मिकी माउस कैसे बना था-Mickey mouse kaise banaa tha

मिकी माउस कैसे बना था

मिकी माउस कैसे बना था

कैसे बना मिकी माउस-दुनिया भर के देशों के बच्चों का प्यारा है ‘मिकी माउस’। इसीलिए तो इसके कार्टून भरे कॉमिक्स तथा फिल्में देखकर बच्चे खिलखिला पड़ते हैं। मिकी, मिनी, डोनाल्ड डक, प्लूटी डॉग, गूफी तथा दो गिलहरियों के कारनामे देखकर तो रोता हुआ बच्चा भी सब भूलकर हंस पड़ता है। बड़े-बड़े जूते और लंबे कान वाले मिकी माउस का जन्म सन् 1928 में हुआ था।

अप्रैल सन् 1928 में ही इसके रचयिता वाल्ट डिज्नी ने मिकी माउस पर एक फिल्म बनाने की सोची थी |उस समय मिकी माउस कॉमिक्स हाथों-हाथ लिया गया था। वर्ष 1928 के 18 नवम्बर को न्यू यार्क के एक थिएटर हॉल में पहली बार मिकी माउस पर बनी फिल्म ‘स्टीमबोट विली’ दिखाई गई थी। बाद में सन् 1955 में वाल्ट डिज्नी ने कैलिफोर्निया में डिज्नीलैंड नाम से भव्य थीमपार्क बनाया। 

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मिकी माउस कैसे बना था

‘मिकी माउस’ के जन्मदाता वाल्ट डिज्नी का वास्तविक नाम वाल्ट इलियास था। उसका जन्म सन् 1901 में अमरीका में हुआ था। बचपन से वाल्ट डिज्नी को कार्टून बनाने का बेहद शौक था। वह तरह-तरह के कार्टून व कॉमिक्स बनाता था, किंतु कोई भी प्रकाशक या समाचार-पत्र के संपादक उसके कार्टून व कॉमिक्स को छापते नहीं थे।

एक स्थिति तो यह आई कि कार्टून व कॉमिक्स बनाते-बनाते डिज्नी की सारी सम्पत्ति समाप्त हो गई, घर बिक गया, उसे फुटपाथ पर रातें गुजारनी पड़ी। एक शाम बारिश आ गई। सर्दी का मौसम और तेज बरसात से बचने के लिए उसने रात एक गोदाम में बिताई। वहीं गोदाम में एक चूहा और चुहिया आ गई। बस चूहे और चुहिया ने उस गोदाम में ऐसे-ऐसे 

करतब दिखाए कि हंसते-हंसते वाल्ट डिज्नी के पेट में बल पड़ गए। उसने यह घटना अपने मित्र तथा प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट को बताई। सब सुनकर ‘उबे’ बोला, “क्यों न हम चूहे के करतबों पर ही कार्टून बनाएं,” और उस रात दोनों ने जमकर कार्टून बनाए। चूहे का नाम रखा गया-मिकी और चुहिया का मिनी।

जब ‘मिकी माउस’ के कार्टून लेकर डिज्नी एक प्रकाशक के पास गए, तो वह उसे तुरंत छापने को तैयार हो गया। जैसे ही ‘मिकी माउस’ के कारनामे छपे, अमेरिका भर में उसकी धूम मच गई। फिर तो चारों तरफ से प्रकाशकों ने वाल्ट डिज्नी के घर पर डेरा डाल दिया। 

हर कोई मुंहमांगे दाम देकर ‘मिकी माउस’ के करतबों से भरे कॉमिक्स छापना चाहता था। छापते ही ‘मिकी माउस’ की प्रतियां हाथों हाथ बिक जाती थीं। पहले-पहल मिकी व मिनी दो चरित्र हुआ करते थे। बाद में मिकी चूहे के परिवार में डोनाल्ड डक, प्लेटो डॉग, गूफी और दो गिलहरी बहनें भी शामिल हो गईं।

बच्चे, जवान और बूढ़े सब मिकी माउस व डोनाल्ड डक के दीवाने हो गए। कॉमिक्स की अपार सफलता से उत्साहित होकर वाल्ट डिज्नी ने ‘मिकी माउस’ को लेकर दो मूक फिल्में बनाईं और फिर वर्ष 1928 में उसने बोलती फिल्म ‘स्टीमबोट बिली’ बनाई। इस कार्टून फिल्म में खुद डिज्नी ने मिकी माउस को अपनी आवाज दी थी।

 मिकी माउस के सुपरहिट होने के बाद डिज्नी ने वर्ष 1955 में अमेरिका के कैलीफोर्निया में एक बहुत विशाल थीम पार्क बनवाया। इस पार्क में मिकी माउस, मिनी माउस, डोनाल्ड डक, प्लूटो, गूफी, जुड़वां गिलहरियां चिनी-मिनी और स्कैप के कार्टून कथा-शृंखला में बने हैं। बच्चे यहां अपने चहेते चरित्र से मिल सकते हैं।

रोज हजारों बच्चे पार्क देखने जाते हैं। आज मिकी माउस और डोनाल्ड डक के कॉमिक्स दुनिया भर के 46 से अधिक भाषाओं में छपते हैं। टीवी चैनलों पर दुनिया भर में मिकी माउस व डोनाल्ड डक की कार्टून फिल्में दिखाई जाती हैं। आज कार्टून नेटवर्क सहित सभी प्रमुख चैनलों में मिकी माउस छाया हुआ है।

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