मोटरसाइकिल का आविष्कार किसने किया-Motorcycle ka aavishkar kisne kiya

Motorcycle ka aavishkar kisne kiya

मोटरसाइकिल का आविष्कार किसने कियाMotorcycle ka aavishkar kisne kiya

 मोटर साइकिल वर्टमबर्ग (जर्मनी) का रहने वाला गॉटलीब डेमलर एक नानबाई का बेटा था। डेमलर को अपनी साइकिल पर घूमना अत्यधिक पसंद था। परंतु अब चूंकि वो जवान नहीं रह गया था उसके लिए अपनी साइकिल चलाना एक कठिन कार्य साबित होने लगा था। उसने महसूस किया कि अब तो मात्र आधा घंटा साइकिल चलाने पर ही उसके पैर जवाब देने लग जाते थे। ।

पैडल मारने की अपेक्षा साइकिल चलाने का कोई और भी अच्छा विकल्प होना चाहिए, ऐसा वह अक्सर सोचता था। मोटर और अधिक भरोसेमंद ढंग से निर्मित हो तो शायद किसी मोटर को साइकिल पर लगाया जा सके। 

यहां यह बता देना आवश्यक है कि मोटर से तात्पर्य है वह उपकरण जिसकी ताकत अथवा शक्ति से कोई वाहन चलता हो। 

डेलमर को इंजीनियरिंग संबंधित कोई ज्ञान न था। परंतु एक होशयार दिमाग का मालिक डेलमर यह बात अच्छी तरीके से जानता था कि उसके सपने को साकार करने के लिए एक नया ईंधन परमावश्यक था। डेलमर के समय की सभी मोटरें कोयले के दहन पर आधारित थीं और बराबर चलने के लिए उनमें लगातार दहन एक आवश्यक बात थी। डेलमर ने विकल्प के तौर पर पेट्रोल को आजमाया और दहन के लिए बिजली का इस्तेमाल किया। 

इसके बाद डेलमर ने अपनी साइकिल के फ्रेम में कुछ तब्दीलियां की। उसने ज्यादा ताकत के लिए लकड़ी के पहियों एवं एक भारी फ्रेम का चयन किया। यह सन् 1884 की बात है। डेलमर की यह नई खोज (मोटर साइकिल), अपनी शुरुआत से ही लोकप्रिय हो गई।

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