग द्वारा शंघाई के एक अस्पताल पर तीन हजार युआन का मुकदमा किया गया। इस महिला ने सन् 1983 में इस अस्पताल में एक गर्भपात करवाया था। पर डाक्टरों ने बिना महिला की जानकारी के एक आई. यू. डी. लगा दी, जिससे वह कई वा तक अनेक दवाओं के बावजूद गर्भधारण नहीं कर सकी। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 3-4-89) 

6.मास्टर टेडी नामक एक कुत्ते को अपने मालिक की वसीयत द्वारा एक लाख दो हजार डॉलर मिले तथा यह कहा गया कि मास्टर टेडी के मरने के बाद ही यह संपत्ति उसके रिश्तेदारों में बांटी जाए। अब ये रिश्तेदार कोर्ट में अपील लेकर गए कि वे कुत्ते की मृत्यु का इंतजार नहीं कर सकते और उन्हें पैसा बांट दिया जाए। परंतु जज ने मनाकर दिया और साथ ही आदेश दिया कि इस कुत्ते की पहचान के लिए इसके फोटोग्राफ आदि रिकॉर्ड में रखे जाएं, ताकि कोई व्यक्ति असली की जगह नकली कुत्ता रखकर संपत्ति पर कब्जा नहीं कर सके। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 256-89) 

7.मोटर दुर्घटना वाद न्यायाधिकरण की ओर से आयोजित लोक अदालत में एक हथिनी खुद अपना दुर्घटना दावा लेने पहुंची। जयपुर में जलमहल के पास एक बस की टक्कर इस हथिनी से हो गई थी। जिसमें यह हथिनी और उसका महावत छुट्टन खां दोनों घायल हुए थे। राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने हथिनी की सूंड में उसके मालिक सलीम के नाम 21 हजार रुपए का चेक दिया। (राजस्थान पत्रिका, दिसंबर, 90) 

8.लंदन की 87 वर्षीया विधवा फ्लोरिन फिलिप्स पर उसकी पड़ोसन सेड्रा डेविस ने यह मुकदमा दायर किया कि श्रीमती फिलिप्स बहुत जोर से खरटि लेती हैं और इस शोर के कारण उसके 71 वर्षीय दिल के मरीज पति रात को चैन से नहीं सो पाते।

9.दक्षिणी ब्रिटेन के एक कोर्ट द्वारा लंदन की सांद्रा इवेजन को मुआवजे के रूप में एक लाख पचपन हजार पाउंड दिलाए गए। यह महिला पिछले सात वर्षों से कैंसर का इलाज करवा रही थी। बाद में पता चला कि इस महिला को कैंसर था ही नहीं और कैंसर की जांच के समय इसके स्वस्थ ऊतकों का नमूना किसी कैंसर वाले मरीज से बदल गया था। (हिंदू, 10-6-90) 

रोचक जानकारी-मुकदमा से जुडी रोचक जानकारी

10.पूना में 28 अप्रैल, 1966 को विश्व का सबसे लंबा चलने वाला मुकदमा समाप्त हुआ। यह मुकदमा 761 वर्षों तक चला। सन् 1205 में मालोजी थोरट ने धार्मिक त्योहारों के मौके पर सार्वजनिक आयोजन करने के अधिकार को लेकर एक मुकदमा दायर किया था। उक्त मुकदमे का फैसला मालोजी के उत्तराधिकारी बाला साहब पाटली जी थोरट को 761 वर्ष बाद उनके पूर्वज के पक्ष में सुनाया गया था। 

11.टस्केलुसे, अलाबामा में दिसंबर, 1981 को 40 वर्षीय डडले वेन कामजर को एक मुकदमे के फैसले में 10 हजार साल के कारावास की सजा दी गई। यह सजा उसे सन् 1976 में उसके द्वारा की गई तीन हत्याओं के लिए दी गई थी। 

12.न्यूयार्क में रहने वाली वर्जीनिया ओ हारे ने अपने पेट को आकर्षक तथा सैक्सी बनाने के लिए प्लास्टिक सर्जन हार्क बैलीन से सन् 1974 में प्लास्टिक सर्जरी करवाई। यह महिला पहले भी इन्हीं से अपनी नाक सुन्दर बनवा चुकी थी । परंतु इस बार ऑपरेशन के बाद किसी कारणवश इस महिला की नाभि अपने केन्द्र से दो इंच खिसक गई। डॉक्टर ने दूसरा ऑपरेशन किया, परंतु तब भी यह अपने केन्द्र से आधा इंच दूर रह गई। वर्जीनिया ने डॉक्टर पर मुकदमा कर दिया और कोर्ट ने  हर्जाने  में एक लाख डॉलर, दर्द सहने के लिए 4,219 डॉलर तथा कमाई के हर्जाने   के बदले साढ़े सात लाख डॉलर देने का आदेश दिया। डॉक्टर ने वर्जीनिया से कोर्ट के बाहर राजीनामा किया और दो लाख डॉलर देकर छुटकारा पाया।  

13. जापान में एक नवयुगल हनीमून मनाने जाते वक्त बातों में इतने मग्न हो गए कि उनका सूटकेस झटके से कब नीचे बैठे एक डॉक्टर के सिर पर आ गिरा, उन्हें खबर ही नहीं हुई। डॉक्टर को चोट आई, उसे अपने कार्य से चार महीने की छुट्टी लेनी पड़ी और इसी बात के हजनि के लिए उसने कोर्ट के माध्यम से उस नवयुगल से 2,07,800 डॉलर वसुल किए। 

14.लॉस एंजिलिस में पढ़ने वाली एक अठारह वर्षीया छात्रा विक्की एन गेस्ट को विद्यालय प्रशासन द्वारा एक ग्रुप की चिअर लीडर बनाने से यह कहकर इन्कार कर दिया गया कि उसके स्तन अत्यधिक उन्नत हैं और वह इन्हें सर्जरी द्वारा छोटा करवाए। छात्रा की तरफ से विद्यालय प्रशासन पर एक लाख डॉलर का मुकदमा कर दिया गया, परंतु बाद में लिखित में माफी मांगे जाने पर समझौता हो गया। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 16-10-87) 

15.पोर्टलैंड में मार्च, 1982 में श्रीमती और श्री स्टीव ग्रीन अपनी 1980 मॉडल की फोर्ड पिन्टो कार में बैठकर जा रहे थे कि उनकी टक्कर सामने से आती एक घोड़ा गाड़ी से हो गई। घोड़ा उछलकर कार की छत पर आ गिरा और यह छत इतनी कमजोर निकली कि अंदर बैठी श्रीमती ग्रीन दबकर मर गईं। स्टीव ग्रीन ने फोर्ड मोटर कंपनी पर हजनि का मुकदमा दायर कर दिया और ओरेगॉन के सुप्रीम कोर्ट ने कार कंपनी को निर्देश दिया कि वह स्टीव ग्रीन को 1.5 मिलियन डॉलर चुकाए। (टाइम्स ऑफ इंडिया) . 

16.न्यूयार्क की अभिनेत्री जेनीफर ले ने अपनी हेयर ड्रेसर लुइस लिकारी पर चार मिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया। कारण यह था कि जेनीफर को एक फिल्म में अपने बालों को प्लेटीनम रंग में रंगवाने थे, परंतु उनकी हेयर ने जो ड्रेसर क्रीम लगाई उससे उसके बालों का रंग पक्का गुलाबी हो गया। (टाइम्स ऑफ इंडिया, 1 मार्च, 89) 

17.बार्वे में सेना के एक जवान को अपने कानों में औरतों की भांति बुंदे पहनने से मनाकर दिया गया। अतः इस सैनिक ने सरकार पर मुकदमा दायर कर. दिया । वहां के हेमरफेस्ट स्थित कोर्ट ने फैसला दिया कि सिर्फ औरतें ही नहीं पुरुष भी समान रूप से बुंदे पहन सकते हैं । (टाइम्स ऑफ इंडिया, 3-6-88)

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