केरल में घूमने वाली जगह

Kerala mein ghumne wali jagah

केरल में घूमने वाली जगहKerala mein ghumne wali jagah

पश्चिम में अरब सागर के साथ पूर्व में 500-2700 मीटर ऊंचे पश्चिमी घाट और 44 नदियों से घिरा हुआ केरल राज्य एक अनोश्वी भौगोलिक विशेषता रखता है। एशिया का सबसे अधिक पर्यटक इस जगह पर आते हैं। यहां का हरे-भरे पर्वतीय स्थल,जलप्रपात,पन्ने के समान हरे पानी के लंबे दौर, लंबी तटीय रेखा के साथ शांत तट,विशिष्ट वन्य जीवन और अच्छा मौसम यहां के पर्यटक को बहुत भाता है। इसके अलावा सभी पर्यटक यहां आने के लिए केवल दो घण्टे की दूरी तय करके एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकते हैं। यह एक ऐसा लाभ है जो अन्य किसी पर्यटक स्थल पर नहीं है। 

KERAL

तिरुवनंतपुरम 

तिरुअनंतपुरम को केरल राज्य की राजधानी है। इस जगह का पहले नाम थिरू अनंता पुरम था यह  अभी केरल का प्राचीनतम राजधानी है। लेकिन अब इसका नाम तिरुअनंतपुरम या त्रिवेंद्रम पर गया, यह इलाका पहाड़ियों और मैदानों के बीच बसा हुआ है। यह सुंदर और आकर्षित पर्यटन के लिहाज से घूमने के लिए बहुत अच्छा है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर 

पद्मनाभस्वामी मंदिर 

पद्मनाभस्वामी मंदिर को केरल राज्य के तिरुअनंतपुरम का ऐतिहासिक स्थल के रूप में जाना जाता है। भारत में उपस्थित सभी प्रमुख मंदिर के समान इस वैष्णव मंदिर को भी माना जाता है। इस मंदिर के चारों तरफ का स्थान अर्थात इसका परिसर बहुत विशाल है जो पूर्वी किले के अंदर स्थित है।

लोगों को इसका एहसास तब होता है जब सात मंजिला गोपुरम देखा जाता है।यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का उदाहरण है । इस मंदिर में उपस्थित पवित्र कुंड,पद्मा तीर्थम,नवरात्रि मंडप और कुलशेकर मंडप इस मंदिर का आकर्षण और भी बढ़ा देता है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर 

केरल में घूमने का स्थानkerala mein ghumne ka sthan

तिरुवनंतपुरम वेधशाला 

 तिरुवनंतपुरम के संग्रहालय में यह वेधशाला स्थित है इस वेधशाला का निर्माण वर्ष 1837 में हुआ था। यह वेधशाला महाराजा स्वाति द्वारा बनाया गया था। भारत की सबसे पुरानी वेधशाला मे तिरुवनंतपुरम वेधशाला भी है। यहां पर आप ब्रह्मांड और अंतरिक्ष से जुड़ी बहुत सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।तिरुवनंतपुरम वेधशाला के पास के पहाड़ी के सामने बहुत खूबसूरत और आकर्षक बगीचा है। इस बगीचा में गुलाबों का फूलों का बहुत बेहतरीन संग्रह है।

खानपान 

खानपान 

केरल अपने परंपरागत शाकाहारी भोजन ‘सध्या’ के लिए जाना जाता है। सध्या उबले हुए चावल की एक डिश है जो केले के पत्तों पर परोसी जाती है। इसके साथ पायसम नाम का मीठा, सांबर, बटरमिल्क, नींबू का अचार आदि होते हैं। अवल नानचातु, मोरु दोसा, राइस उपमा, इडियप्पम, एला अडा, चिरट्टा पुद, पीचींगा तीयल, उल्ली तीवल, अवल पायसम जैसी कई स्थानीय डिशेज भी मशहूर हैं। 

केरल में घूमने लायक जगह-kerala mein ghumne layak jagah

चिडियाघर 

चिडियाघर 

केरल चिड़ियाघर भारत का सबसे पुराना चिड़ियाघर है यह चिड़ियाघर पीएमजी जंक्शन के पास स्थित है जो  55 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला हुआ है और यह चिड़ियाघर भारत के जैविक वनस्पति उद्यान का भी हिस्सा है।इस चिड़ियाघर का निर्माण 1857 ईसवी में हुआ था। यह चिड़ियाघर त्रावणकोर के महाराजा द्वारा बनाया गया संग्रहालय के एक भाग के रूप में हुआ था। इस संग्रहालय में देसी- विदेशी जंतु और वनस्पति का संग्रह है।

इस संग्रहालय में आने पर लगता है कि एक बड़े शहर के बीचो बीच एक जंगल बसा हुआ है।इस संग्रहालय में एक रेप्टाइल हाउस बनाया गया है जहां पर सांपों की अनेक प्रजातियां रखी गई है जिसे देखकर लोग बहुत अचंभित होते हैं।रॉयल बंगाल,एशियाई शेर, भारतीय गैंडा और नीलगिरी लंगूर भी आपको देखने के लिए मिलेगी।

वाइजिनजाम

वाइजिनजाम एक मछुआरे का गांव है जो तिरुअनंतपुरम से 17 किलोमीटर दूर स्थित है। यह यह स्थान बीच रिसोर्ट और आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध है। वाइजिनजाम यह अन्य आकर्षक स्थान है जो चट्टानों को काटकर एक सुंदर सी गुफा बनाई गई है। इसी गुफा के नजदीक विनंधरा दक्षिणमूर्ति का एक बहुत आकर्षक मंजिल है। इस मंदिर में चट्टानों को काटकर सुंदर प्रतिभाएं बनाई गई है। इस सुंदर मूर्तियों को 18 वीं शताब्दी में बनाया गया है।

वाइजिनजाम मे एक बहुत बड़ा एक्वेरियम भी है जिसका नाम मैरीन एक्वैरियम भी है। इस एक्वेरियम में रंग बिरंगी और आकर्षक मछलियां रखी गई है जिसे देखकर लोगों को बहुत अच्छा लगता है। इस एक्वेरियम में मछली की कुछ प्रजाति जैसे ट्रिगर फिश,बटरफ्लाई फिश,लायन फिश,स्क्विरिल फिश और क्लाउन फिश रखी गई है। यहां आप शार्क जैसी शिकारी मछलियां और सर्जिअन फिश भी देख सकते हैं।

नेपियर संग्रहालय 

नेपियर संग्रहालय 

नेपियर संग्रहालय लकड़ी से बनी हुई एक सुंदर और आकर्षक इमारत है और यह संग्रहालय शहर के उत्तर के म्यूजियम रोड पर स्थित है। यह संग्रहालय भी भारत का सबसे पुराना संग्रहालय है। इस संग्रहालय का निर्माण वर्ष 1855 मैं किया गया था। इस संग्रहालय में कांसे से बनाई गई पार्वती, लक्ष्मी, शिव और विष्णु, की प्रतिमाएं भी प्रदर्शित की गई हैं। इस कांसे की मूर्ति का निर्माण आठवीं से अठाहरवीं शताब्दी के दौरान हुआ था।

चाचा नेहरू बाल संग्रहालय 

चाचा नेहरू बाल संग्रहालय 

चाचा नेहरू बाल संग्रहालय खासकर  बच्चों के लिए बनाया गया है यह बच्चों के आकर्षण का केंद्र है। इस संग्रहालय की स्थापना 1980 में की गई थी।विभिन्न परिधानों में सजी 2000 आकृतियां भी इस संग्रहालय में रखी गई है। यहां एक छोटा एक एक्वेरियम मलयालम में प्रकाशित पहली बाल साहित्य की प्रति और हेल्थ एजुकेशन डिस्प्ले भी यहां पर दिखाई गई है।

केरल में प्रमुख पर्यटन स्थल-Best palace to visit in Kerala in Hindi
मन्नार 

मुन्नार जो केरल का खूबसूरत हिल स्टेशन है मुन्नार को ईश्वर का देश भी कहा जाता है। इस जगह को देखने पर ऐसे लगता है कि मानव इस धरती पर स्वर्ग यही पर है इसकी खूबसूरती का क्या कहना।मुन्नार का दक्षिणी-पश्चिमी मैदानी इलाका ऐसा लगता है जैसे मानव की इस जगह के मैदानों पर तरंगे तैर रही है। यह इलाका समुद्र तल से 1700 मीटर ऊपर है। मुन्नार को यहां के लोगों द्वारा चाय को भगाने का शहर भी कहा जाता है। यहां पर आपको चाय के कई बगीचे देखने को मिल जाएंगे।यहां चाय के कई बगीचे देखने को मिल जाएंगे। 

अगर आप खतरनाक और रोमांचक खेल के शौकीन है तो मुन्नार शहर में आपके लिए बहुत कुछ  है। जैसे  पैराग्लाइडिंग,हाइकिंग, और ट्रैकिंग आदि। इकोपाइंट,चितीरापुरमज्ञ और राजमाला भी देखने लायक स्थान है। अगर असली सुंदरता की बात करें तो मुनार मे पोतैमेदु में है, जो बहुत सुंदर और महत्वपूर्ण बागान है। इस बागान में मन को भाने वाले झीलें और घने जंगल भी है जो यहां की खूबसूरती को चार चांद लगा देता है।

More from my site

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *