रहस्य जो सुलझ न सके-हिम मानव हकीकत है!

रहस्य जो सुलझ न सके-हिम मानव हकीकत है!

रहस्य जो सुलझ न सके-हिम मानव हकीकत है!

रहस्य रोमांच सस्पेंस और हैरत में डाल देने वाली विश्व की ऐसी सत्य घटना है जो आज भी रहस्य की धुन में दफन है।

अफगानिस्तान से लगी रूस की सीमा पर पामीर पहाड़ियों के बीहड़ जंगलों में चार व्यक्ति अपने कैंप में सो रहे थे। चारों ओर चांदनी रात की रोशनी बिखरी हुई थी और था गहन सन्नाटा! इन्हीं चार लोगों में गेतान्या सिफोरोवा नाम की एक महिला भी थी। पता नहीं, उसने क्या महसूस किया कि वह सोते हुए अचानक उट कर बैठ गई। सामने नजर दौड़ाते ही वह चकित रह गई।

बामुश्किल 10 गज दूर चट्टान पर लंगूर और आदमी के बीच की शक्ल-सूरत का एक जीव बैठा हुआ था। उस घटना को याद करते हुए सिफोरोवा बताती है कि वह एक विशालकाय जीव था। उसके पूरे शरीर पर भूरे रंग के बाल थे और वह किसी खिलाड़ी की तरह घुटनों पर कोहनियां टेके बैठा था। 

उसकी आकृति लगभग मनुष्य की तरह की थी तथा जाहिरा तौर पर वह मादा थी। उसकी पकौड़ी जैसी नाक और छोटी-छोटी आंखें थीं तथा उसके चेहरे के दोनों ओर बालों की सीधी लटें लटक रही थीं। उसे देखते ही उत्तेजना के मारे मेरे हृदय की धड़कन तेज हो गई, क्योंकि वह वही जीव था जिसकी तलाश में, मैं और मेरे साथी यहां आए हुए थे। वह ‘होमिनायड’ यानी लंगूर-आदमी के बीच का दो टांगों वाला तथा अब तक मिलने वाले प्रागैतिहासिक जीव के बीच की कड़ी का जीव था। जिससे हिम मानव की कल्पना साकार होती है। 

हिम मानव के पैरों के निशान बहुत से लोग ले आए हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई प्रामाणिक जानकारी नहीं मिल पाई है। वैसे अब रूसी वैज्ञानिकों को विश्वास हो चला है कि हिम मानवों के रहस्य को वह जल्दी ही सुलझा लेंगे। क्योंकि पामीर पहाड़ियों में वा|व गार्ज नामक स्थान पर बहुत से कपिमानवों (एपमैन) के रहने का पता चल चुका है। 

हाल के वर्षो में इस क्षेत्र में ‘होमिनायड’ के विषय में अधिक जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रागैतिहासिक विशेषज्ञ इगोर बोत्सर्वे के नेतृत्व मकर बार वैज्ञानिको का दल वहां गया है। उनका दावा है कि मानव-विशेषज्ञ गेलोन्या मिफोरोवा के मानसिक संप्रेषण शक्ति (टेलीपैथी) के प्रयोगों से इस सबब काफी सफलता भी मिली है। 

बोत्सर्वे का कहना है कि कलाहारी बुशमेन (दक्षिणी अफ्रीकी जंगली जाति के आदिमानव) तथा आस्ट्रेलिया के आदिमानव की तरह के आदिमानव अब भी एक दसरे को टेलीपैथी से मानसिक संदेश पहुंचा सकते हैं। ऐसा लगता है कि प्रागैतिहासिक मानव में संवेदना शक्ति अधिक विकसित थी। इसलिए कपिमानव से मानसिक संप्रेषण करने तथा उन्हें उनके गुप्त संप्रेषण का यह तरीका कारगर सिद्ध हो सकता है। 

श्रीमती गेलोन्या सिफोरोवा एक अनुभवी मानस विशेषज्ञ हैं और उन्होंने कई सफल वैज्ञानिक प्रयोग किए हैं। उन्होंने एक कपिमानव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसे मानसिक संदेश भेजकर यह कहा गया कि वह हमारे सामने आए। साथ ही मैंने उसे आश्वासन भी दिया कि हम उसे कोई हानि नहीं पहुंचाएंगे।

सिफोरोवा ने आगे बताया कि एक बार हमने एक तालाब के किनारे कैंप लगाया। कैंप लगाने के बाद मैं तालाब में तैरने के लिए चल पड़ी। अचानक मैंने महसूस किया कि कोई मेरे ऊपर नजर रखे हुए है। मुझे पता चल गया कि वह एक ‘होमिनायड’ है, जो झोंपड़ियों में छिपा बैठा है। मैंने उसे संदेश भेजा कि हम एक मित्र की हैसियत से आए हैं। इसके बाद मैं शीघ्र कैंप को लौट आई। क्योंकि उस दिन काफी थक गई थी। रात को सोते समय मैं अचानक जाग गई। घड़ी एक बजकर पचास मिनट बजा रही थी। 

उस समय मैंने फिर महसूस किया कि कोई मेरे ऊपर नजर रखे हुए है। देखा तो पाया कि एक कपिमानव दस गज की दूरी पर चांदनी रात में बैठी हुई है। हम थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक दूसरे को देखते रहे। बीच में उसने कई बार बिल्ली की तरह ‘म्याऊं-म्याऊं’ की आवाज की। मानो कुछ कह रही हो। इसके बाद उठकर चली गई। 

दूसरे दिन हम लोगों ने चट्टान के पास उसके कदमों के निशान देखे। वह निशान 14 इंच के थे। वहां इस बात के भी संकेत मिले कि वह दस गज के तालाब को छलांग कर गई है। इसके बाद उससे मेरा संपर्क तब हुआ, जब हम लौटने लगे। मैंने झाड़ी के पीछे से उसकी बिल्ली की तरह की आवाज सुनी। मैंने मानसिक तौर पर यह महसूस किया कि वह तीन ‘होमिनायड’ हैं जो हमें वापस जाते हुए देख रहे हैं।

एक अन्य मानस विशेषज्ञ नीना ग्रिन्योवा ने एक अन्य ‘होमिनायड’ को देखा है, जिसके बारे में उनका कहना है कि उसका गला काफी छोटा था और वह आदमी से ज्यादा मेल खाता था। उसका सिर आगे की ओर था और दोनों हाथ दोनों बगलों में झूल रहे थे। वह भी बिल्ली की तरह की आवाज में उससे बातें करने की कोशिश कर रहा था। 


Mystery that cannot be solved – Snow is a human reality!

Mystery thrill is such a true event of suspense and astonishing world which is still buried in mystery.

Four persons were sleeping in their camps in the rugged jungles of Pamir hills on the border of Russia with Afghanistan. The moonlight nightlight was scattered all around and there was intense silence! Among these four people was a woman named Gaetanya Siforova. Don’t know what she felt that she sat up suddenly while sleeping. She was amazed as soon as she saw him in front.

Barely 10 yards away, a creature of appearance resembling between the langur and the man was sitting on the rock. Recalling that incident, Siforova states that he was a giant creature. He had brown hair all over his body and sat elbows on his knees like a sportsman.

She was almost human in shape and was apparently a female. He had a dumplings-like nose and small eyes and straight hairs were hanging on both sides of his face. Seeing him, my heart beat in excitement, because he was the creature I and my companions were looking for. He was the link between ‘hominoid’, the two-legged between the langur-man and the prehistoric creature still found. Due to which the imagination of the human being is realized.

Many people have brought footprints of snow man, but till now no authentic information has been found in this regard. Well now Russian scientists are convinced that they will solve the mystery of snow humans soon. Because in the Pamir hills, many Kapimanavas (appmen) have been known to live in a place called Wa |

In recent years, a team of Makar Bar scientists led by prehistoric expert Igor Botserve has gone there to get more information about ‘Hominoid’ in this area. He claims that the experiments of mental communication power (telepathy) of human expert Gelonya Miforova have achieved considerable success.

Botsurve says that the Kalahari Bushmen (Adivans of the South African wild race) and Adivans like the Adivans of Australia can still send a message to a second by telepathy. It seems that sensory power was more developed in prehistoric humans. Therefore, this method of communicating mental to the human beings and their secret communication to them can prove to be effective.

Mrs. Gelonya Siforova is an experienced psychologist and has conducted many successful scientific experiments. Giving information about a Kapimanava, he said that he was sent a mental message that he came before us. I also assured him that we will not harm him.

Siforova further explained that once we camped on the banks of a pond. After camping, I went for a swim in the pond. Suddenly I realized that someone was watching over me. I came to know that he is a ‘hominoid’, who is hiding in the huts. I sent a message to him that we had come as a friend. I returned to the camp shortly thereafter. Because she was very tired that day. I suddenly woke up while sleeping at night. The clock rang fifty minutes past one.

At that time, I again felt that someone was watching over me. I saw that a moonlight is sitting at a distance of ten yards in the night. We kept seeing each other after a while. In between, he made the sound of ‘meow-meow’ like a cat many times. As if you are saying something After that she got up and left.

The next day we saw the signs of his footsteps near the rock. Those marks were 14 inches. There are also indications that she has jumped a ten-yard pond. After this I got in touch with him when we started returning. I heard her cat-like voice from behind the bush. I mentally realized that there are three ‘hominids’ who are watching us go back.

Another psyche specialist, Nina Grinyova, has noticed another ‘hominoid’, which he says had a smaller throat and was more like a man. His head was facing forward and both hands were swinging in both sides. He was also trying to talk to her in a cat-like voice.

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