Pani Kitna Pina Chahiye-पानी कितना पीना चाहिए

pani kitna pina chahiye

Pani Kitna Pina Chahiye-पानी कितना पीना चाहिए

पानी कितना पिये, कैसे पिये 

आज पानी हेल्थ मंत्र बन गया है। लाइफस्टाइल मैगजीनों और फिल्मी सितारों ने पानी के फायदों का इतना प्रचार किया कि लोग यह मानने लगे कि सुंदरता और स्वास्थ्य के लिए ढेर सारा पानी पीना सबसे पहली जरूरत है। लेकिन आपको यह बात समझना चाहिए कि किसी भी चीज का सीमा से अधिक सेवन हमारे लिए नुकसानदेह हो सकता है। पानी के बिना हम जीवित नहीं रह सकते, लेकिन अधिक मात्रा में पानी का सेवन हमारे लिए जानलेवा हो सकता है! 

Pani hamare sharir ke liye kyu hai jaruri(क्यों जरूरी है हमारे लिए पानी)

 पानी हमारे शरीर का प्रमुख रासायनिक तत्त्व है और यह हमारे शरीर के कुल भार का 60 प्रतिशत होता है। हमारे शरीर के प्रत्येक तंत्र की कार्यप्रणाली पानी पर निर्भर होती है। उदाहरण के लिए, पानी हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है और पोषक तत्त्वों को कोशिकाओं तक पहुँचाता है। कान, नाक और गले के ऊतकों को नमी वाला पर्यावरण उपलब्ध कराता है। शारीरिक तापमान और क्रियाओं को संतुलित रखने के साथ-साथ शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालकर शरीर को पोषक तत्त्व और ऑक्सीजन प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

मनुष्य 24 घंटे में कितना पानी पीना चाहिए,

पुरुष को कितना पानी पीना चाहिए,1 दिन में कितने लीटर पानी पीना चाहिए,महिला को कितना पानी पीना चाहिए

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को प्रतिदिन करीब 2.5 लीटर और पुरुषों को 3 लीटर पानी पीना चाहिए। वैसे उम्र, सेहत और वजन के अनुसार व्यक्ति विशेष के लिए पानी की आवश्यकता अलग-अलग हो सकती है। एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए? यह सवाल जितना आसान है, इसका जवाब उतना ही मुश्किल है। किसी को लगता है कि ज्यादा पानी पीने से स्किन पर ग्लो आता है….किसी का मानना है कि ज्यादा पानी पीने से वजन घटता है। वैसे ये बातें सच भी हैं, लेकिन एक और सच यह है कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना हमारे लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि जीवन के लिए पानी सबसे आवश्यक तरल पदार्थ है। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में पानी का इतना प्रचार हुआ है कि लोग पानी को एक हेल्थ टॉनिक समझने लगे हैं, उन्हें लगता है कि सेहत से जुड़ी समस्याओं का समाधान इस बात में छुपा है कि ढेर सारा पानी रोज पिया जाए। लेकिन आपको पानी संतुलित मात्रा में और तभी पीना चाहिए, जब आपको प्यास लगे। 

Dehydration kya hai

डिहाइड्रेशन क्या है-मनुष्य के शरीर में पानी की मात्रा कमी हो जाने पर डिहाइड्रेशन बीमारी हो जाता है एक स्वस्थ मनुष्य को 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए जिससे शरीर में पानी की मात्रा की कमी न हो सके। डिहाइड्रेशन अधिकतर गर्मियों में ही होता है लेकिन सर्दियों में भी हो सकता है

सर्दियों में भी हो सकता है डिहाइड्रेशन 

सर्दी के मौसम में ज्यादा पानी क्यों पीना? अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो अपनी सोच बदल डालिए। सर्दी के मौसम में भी आप डिहाइड्रेशन के शिकार हो सकते हैं। सर्दियों में मौसम ठंडा होने के कारण पसीना कम आने के साथ-साथ प्यास भी कम महसूस होती है और इस वजह से हम पानी कम पीते हैं। सर्दियों में कम मात्रा में पानी और अधिक मात्रा में किया गया चाय और कॉफी का सेवन डिहाइड्रेशन को न्योता देने का कारण है। घर के अंदर अधिक समय तक चलनेवाले रूम हीटर भी डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं। पानी की कमी से शरीर को सामान्य कार्यों को संचालित करने के लिए पानी नहीं मिल पाता, इसलिए सर्दियों में भी संतुलित मात्रा में पानी का सेवन अवश्य करें। 

विंटर डिहाइड्रेशन के लक्षण 

मौसम कैसा भी हो डिहाइड्रेशन के लक्षण एक समान ही होते हैं। मुँह सूखना, त्वचा मुरझाना, होंठ फटना, थकावट महसूस होना, पेशाब कम आना, चक्कर आना जैसे लक्षण सर्दियों में होनेवाले डिहाइड्रेशन में भी दिखाई देते हैं। 

Pani ki kami se sharir me kya hota (शरीर में पानी की कमी होने से क्या होता है)

कृत्रिम हार्ट वाल्व लगवा चुके अथवा एंजियोप्लास्टी करवानेवाले जिन लोगों के शरीर में धातु निर्मित स्टेंट लगा होता है, उनके लिए शरीर में पानी की कमी हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। पानी की कमी के चलते रक्त गाढ़ा होने लगता है और वह हृदय के स्नायुओं से चिपकने लगता है, जिससे स्टेंट अवरुद्ध हो सकता है। यह खासतौर से उन रोगियों के लिए ज्यादा खतरनाक होता है, जिनके हृदय में हाल ही में स्टेंट डाला गया है। मरीज के शरीर में स्टेंट की सुगम कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए शरीर में उचित मात्रा में पानी का स्तर 

बनाए रखना आवश्यक है। कई लोग सर्दियों में पानी का बहुत ही कम सेवन करते हैं हृदय रोगों से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति घातक हो सकती है। 

पानी नहीं पीना तो रसीले फल और सब्जियाँ खाएँ 

कई लोगों को बार-बार पानी पीना पसंद नहीं होता है या कुछ लोग अकसर पानी पीना भूल जाते हैं। ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि हेल्थ एक्सपर्ट जब पानी अधिक पीने की बात करते हैं तो उनका मतलब पानी की उस मात्रा से होता है, जो हम समग्र रूप से लेते हैं। सब्जी से लेकर फल तक हर चीज में पानी का अंश होता है। ये अंश भी हमारी सेहत पर वही असर करता है, जो पानी अपने शुद्ध रूप में करता है। फलों, सब्जियों, दूध, ग्रीन टी और जूस में भी काफी मात्रा में पानी होता है। जो लोग इन चीजों का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, उन्हें ज्यादा मात्रा में पानी की आवश्यकता नहीं होती। इसलिए अगर आपको बार-बार पानी पीना पसंद नहीं है तो अपने डाइट चार्ट में उन चीजों की संख्या बढ़ा दें, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। इन चीजों का सेवन करेंगे तो आपको अधिक मात्रा में पानी पीने की आवश्यकता नहीं होगी। 

jyada pani pine se kya nukasan hota hai(ज्यादा पानी पीने के नुकसान)

किडनी पर दबाव 

हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि अधिक पानी पीने से हमारी किडनी को अधिक पानी को फिल्टर करने के लिए अत्यधिक काम 

करना पड़ता है, जिससे किडनी पर अधिक दबाव पड़ सकता है, जो घातक हो सकता है।

दिल के लिए भी नुकसानदेह 

आवश्यकता से अधिक पानी पीने से हमारे दिल को भी खतरा हो सकता है, इससे हार्ट फेल हो सकता है।

 मुश्किल से पचता है खाना 

जरूरत से ज्यादा पानी पीने से हमारे पेट के पाचक रस की सांद्रता कम हो जाती है, जिससे खाना पचने में समय लगता है। कई बार खाना ठीक से पच भी नहीं पाता। 

आँखों पर दाब

कई लोग सुबह उठकर ढेर सारा पानी पीते हैं, क्योंकि बहुत सारी किताबों में लिखा है कि पानी हमारे सिस्टम को साफ करता है। लेकिन कोरे पेट 1 लीटर से अधिक पानी पीने से आँखों पर दाब बढ़ता है और नियमित रूप से करने से ग्लुकोमा हो सकता है। 

घातक हो सकता है ओवर हाइड्रोशन

हमारे शरीर में पानी की अधिक मात्रा बॉडी के फ्ल्यूड को पतला कर देती है, जिससे सोडियम का स्तर घातक स्तर तक कम हो जाता है। अत्यधिक पानी पीने से फायदे से ज्यादा नुकसान है; इससे कोशिकाएँ फूल जाती हैं, जिनमें मस्तिष्क की कोशिकाएँ भी शामिल होती हैं, जिससे बेहोशी, चक्कर आने की समस्या होती है। व्यक्ति कोमा में जा सकता है और उसकी मृत्यु हो सकती है। 

हमेशा स्वच्छ पानी का सेवन करें 

स्वस्थ रहने के लिए साफ पानी का सेवन करना अत्यधिक आवश्यक है। आपकी जीवनशैली और खान-पान चाहे जितना भी अच्छा हो, अगर पानी साफ नहीं है तो आप और आपका परिवार कई बीमारियों की चपेट में आ सकता है। पानी शुद्ध है या फिर अशुद्ध, इस बात का दावा आप केवल पानी को देखकर नहीं कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि साफ दिखनेवाले पानी में भी कई प्रकार की अशुद्धियाँ होती हैं। इसलिए फिल्टर का पानी इस्तेमाल करें या पानी को उबालकर और स्वच्छ सूती कपड़े से छानकर साफ बरतन में भरें। जब भी घर से बाहर जाएँ, पानी की बोतल साथ लेकर जाएँ। गंदा पानी पीने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं: 

  • गंदे पानी में रहनेवाले बैक्टीरिया से संक्रमण हो सकता है। इस कारण टाइफायड, हैजा, बुखार हो सकता है। 
  • गंदे पानी से वायरल इन्फेक्शन भी हो सकता है, जिससे पीलिया की बीमारी हो सकती है। 
  • उल्टी, दस्त गंदे पानी के सेवन से होनेवाली सबसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या है। 
  • अशुद्ध पानी पीने से फूड पॉइजनिंग हो सकता है। 
  • लंबे समय तक गंदा पानी पीने से कैंसर और प्रजनन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। 
  • बच्चों के दिमागी विकास में बाधा उत्पन्न हो सकती है। 

कुछ तथ्य और आँकड़े 

  • हमारा शरीर बिना भोजन के तीन सप्ताह तक जीवित रह सकता है, लेकिन बिना पानी के केवल तीन दिन तक, क्योंकि हमारा शरीर पानी का भंडारण नहीं करता है। 
  • अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि एक 
  • औसत पुरुष को प्रतिदिन 3 लीटर और महिला को 2.2 लीटर पानी पीना चाहिए। 
  • एक औसत व्यक्ति अपने शरीर से प्रतिदिन 1 
  • से 1.5 लीटर पानी बाहर निकालता है। 
  • कुछ अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि खाना खाने के एक घंटे बाद पानी पीना चाहिए, इससे भोजन में मौजूद पोषक तत्त्वों 
  • को अवशोषित करने में आसानी होती है। 
  • पानी में जीरो कैलोरी होती है। 

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