कायाकल्प योजना-सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का “कायाकल्प’ 

कायाकल्प योजना

कायाकल्प योजना-सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का “कायाकल्प’ (जनवरी-2020) 

कायाकल्प योजना क्या है

सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का “कायाकल्प’ 

कायाकल्प पहल

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की कायाकल्प पहल 2015 में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्र सरकार के संस्थानों और सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बुनियादी ढांचे में सुधार, स्वच्छता व स्वास्थ्यकारिता और संक्रमण नियंत्रण कार्यों में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन कई मापदंडों के आधार पर किया जाता है, और हर वर्ष प्रत्येक स्तर पर अधिकतम अंक पाने वाले संस्थानों को कायाकल्प पुरस्कार प्रदान कर मान्यता दी जाती हैं इस पुरस्कार के तहत धनराशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में ‘स्वच्छता’ का उद्देश्यपूर्ण आंकलन सुनिश्चित करने के लिए, सात विषयगत क्षेत्रों के तहत आंकलन किया जाता है।

कालाकल्प न केवल सार्वजनिक अस्पतालों तथा स्वास्थ्य संस्थानों का नया रूप देने में सक्षम है, बल्कि इसने लोगों की आदतों को बदलने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।

यह बदलाव आईसीटी-आधारित रोगी प्रतिक्रिया प्रणाली ‘मेरा अस्पताल’, के जरिए बताई गई ‘संतुष्ट’ रोगियों की संख्या से भली-भांति परिलक्षित होता है।

कायाकल्प में भाग लेने वाले स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। 700 जिला अस्पतालों की भागीदारी से साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में पिछले वित्त वर्ष में, लगभग 26,000 स्वास्थ्य संस्थानों ने भाग लिया।

इस पहल के तहत न केवल भाग लेने वाले स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या कई गुना अधिक हो गई है, बल्कि 70 प्रतिशत (पासिंग मानदंड) या अधिक अंक प्राप्त करने वाले अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या भी पिछले कई वर्षों में कई गुना बढ़ गई है।

प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों की बड़ी भागीदारी के अलावा, तृतीय स्तर के स्वास्थ्य संस्थान भी उतने ही उत्साह के साथ भाग लेते हैं। 

वर्ष 2015-16 में जहाँ इसमें 10 स्वास्थ्य संस्थानों ने भागीदारी की थी वहीं वर्ष 2018-19 में इससे भाग लेने वाली केंद्र सरकार के संस्थानों की संख्या बढ़ कर 24 हो गई है।

एक कदम और आगे बढ़ाते हुए कायाकल्प को वित्त वर्ष 2019-20 से अब आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एवी-एचडब्लूसी) में भी शुरू किया गया है।

कायाकल्प पहल का विस्तार 

वर्तमान वर्ष में, स्वास्थ्य क्षेत्र में समग्र और व्यापक सुधार के लिए, कायाकल्प योजना का विस्तार निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य संस्थानों तक किया गया है।

भारतीय गुणवता परिषद ने अपने घटक अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के जरिए निजी अस्पतालों में कायाकल्प आंकलन किया।

महिला आरोग्य समिति

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने वंचित शहरी समुदायों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन और महिला आरोग्य समितियों के अंतर्गत ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण समितियों का भी इस्तेमाल किया है। कई राज्यों ने महिला आरोग्य समितियों और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता तथा पोषण समितियों को प्रभावी बनाने के लिए अभिनव तरीके अपनाए हैं। हाल ही में शहरी क्षेत्रों में मुख्य रूप से गरीब और कमजोर आबादी वाले क्षेत्रों में लगभग 12 से 20 महलाओं के सामुदायिक समूहों से महिला आरोग्य समितियों की स्थापना की गई है, और वे स्वच्छता सहित कई मुद्दों पर समुदायों को प्रेरित करने का काम कर रही हैं। 

upscप्रश्न: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की कायाकल्प पहल के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविध ाओं में होने वाले आधारभूत परिवर्तनों को स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द) 

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