पिक्चर वाली कहानियां-टॉम थंब

पिक्चर वाली कहानियां-टॉम थंब

पिक्चर वाली कहानियां-टॉम थंब

बहुत समय पहले की बात है। किसी स्थान पर एक गरीब लकड़हारा अपनी पत्नी और सात बेटों के साथ रहता था। उसका सबसे छोटा बेटा ‘टॉम थंब’ कहलाता था, क्योंकि वह अंगूठे के आकार का था। 

एक रात टॉम थंब ने अपने पिता को उसकी मां से बातें करते सुना, “हमारे पास अपने बेटों को खिलाने के लिए पैसे नहीं हैं। हमें इन्हें जंगल में छोड़ आना चाहिए।” इस पर उसकी मां ने कहा, “हां, यही ठीक रहेगा।” 

मां और पिता की बातें सुनकर टॉम थंब को एक तरकीब सूझी। अगली सुबह टॉम थंब जल्दी उठा और पास ही स्थित नदी के किनारे चला गया। वहां उसने बहुत से सफेद कंकड़ इकट्ठे किए और उन्हें अपनी जेबों में भर लिया। कुछ देर बाद लकड़हारे का पूरा परिवार जंगल की ओर चल पड़ा। रास्ते में टॉम थंब अपनी जेब से सफेद कंकड़ गिराने लगा। 

जब सभी बच्चे खेल रहे थे, तो लकड़हारा और उसकी पत्नी बच्चों को वहीं छोड़कर घर वापस चले गए। शीघ्र ही बच्चों को अकेला होने का एहसास हुआ और वे रोने लगे। टॉम थंब ने अपने भाइयों को समझाते हुए कहा, “भाइयो, चिंता मत करो। मैं तुम्हें घर ले चलता हूं।” फिर वे सफेद कंकड़ों से रास्ता पहचान कर घर वापस पहुंच गए। 

पिक्चर वाली कहानियां-टॉम थंब

जब सभी बच्चे घर पहुंचे, तो उन्हें देखकर लकड़हारा और उसकी पत्नी हैरान हो गए। लकड़हारे ने पत्नी से कहा, “हमें इन्हें घने जंगल के बीच छोड़ना चाहिए था, ताकि ये वापस न आ सकें।”

टॉम थंब ने अपने माता-पिता की बातें सुन लीं। अगली सुबह वह नदी के किनारे जाना चाहता था, लेकिन घर का दरवाजा बंद था। उसने सोचा कि वह जंगल के रास्ते में रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े गिराता जाएगा। परंतु उस दिन बच्चों की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। रोटी के सारे टुकड़े पक्षियों ने खा लिए और वे शाम को अपने घर वापस नहीं जा सके। 

तभी बच्चों को जंगल के एक घर में रोशनी दिखाई दी। वे सभी उस ओर चल दिए। 

वह घर एक आदमखोर राक्षस का था। दरवाजा खटखटाने पर राक्षस की पत्नी ने दरवाजा खोला। वह सभी बच्चों को अपनी सात बेटियों के कमरे में ले गई और उन्हें वहां पलंग के नीचे छिपा दिया। 

पिक्चर वाली कहानियां-टॉम थंब

नन्हे टॉम थंब ने उसकी सातों बेटियों के सिर से मुकुट उतार लिए। फिर उन्हें अपनी और अपने भाइयों की टोपियां पहना दी। इसके बाद वह उनके घर से ढेरों गहने लेकर अपने भाइयों सहित चुपके से भाग गया। 

जब आदमखोर राक्षस अपने घर वापस आया, तो उसने इन्सानी मांस की गंध महसूस की। आदमखोर राक्षस को टोपियों वाली अपनी बेटियां इन्सान के समान दिखाई दीं। वह उन्हें खाना चाहता था। तभी उसे पता चला कि वे तो उसकी अपनी बेटियां हैं। आदमखोर राक्षस द्वारा यह सब पूछने पर उसकी पत्नी ने उसे उन बच्चों के बारे में बता दिया। 

आदमखोर राक्षस क्रोधित होकर टॉम थंब के पीछे दौड़ा। जब वह भागते-भागते थक गया, तो एक चट्टान पर बैठ गया। थोड़ी ही देर में उसे नींद आ गई। उस चट्टान के पास एक जहरीला सांप रहता था। उसने अचानक आदमखोर राक्षस को डस लिया और वह वहीं मर गया। 

इस दौरान टॉम थंब अपने भाइयों सहित अपने घर पहुंच गया था। सारी बातें सुनकर टॉम थंब के माता-पिता बहुत प्रसन्न हुए। इसके बाद टॉम थंब और उसके भाई अपने माता-पिता के साथ खुशी-खुशी रहने लगे। अब उनके पास पैसों की कमी नहीं थी। उन्हें सारी सुख-सुविधा प्राप्त हो गई थी।

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