मजेदार शिक्षाप्रद कहानी-घमंडी राजकुमार

मजेदार शिक्षाप्रद कहानी-घमंडी राजकुमार

मजेदार शिक्षाप्रद कहानी-घमंडी राजकुमार

एक बार की बात है। किसी देश में एक घमंडी राजकुमार था। वह दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति बनना चाहता था। ऐसे में उसने पड़ोसी देशों पर हमला कर दिया और बहुत अत्याचार किया। शीघ्र ही उसके अत्याचार और निर्दयता के किस्से सारी दुनिया में फैल गए। 

यही नहीं, घमंडी राजकुमार ने अपना संगमरमर का पुतला बनवाकर शहर के बीचो-बीच लगवा दिया और यह घोषणा करवा दी, “हर इन्सान को इस मूर्ति के आगे सिर झुकाना होगा।” 

मजेदार शिक्षाप्रद कहानी

राजकुमार के डर से सभी लोगों ने उसकी बात मान ली। लेकिन एक युवक राजकुमार से नहीं डरा। उसने मूर्ति के आगे सिर झुकाने से इनकार कर दिया। वह बोला, “हो सकता है कि तुम इस धरती के सबसे अधिक शक्तिशाली जीव हो, लेकिन तुम भगवान नहीं हो। भगवान ही सबसे बड़ी शक्ति हैं। इसलिए हम तुम्हारे आगे सिर नहीं झुकाएंगे।” 

युवक की बात सुनकर घमंडी राजकुमार ने फैसला किया कि वह भगवान को हरा देगा। उसने अपने मंत्रियों से कहा, “एक ऐसा बड़ा-सा जहाज बनाओ, जो आकाश में उड़ सके। उसमें हजारों खिड़कियां होनी चाहिए, ताकि उनके माध्यम से गोलियां चलाई जा सकें।” 

शीघ्र ही एक बड़ा-सा हवाई जहाज बन गया। राजकुमार जहाज के बीच में बैठ गया और सारी बंदूकों का नियंत्रण एक धागे से करने लगा। जब वह धागे को खींचता, तो सभी बंदूकों से एक साथ गोलियां चलतीं और बंदूकों में फिर से कारतूस भर जाते। उस जहाज से हजारों चीलें बांधी गई थीं, ताकि वे बंदूकों की आवाज सुनकर आसमान में उड़ान भर सकें। 

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शीघ्र ही आकाश में जहाज उड़ने लगा। यह देखकर भगवान ने देवदूतों का एक दल भेजा, ताकि घमंडी राजकुमार को सबक सिखाया जा सके। जब देवदूत उस जहाज के पास पहुंचे, तो राजकुमार उन पर गोलियां चलाने लगा। लेकिन देवदूतों पर उन गोलियों का कोई असर नहीं हुआ। 

केवल एक देवदूत को हल्की -सी चोट आई और उसके पंख से खून की एक बूंद टपकी। ज्यों ही वह खून जहाज पर गिरा, त्यों ही उसके मस्तूल में एक बड़ा-सा छेद हो गया। जहाज इतना भारी हो गया कि वह ‘धड़ाम’ से धरती पर गिरकर चकनाचूर हो गया। 

जहाज के नष्ट हो जाने के बाद भी किसी तरह राजकुमार की जान बच गई। परंतु तब भी उसने कोई सबक नहीं ग्रहण किया। उसने हमले की एक अन्य योजना तैयार की। राजकुमार के साथियों ने ठोस इस्पात का जहाज बनाया। उसे हवा में उड़ाने के पूरे प्रबंध किए गए। फिर राजकुमार अपने बलशाली सिपाहियों के साथ जहाज में सवार हो गया। 

जब हवाई जहाज आकाश में पहले से भी ज्यादा ऊंचाई पर पहुंचा, तो भगवान ने उस घमंडी राजकुमार को सबक सिखाने के लिए नन्हे भुनगों का एक दल भेज दिया। उन्हें आता देखकर राजकुमार चिल्लाया कि उसे धातु की चादर से ढक दिया जाए। राजकुमार के सिपाही उसे धातु की चादर से ढक ही रहे थे कि एक भुनगा उसके भीतर घुस गया और उसने उसके शरीर पर कई जगह बुरी तरह काट लिया। 

 

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भुनगे के काटने से घमंडी राजकुमार को इतना दर्द हुआ कि वह अपने कपड़े उतारकर ‘हाय-हाय’ करता हुआ भागा। सिपाही उसे देखकर हंसने लगे। वे बोले, “घमंडी राजकुमार सर्वशक्तिशाली भगवान से लड़ने चला था और एक छोटे से भुनगे से ही हार मान गया।” 

इस घटना से घमंडी राजकुमार का घमंड हमेशा के लिए चूर-चूर हो गया। अब वह अच्छा राजकुमार बन गया था।