Rochak jankari-घर से जुरी रोचक जानकारी

घर से जुरी रोचक जानकारी,

घर से जुरी रोचक जानकारी

Rochak jankari–   नाइजीरिया में एक लुप्तप्राय कबीला है- इरास्था। कल दो सौ सदस्यों वाल इस कबाल क लोग जानवरों की हड्डियों द्वारा अपने घर बनाते हैं। इन घरों में बदबू नहीं आती। ये लोग एक गुप्त घोल से हड्डियों को जोड़ते हैं, जो सूखने के बाद हड्डियों को चिपका देता है। कबीले के केन्द्र में अस्थियों से बना एक हजार वर्ष पुराना घर मौजूद है। 

 

वीरोना, न्यूयार्क में विश्व का सबसे छोटा चर्च है। 1 x 1.9 मीटर आकार वाला यह क्रॉस आयलैंड चर्च एक तालाब के बीच बना हुआ है, जहां सिर्फ छोटी नाव द्वारा पहुंचा जा सकता है। इसे शेण्डलर मेसन द्वारा बनवाया गया था। अब लोग इस गुड़िया चर्च का प्रयोग विवाह के लिए करने लगे हैं। परन्तु वहां भीतर सिर्फ इतनी जगह होती है कि दुल्हा-दुल्हन के अलावा एक पादरी खड़ा हो पाता है। मित्रों व मेहमानों को बाहर ही खड़ा रहना पड़ता है। 

कैलिफोर्निया में एक ऐसा घर है, जो भूतों को चकमा देने के लिए बनाया गया था। सन् 1922 में निर्मित इस घर में 750 कमरे थे। इस घर में नकली चिमनियां, नकली दरवाजे तथा ऐसे कई गलियारे थे, जो कहीं नहीं खुलते थे और दृष्टिभ्रम पैदा करते थे। इसको बनाने वाले साराह विनचेस्टर का विचार था कि भूत इस मूल भूलैया में उलझकर ही रह जाएंगे और उन तक नहीं पहुंच पाएंग। 

दक्षिणी तुर्की में 9,000 वर्ष पुराने केटल हयक गांव के बारे में पुरातत्त्ववेत्ताओं ने पता लगाया हैं कि इस गांव में सड़क गली नहीं होती थी, दरवाजों में सामने का दरवाजा नहीं होता था तथा सारे मकान मधुमक्खी के छत्ते की भांति एक-दूसरे से जुड़े होते थे। यहां के निवासी सीढ़ी लगाकर छत पर बने रास्तों द्वारा घर में जाते थे। 

सन 1942 में पिजन काँव, मेसाचुसेट्स में एलिस स्टेनमेन द्वारा एक लाख अखबारों की सहायता से मकान बनाया गया। इस घर की दीवारे, मेज, कुर्सी, घड़ियां आदि सब वस्तुओं का निर्माण कागज से हुआ था। 

 

न्यूयार्क में एक 28 मंजिली इमारत कांच की बनी है। तीन सौ उनसठ फट ऊंची इस इमारत को ‘कोचिंग ग्लास वर्क्स कंपनी’ द्वारा बनाया गया है। इस इमारत में सिर्फ गिनी-चनी जगह धात व लकड़ी का प्रयोग किया गया है। शेष सम्पूर्ण इमारत की दीवारे, भीतरी सजावट, कुर्सियां, छत सब कांच की बनी हुई हैं। इस विशाल इमारत में अनेक किराएदार रहते हैं और इसमें बसे दफ्तरों में हजारों व्यक्ति रोजाना आते-जाते हैं। 

रॉयल कमिवरयन एकेडमी ऑफ आर्ट की कान्वे, वेल्स, में सन् 1585 में बनी इमारत को ‘कलैंडर हाऊस’ कहा जा सकता है। इसमें 365 खिड़कियां हैं, 52 दरवाजे हैं और 52 सीढ़ियां हैं। 

टोक्यो की खाड़ी में पांच सौ मंजिली गगनचुंबी इमारत ‘एरोपोलिस’ बनाने की योजना प्रगति पर है। यह टोक्यो के शियोडा वार्ड के बराबर वाली जगह में 11 लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैली होगी तथा 21वीं सदी की प्रतीक इस इमारत के निर्माण पर 333 अरब डॉलर व्यय होने. का अनुमान है। इसमें शटल की व्यवस्था होगी, जो प्रत्येक 40 मंजिल बाद रुकेगा तथा पहली मंजिल से एक साथ सौ व्यक्तियों को बिठाकर पांच सौवीं मंजिल तक पहुंचाने में सिर्फ एक मिनट का समय लेगा। 

इटली में लसेरा का गिरजाघर सन् 1300 में चार्ल्स द्वितीय द्वारा एक अरबी मस्जिद के मलबे से बनवाया गया था, जो कि स्वयं एक गिरजाघर के पत्थरों से बनाई गई थी। 

यॉर्क, पेनसिलवानिया में एक पहाड़ी पर बने घर की आकृति जूते के समान है। इसे सन् 1948 में मेहलॉन हेन्स द्वारा बनवाया गया था। एड़ी से छत तक इसकी ऊंचाई 7.5 मीटर तथा कुल लंबाई 14.5 मीटर है। हेन्स इसे एक गेस्ट हाऊस के रूप में प्रयोग करते थे। शीघ्र ही यह घर अमरीका के ऐतिहासिक स्थलों में शामिल किया जाने वाला है। 

 

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