मोबाइल शासन (एम गवर्नेंस) पर निबंध अथवा भारत में मोबाइल गवर्नेस पर निबंध(Mobile Governance in India)

मोबाइल शासन (एम गवर्नेंस) पर निबंध

मोबाइल शासन (एम गवर्नेंस) पर निबंध अथवा भारत में मोबाइल गवर्नेस पर निबंध(Mobile Governance in India)

मोबाइल फोन को सूचना एवं संचार की मौजूदा क्रांति का यदि अग्रदूत कहा जाए, तो इसमें असंगत कुछ भी न होगा। मोबाइल ने दुनिया बदल दी है और दूरियों को भी मिटाया है। पलक झपकते इसके द्वारा संदेशों का आदान-प्रदान हो जाता है, दूर बैठे व्यक्ति से बातचीत हो जाती है। मोबाइल की सबसे बड़ी विशिष्टता यह है कि इसकी पहुंच दूर-दराज के क्षेत्रों तक में बन चुकी है। यह सस्ता भी है और सुलभ भी। भारत में इसके धारकों की संख्या भी काफी है। मोबाइल की इन्हीं खूबियों के कारण ही मोबाइल गवर्नेस (मोबाइल प्रशासन) का प्रादुर्भाव हुआ, जिसने देखते ही देखते अपनी उपादेयता को साबित भी कर दिखाया।

पहले ई-गवर्नेस ने हमारी सहूलियत-सुविधाओं को बढ़ाया, अब एम. गवर्नेस भी इस दिशा में लाभकारी सिद्ध हो रहा है। मोबाइल गवर्नेस, ई-गवर्नेस की ही एक ऐसी शाखा है, जिसकी उपादेयता हमारे बीच काफी बढ़ चुकी है। निःसंदेह मोबाइल फोन, इंटरनेट से चलने वाले उपकरणों, लैपटॉप, पॉमटाप, ब्लू टूथ, वाई-फाई तथा वायरलेस नेटवर्क जैसी उन्नत मोबाइल टेक्नोलॉजी की बढती लोकप्रियता ने भारत में क्रांति ला दी है। यह विकसित टेक्नोलॉजी लाखों शहरी तथा ग्रामीण घरों में पहुंच गई है। नागरिकों को समय पर तथा सही जानकारी देना और लोक-सेवाओं के संवर्धित उपयोग, नागरिकों की भागीदारी तथा सशक्तीकरण को सुगम बनाने के माध्यम से सरकार तथा लोगों के बीच दोतरफा संप्रेषण प्रणाली की स्थापना करना लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। 

भारत में लोक सेवा के क्षेत्र में व्याप्त अपारदर्शिता एवं लेट लतीफी की शिकायतों को दूर करने में एम. गवर्नेस काफी प्रभावी व उपयोगी साबित हो रहा है। गैस की बुकिंग से लेकर रेल टिकट बुकिंग तक, अब सब कुछ मोबाइल से संभव है। राज्यवार भी एम. गवर्नेस के अच्छे रुझान मिल रहे हैं। कुछ राज्यों में तो इसका विस्तार व विकास तीव्र गति से हो रहा है। मसलन, केरल अपनी एम-गवर्नेस पहल के साथ आगे बढ़ रहा है। शिकायत पंजीकरणों, प्रवेश परीक्षा परिणामों, फाइल-ट्रैकिंग तथा स्वास्थ्य सेवाओं जैसी सेवाओं के क्षेत्र में यह राज्य अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन गया है। 

“मोबाइल की सबसे बड़ी विशिष्टता यह है कि इसकी पहुंच दूर-दराज के क्षेत्रों तक में बन चुकी है। यह सस्ता भी है और सुलभ भी। भारत में इसके धारकों की संख्या भी काफी है। मोबाइल की इन्हीं खूबियों के कारण ही मोबाइल गवर्नेस (मोबाइल प्रशासन) का प्रादुर्भाव हुआ, जिसने देखते ही देखते अपनी उपादेयता को साबित भी कर दिखाया।” 

इंटरनेट (ई-गवर्नेस) के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं की तुलना में मोबाइल फोन द्वारा प्रदान की जाने वाली लोक सेवाएं अधिक लोगों तक पहुंचती हैं। एम-गवर्नमेंट अनुप्रयोगों को विभिन्न प्रयोजनों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है-जैसे लोक स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए, शिक्षा प्रणाली और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए। एम. गवर्नेस स्वास्थ्य सेवाएं रोगों, उनके लक्षणों, कारणों, निदान, रोकथाम और रोगमुक्ति के संबंध में लोगों को शिक्षित करने में लोगों की सहायता कर सकता हैं। मोबाइल प्रौद्योगिकी बच्चे के समग्र विकास के लिए अभिभावकों तथा शिक्षकों के बीच संप्रेषण को सुखद बनाती है। 

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में तो एम. गवर्नेस की उपयोगिता कुछ ज्यादा ही है। एम-गवर्नेस से ग्रामीण क्षेत्र, विशेष रूप से कृषि, सर्वाधिक लाभान्वित हो सकता है। कृषि संबंधित अद्यतन एवं उपयोगी जानकारी जुटाने का तो यह अत्यंत उपयोगी माध्यम है। हाथ में पकड़े जाने वाले उपकरणों (साधनों) पर दी गई मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी तथा उर्वरकों के मूल्य की जानकारी किसानों के लिए सहायक होती है। मोबाइल बैंकिंग के लाभों से तो आप अवगत ही हैं, जनजीवन से जुड़े अनेक क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता बढ़ी है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो तुर्की, फिलीपींस, चेक गणराज्य, बांग्लादेश तथा एस्टोनिया जैसे अनेक विकासशील देश एम-गवर्नेस के लिए मोबाइल सेवाएं तथा समाधान सृजित करने में सफल रहे हैं। तुर्की में “मोबीस’ नामक एक सेवा सेंट्रल कमान यूनिट तथा मोबाइल यूनिटों के बीच कानून के बेहतर कार्यान्वयन के लिए, प्रभावी संप्रेषण को सुगम बनाती है। ऐसी ही एक यातायात सूचना प्रणाली टीबीएस बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए मौजूद है। मोबाइल डोनेशनों द्वारा मोबाइल फोन प्रयोक्ता विशेष मूल्य वाले एसएमएस दान के लिए भेज सकते हैं। भूकंप अनुवीक्षण तथा सूचना प्रणाली और म्युनिसिपल अनुप्रयोग स्थानीय स्तर पर कार्य करते हैं। अन्य देशों में सफल एम.गवर्नेस सेवाओं के उदाहरणों में हेल्थकेयर के लिए एकमुश्त भेजे जाने वाले एसएमएस, औषधि लेने का स्मरण कराने वाले रिमाइंडर, फार्म अलर्ट्स तथा सूचना, एसएमएस द्वारा परीक्षा परिणाम की सूचना, अभिभावकों के साथ संप्रेषण, आपातिक स्थिति, मानवीयतापर्ण राहत के लिए एसएमएस तथा कर सेवा के लिए भेजे जाने वाले एसएमएस शामिल हैं। मोबाइल संप्रेषण अवसंरचना तथा विषयवस्तु के क्षेत्र में विकास के साथ भारत निश्चित रूप से एम-गवर्नेस को एक नए स्तर पर ले जा सकता है। 

भारतीय संदर्भ में एम. गवर्नेस अपनाने के संबंध में बहुत सी बाधाएं आनी संभाव्य हैं। जिन क्षेत्रों में इसे लागू किया गया, वहां  शुरुआती बाधाएं भी आईं और विरोध भी हुआ, किन्तु धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो गया। वस्तुतः ऐसा तो हर परिर्वतन के साथ होता है क्योंकि किसी भी नई संकल्पना के लिए, उसके विकास और सफलता के लिए कतिपय नई प्रणालियों की स्थापना करना आवश्यक होता है। अतिरिक्त लागत सरकार के लिए चिंता का एक कारण हो सकती है किंतु सिर्फ तब तक जब तक कि ऐसी एम-गवर्नेस प्रणाली अन्य प्रणालियों का स्थान नहीं ले लेती। चूंकि संदेश तथा कंटेंट सूचना का मुख्य स्रोत हैं अतः अनपढ़ व्यक्ति इस क्रांति से अछूते रह जाएंगे। किंतु इंटरएक्टिव वॉयस-रिस्पांस आधारित समाधान उपलब्ध कराए जा सकते हैं। सूचना की सुरक्षा का पहलू भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। 

“मौजूदा दौर में वैश्विक रुझानों ने पर्याप्त रूप से यह दर्शाया है कि लोक सेवा प्रदायगी में मोबाइल प्रौद्योगिकी की बढ़ती उपयोगिता किस प्रकार सफल रही है। दुनियाभर में विभिन्न प्रयोजनों के लिए टार्गेटेड मैसेजिंग सेवाओं का प्रयोग किया जा रहा है।” 

मौजूदा दौर में वैश्विक रुझानों ने पर्याप्त रूप से यह दर्शाया है कि लोक सेवा प्रदायगी में मोबाइल प्रौद्योगिकी की बढ़ती उपयोगिता किस प्रकार सफल रही है। दुनियाभर में विभिन्न प्रयोजनों के लिए टार्गेटेड मैसेजिंग सेवाओं का प्रयोग किया जा रहा है। जहां कहीं भी मोबाइल संप्रेषण का सरकारी कार्यों में प्रयोग किया गया है वहां इसने सरकारी कामकाज में उल्लेखनीय सुधार और दक्षता को जन्म दिया है। हाल ही के रुझानों तथा अवसरों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा कर इसने सामाजिक तथा आर्थिक क्षेत्रों में भी विकास की गति को बढ़ाया है। गैर-सरकारी संगठनों ने भी प्रत्यक्ष सामाजिक परिवर्तन में व्यापक प्रयोग के लिए मोबाइल प्रौद्योगिकी का प्रयोग आरंभ कर दिया है। 

एम-गवर्नेस का भविष्य उज्ज्वल है बशर्ते कि इसका प्रयोग सही दिशा में हो, सही पद्धतियां प्रयोग में लाई जाएं और सरकार, नागरिकों तथा इससे जुड़े समस्त हिस्सेदारों द्वारा इसके लिए संकेंद्रित प्रयास किए जाएं। सम्मिलित व सुचिंतित प्रयासों से एम. प्रशासन जीवन के हर क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है, बशर्ते हम इस प्रणाली का मजबूत ढांचा विकसित करें। 

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