कैसे पहचान होती है स्त्री-पुरुष के कंकाल की? 

कैसे पहचान होती है स्त्री-पुरुष के कंकाल की

कैसे पहचान होती है स्त्री-पुरुष के कंकाल की? 

मानव कंकाल की पहचान नर या मादा के रूप में उसकी खोपड़ी अथवा कूल्हे की हड्डी में उपस्थित विभिन्न भागों की भिन्नताओं व लक्षणों से की जाती है। यह पहचान बड़ी दुर्घटनाओं तथा प्राकृतिक आपदाओं में काफी महत्वपूर्ण सिद्ध होती है। खोपड़ी का आकार, उसकी बनावट, कंधे की हड्डी, गाल की हडूडी, जबड़ा, दांतों का आकार आदि नर व मादा में अलग-अलग होता है।

Kaise pahchan Hoti Hai stri purush ki kankal ki

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 इसके अलावा कूल्हे की | हड्डी की बनावट और जोड़ की भिन्नताएं भी इस पहचान में सहायक होती हैं। इनके अलावा बच्चे को जन्म देने के कारण महिलाओं की श्रेणी मेखला की चौड़ाई भी पुरुष की अपेक्षा कुछ ज्यादा होती है। अन्य कुछ हड्डियां भी स्त्रियों में पतली होती हैं। ऐसे ही अध्ययनों के पश्चात् यह पहचान की जाती है कि प्राप्त कंकाल स्त्री का है या पुरुष का तथा यह भी कि इसकी लंबाई और उम्र कितनी होगी। 

 

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