रायटर क्या है?(रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी )

रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी

रायटर क्या है?(रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी )

रेडियो या टेलीविजन की खबरों में कभी आपने ‘रायटर’ का नाम जरूर सुना होगा। शायद अखबार में भी आपने यह नाम किसी समाचार के साथ देखा हो। क्या आपको मालूम है कि ‘रायटर’ क्या है? 

दरअसल ‘रायटर’ एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बड़ी न्यूज एजेंसी है, जिसका जाल सारी दुनिया में फैला हुआ है। यह न्यूज एजेंसी दुनिया भर में रेडियो, टेलीविज़न समाचार-पत्रों के लिए खबरें मुहैया कराती है। आज यह संसार की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी न्यूज एजेंसी है। संसार के 180 से ज्यादा देशों में इसके हजारों संवाददाता हैं, जो जगह-जगह से खबरें इकट्ठी करके अपने प्रधान कार्यालय और दूसरे स्थानों को भेजते हैं।

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हमारे देश में भी इसकी शाखा है। अब इस एजेंसी में संचार के नए साधनों कंप्यूटर, टेलेक्स, टेलीप्रिंटर, फैक्स आदि का प्रयोग होता है। एक जमाना था, जब कबूतरों के जरिए खबरें भिजवानी शुरू की गई थीं। 

यह बात आज से करीब 150 साल पहले की है जब संचार के साधन बेहद सीमित थे। इसकी शुरुआत की थी-पॉल जूलियस रायटर ने। 

पॉल जूलियस रायटर जर्मनी के एक कस्बे में बैंक क्लर्क था। क्लर्की में उसका मन नहीं लगता था। वह कोई नया काम करना चाहता था, ताकि सारी दुनिया में उसका नाम हो। अपनी इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए रायटर बैंक की नौकरी छोड़कर जर्मनी से फ्रांस पहुंचा।

वहां पहले तो उसने न्यूज-शीट छापने वाली एक साधारण-सी एजेंसी बनाई, फिर 21 अप्रैल 1850 को पहली बार रायटर ने अपने पालतू कबूतरों के जरिए शेयरों की कीमत एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजी। 1850 ई. के आखिर में जब फ्रांस में टेलीग्राम की लाइनें बिछ गईं तो उसने यह काम बंद कर दिया। 

फिर वह लंदन पहुंचा। वहां उसने अपनी न्यूज एजेंसी शुरू की और खबरें इकट्ठी करने के लिए नए संवाददाता नियुक्त किए। जगह-जगह उसके संवाददाता हो गए। फरवरी 1859 में, जब फ्रांस के सम्राट नेपोलियन तृतीय पेरिस में भाषण देने जा रहे थे तो ‘रायटर’ के पेरिस स्थित संवाददाता ने भाषण की अग्रिम प्रति प्राप्त करके उसको भेजी। इस तरह ‘रायटर’ ने नेपोलियन का भाषण सबसे पहले छपवाने का श्रेय प्राप्त किया। 

इसी तरह जब अप्रैल 1865 में अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की हत्या हुई तो संयोगवश उसका संवाददाता घटनास्थल पर मौजूद था।

‘रायटर’ की मृत्यु 1899 में हुई, लेकिन उसका नाम अमर है, क्योंकि खबरों की दुनिया में जो काम उसने किया, वह अपने आप में सराहनीय एवं अति महत्वपूर्ण है।

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