Princess story in hindi-राजकुमारी मधुमक्खी की शादी 

Fairy tales in hindi-

Princess story in hindi-राजकुमारी मधुमक्खी की शादी 

रानी मधुमक्खी की बेटी का नाम राजकुमारी बीटराइस था। वह अपने चमकदार काले-सुनहरे शरीर तथा पंखों के कारण बहुत सुंदर लगती थी। उसका शरीर और पंख धूप में चमकते थे। राजकुमारी मधुमक्खी का । स्वभाव बहुत अच्छा था। वह हर चीज अपने दोस्तों के बीच बांटकर खाती थी। उसे अपने राजकुमारी होने का जरा भी घमंड नहीं था। 

राजकुमारी मधुमक्खी हर सुबह अन्य मधुमक्खियों के साथ शहद इकट्ठा करने जाती थी। उसे बगीचों की सैर करना बहुत अच्छा लगता था। वह फूलों की खुशबू और उनका मीठा मकरंद बहुत पसंद करती थी। 

राजकुमारी मधुमक्खी के पास एक छोटी-सी टोकरी थी, जिसमें रखे जार में वह शहद एकत्र करती थी। उसके दोस्तों में एक ऐसी मधुमक्खी भी थी, जो उसे पसंद नहीं करती थी। वह राजकुमारी मधुमक्खी की तरह गाना नहीं गा पाती थी, इसलिए वह उससे बहुत जलती थी। 

जलनखोर मधुमक्खी राजकुमारी मधुमक्खी को मूर्ख बनाने का अवसर खोजती रहती थी। एक दिन वह लाल गुलाबों से भरी झाड़ियों और लताओं से भरे बाग में घूमने-फिरने के लिए गई। गुलाब की उन झाड़ियों में बड़े-बड़े कांटे भी थे। जलनखोर मधुमक्खी ने राजकुमारी मधुमक्खी को वहां आने के लिए तैयार कर लिया था। 

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राजकुमारी मधुमक्खी गुलाब के फूल देखकर खुशी से झूम उठी। उसने ऐसे फूल कभी नहीं देखे थे। वे दिखने में जितने सुंदर लग रहे थे, उनकी खुशबू भी उतनी ही मोहक थी। 

जब राजकुमारी मधुमक्खी वहां शहद इकट्ठा करने लगी, तो जलनखोर मधुमक्खी ने उसे धक्का दे दिया। परिणाम स्वरूप राजकुमारी मधुमक्खी कांटों पर जा गिरी। ऐसे में उसके सुंदर पंख टूट गए और रेशमी शरीर पर खरोंचें आ गईं। राजकुमारी मधुमक्खी के गिरते ही अन्य मधुमक्खियां भी वहां पहुंच गईं। वे उसकी चीख सुनकर मदद करने आई थीं। 

तब जलनखोर मधुमक्खी ऐसा दिखावा करने लगी, मानो उसे भी बहुत दुख हुआ हो। 

“हाय! हाय! ये क्या हो गया? हमारी राजकुमारी मधुमक्खी कांटों पर कैसे गिर पड़ी। उसे थोड़ा सावधान रहना चाहिए था। उसके शरीर पर कितनी चोटें आई हैं। अरे! कोई आकर हमारी राजकुमारी मधुमक्खी को बचाए।” फिर वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी। 

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दूसरी सहेलियों ने पूछा, “क्या हुआ राजकुमारी मधुमक्खी?” राजकुमारी मधुमक्खी ने उन्हें सही बात नहीं बताई। सब आपस में बातें करने लगीं, “हम इसे वापस कैसे ले जा सकते हैं?” 

तभी वहां एक बड़ा-सा नर मधुमक्खी आया और बोला, “मेरा नाम बून है। मैं तुम्हारे छत्ते के पास ही रहता हूं। मैं राजकुमारी को अपनी पीठ पर उठाकर ले जाता हूं।” 

फिर राजकुमारी मधुमक्खी बड़े आराम से उसकी पीठ पर बैठ गई और बून उसे उसके घर ले गया। राजकुमारी मधुमक्खी की हालत देखकर रानी मधुमक्खी को बहुत गुस्सा आया। वे जानना चाहती थीं कि उनकी बेटी का यह हाल किसने किया। इधर जलनखोर मधुमक्खी को अपने किए पर पछतावा होने लगा था। वह राजकुमारी मधुमक्खी को इस तरह चोट नहीं पहुंचाना चाहती थी। 

राजकुमारी मधुमक्खी के उपचार के लिए डॉक्टर को बुलवाया गया। उसने शहद में दवा मिलाकर टूटे हुए पंख पर लगाने को कहा। बून रोजाना राजकुमारी मधुमक्खी से मिलने जाता और उसे बागों की कहानियां सुनाता। जब राजकुमारी मधुमक्खी का पंख ठीक हो गया, तो बून के साथ उसका विवाह कर दिया गया। 

बच्चो! तुम अपने बाग में उन दोनों को एक साथ उड़ते देख सकते हो। 

Princess story in hindi-खो गई बेलिंडा 

Princess story in hindi

श्रीमान और श्रीमती विंटर पहाड़ी के पास बसे एक गांव में रहते थे। उनके फार्महाउस में अनेक बकरियां, गधे, मुर्गियां और खरगोश थे। वे उन जानवर मित्रों के साथ बहुत खुश रहते थे, लेकिन दुर्भाग्यवश उनके कोई संतान नहीं थी।

“काश! हमारी भी कोई संतान होती।” एक रात श्रीमती विंटर ने खाना खाते हुए कहा। उस समय बाहर बहुत तेज बारिश हो रही थी। 

“हां, उसे फार्महाउस में खेलने पर बहुत मजा आता।” श्रीमान विंटर बोले।

“हां, हमारे सारे जानवरों को एक साथी मिल जाता और वही बड़ा होकर उनकी देख-रेख करता। लेकिन भगवान की मर्जी के आगे किसी का बस नहीं चलता। इसमें हम क्या कर सकते हैं।” 

तभी उन्हें दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी।

“इस समय कौन आ सकता है?” वे दोनों हैरान होकर दरवाजा खोलने के लिए चल पड़े। श्रीमती विंटर के हाथ में एक लालटेन थी। 

दरवाजा खोलने पर उन्हें एक छोटी-सी लड़की दिखाई दी, जो बुरी तरह पानी से भीगी हुई थी। वह नंगे पैर थी। 

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श्रीमान विंटर उसे तुरंत घर के भीतर ले आए। लड़की के सारे कपड़ों । से पानी टपक रहा था। 

श्रीमती विंटर एक तौलिया ले आईं। फिर उस लड़की को आतिशदान के पास ले जाकर उसके बाल सुखाए और गर्म कंबल में लपेट दिया। इसके बाद उन्होंने उसे गर्म सूप पिलाया। 

श्रीमान विंटर ने कहा, “तुम कौन हो बेटी और इतनी रात को अकेली कहां घूम रही हो?” 

श्रीमती विंटर ने उस लड़की से पूछा, “बेटी, तुम्हारे मम्मी-पापा कहां हैं? कहां घर है, तुम्हारा?” 

वह नन्ही लड़की कोई जवाब नहीं दे पाई। बस, उसने अपने हाथ से पहाड़ी की ओर इशारा कर दिया। शायद वह अपने घर के बारे में बता रही थी। 

उन्होंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया। वह शीघ्र ही गहरी नींद में सो गई। गांव में उस लड़की के बारे में कोई नहीं जानता था। वह अपने नए परिवार के साथ रहने लगी। उसे बकरियों, मुर्गियों और खरगोशों के साथ खेलना बहुत पसंद था। कभी-कभी वह गधे की सवारी भी कर लेती थी। 

पति-पत्नी उस लड़की को बहुत अच्छा खाना खिलाते और उसके साथ खेलते। वे उसके लिए नए कपड़े और खिलौने भी ले आए। जब वह खिलौनों से खेलती, तो उसे बहुत मजा आता। 

श्रीमान और श्रीमती विंटर उसे देखकर खुश होते।

Princess story in hindi

एक दिन कुछ घुड़सवार उस गांव में आए। वे बेलिंडा नाम की एक लड़की को खोज रहे थे। जब वे उस खोजते-खोजते श्रीमान विंटर के घर की ओर आए, तो बेलिंडा उन्हें वहीं खेलती हुई मिल गई। वे उसे अपने साथ चलने के लिए बोले। ऐसे में श्रीमान और श्रीमती विंटर का दिल टूट गया। बेलिंडा दौड़कर एक घुड़सवार से लिपट गई। वह दिखने में बहुत धनी लग रहा था। 

बेलिंडा जोर से बोली, “पापा!” फिर उसने श्रीमान और श्रीमती विंटर की ओर इशारा करते 10 कहा, “अच्छी मम्मी और अच्छे पापा भी यहां हैं।” कुछ क्षण रुककर वह आगे बोली, “पापा, मैं इतने दिन से अच्छे मम्मी-पापा और इन सारे जानवर साथियों के साथ काफी आराम से रह रही थी, लेकिन मुझे आपकी याद भी बहुत आती थी।” 

वह घुड़सवार श्रीमान एवं श्रीमती विंटर के पास गया और बोला, “मेरी बेटी का इतना ध्यान रखने के लिए आपकी बहुत-बहुत मेहरबानी। मैं पहाड़ी राज्य का राजा हूं। यह हमसे बिछुड़ गई थी। हम कई दिनों से इसे इधर-उधर खोज रहे थे।” 

उसने आगे कहा, “मैं आपसे एक विनती करना चाहूंगा। क्या आप अपने जानवरों के साथ मेरे महल में रहने के लिए चल सकते हैं। इस तरह बेलिंडा आप लोगों से रोज मिल सकेगी। मैं बेलिंडा की बातें सुनकर जान गया हूं कि इसे आप लोग बहुत पसंद हैं। आप लोग मुझसे ज्यादा बेलिंडा का ध्यान रख सकेंगे। अब शायद यह आपके और आपके जानवरों के बिना नहीं रह सकेगी। कृपया आप लोग हमारे साथ चलें।” 

बेलिंडा भी श्रीमती और श्रीमान विंटर से महल में चलने का आग्रह करने लगी। तब उन दोनों ने एक-दूसरे को देखा। उन्हें अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था। वे बहुत खुश दिखाई दे रहे थे। इस तरह श्रीमती और श्रीमान विंटर अपने सारे जानवरों के साथ पहाड़ी राजा के महल में रहने के लिए पहुंच गए। वहीं उनके जानवरों के लिए बाड़े बनवा दिए गए। राजकुमारी बेलिंडा का बचपन उनके साथ बड़े मजे से बीता। 

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