मछली जल में ऊपर-नीचे कैसे आती जाती है? 

मछली जल में ऊपर-नीचे कैसे आती जाती है? 

मछली जल में ऊपर-नीचे कैसे आती जाती है? 

मछली के शरीर में एक अंग होता है, जो ‘वाताशय’ कहलाता है। इसकी सहायता से मछली अपने आकार में परिवर्तन कर सकती है। वाताशय प्रत्याष्य ऊतक की एक थैली है, जो रीढ़ और पेट के बीच में होती है। वाताशय जल से भरा होता है और इसे छोटा-बड़ा किया जा सकता है। 

जब वाताशय का आकार अधिकतम होता है तो मछली का आकार भी अधिकतम होता है। ऐसे में मछली अधिकतम जल विस्थापित कर सकती है। तब मछली पर क्रियाशील उत्प्लावल बल सबसे अधिक होता है। इससे मछली पीठ के बल तैरती है। 

जब मछली अपने वाताशय को छोटा कर लेती है, तो मछली का आकार भी घट जाता है। तब वह कम जल विस्थापित करती है और उस पर क्रियाशील उत्प्लावक बल कम होता जाता है। ऐसी स्थिति में मछली पानी में डूब कर नीचे चली जाती है।

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