प्रोजेक्टर कैसे काम करता हैं

Projector kaise kam karta hai

प्रोजेक्टर कैसे काम करता हैं-Projector kaise kam karta hai

प्रोजेक्टर एक ऐसा प्रकाशित यंत्र है, जो पर्दे पर सिनेमा फिल्म या स्लाइडों को आवंटित करता है। इस यंत्र को ‘प्रोजेक्शन लैंटर्न’ भी कहते हैं। एक साधारण प्रोजेक्टर में एक प्रकाश 

स्रोत, एक अवतल परावर्तक, एक कन्डेन्सर लेंस तथा एक प्रोजेक्टर लेंस होता है। अधिकतर प्रोजेक्टरों में एक हजार वाट का टंगस्टन फिलामेंट बल्ब होता है। 

loading...

Projector kaise kam karta hai

इस बल्ब के पीछे एक अवतल दर्पण लगा होता है, जो प्रकाश को स्लाइड की ओर परावर्तित करता है। यहां परावर्तित प्रकाश कन्डेन्सर लेंस पर पड़ता है। कन्डेन्सर लेंस में दो विषमोत्तल लेंस होते हैं। वे इस प्रकार रखे जाते हैं कि उनके उभरे सिरे एक ओर हों।

कन्डेन्सर लेंस प्रकाश को स्लाइड की ओर केंद्रित कर देता है। इस प्रकाश से स्लाइड पर बना प्रतिबिंब चमक उठता है। बिना कन्डेन्सर लेंस के स्लाइड पर बहुत कम प्रकाश पड़ता। प्रकाश की किरणें उल्टी रखी स्लाइड पर बने प्रतिबिंब से पार निकलकर प्रोजेक्शन लेंस पर पड़ती हैं। 

यह लेंस पर्दे पर बड़ा प्रतिबिंब बना देता है। इस तरह स्लाइड या फिल्म पर बना छोटा-सा प्रतिबिंब बड़ा दिखाई देता है। कुछ स्लाइड प्रोजेक्टरों में एक बार में सौ से अधिक स्लाइडें लगाई जा सकती हैं। सिनेमा प्रोजेक्टरों में एक मोटर लगी होती है, जिससे सिनेमा की रील अपने आप आगे चलती जाती है।

Projector kaise kam karta hai

उन प्रोजेक्टरों से एक सेकंड में 32 चित्र दिखाए जाते हैं। हमारी आंख में किसी दृश्य का प्रभाव 1/16 सेकंड तक रहता है। इस तरह एक सेकंड में दिखने वाले 32 चित्र हमारी आंखों के सामने ऐसे दिखते हैं, जैसे कोई घटना सतत् रूप से घटित हो रही हो। 

More from my site

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ten − one =