Jaldi Amir Kaise Bane-अमीर बनने की तीव्र इच्छा 

Jaldi Amir Kaise Bane

Jaldi Amir Kaise Bane-अमीर बनने की तीव्र इच्छा 

“इच्छा सफलता का शुरुआती बिंदु है। जिस तरह छोटी आग से कम गर्माहट मिलती है, उसी तरह कमजोर इच्छा से कमजोर परिणाम मिलते हैं।” -नेपालियन हिल्स

अमीर बनने की तीव्र इच्छा ही आपको अमीरी के शिखर तक पहुंचा सकती है। एंथोनी वर्क के अनुसार तीव्र इच्छा जीवन की शक्ति है। इसके द्वारा आप दुनिया की किसी भी चीज को हासिल कर सकते हैं।

 मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इच्छा और तीव्र इच्छा में फर्क होता है। इसे जानना और समझना बहुत जरूरी है। इच्छा वह होती है जो आप कहते हैं लेकिन करते नहीं हैं। तीव्र इच्छा आपके सपने को साकार करने के लिए लक्ष्य तक पहुंचने पर विवश करती है। तीव्र इच्छा आपको समस्याओं से जूझने व हल निकालने के लिए बल देती है। साथ ही उदासीनता और आलस्य पैदा नहीं होने देती। 

राइट बंधुओं की तीव्र इच्छा थी कि वे हवा में उड़ सकें। उन्होंने उड़ने वाला यंत्र बनाया। उनके अंदर उत्पन्न तीव्र इच्छा की वजह से ही यह सब कुछ संभव हो पाया। सुप्रसिद्ध लेखक डोल कारनेगी कहते हैं कि जिनके मन में आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा नहीं होती वे कभी आगे नहीं बढ़ सकते। मोण्ट्रोन ने एक जगह कहा है कि मन की तीव्र इच्छा में वह जादू है जो हकीकत को साकार करता है। 

सफलता का इतिहास लिखने वाले व्यक्तियों ने तीव्र इच्छा के गुण पर महान सफलताएं अर्जित की हैं। नेपोलियन हिल मानते हैं कि तीव्र इच्छा वह शुरुआती बिंदु है जहां से स्वप्नदर्शी को अपने आगे की यात्रा शुरू करनी है। यानी इच्छा ही लांचिंग पैड का काम करती है। अमीर बनने के सपने को हकीकत में बदलना चाहते हैं तो आपके अंदर तीव्र इच्छा होनी चाहिए। 

आपके अंदर तीव्र इच्छा नहीं है तो आप अपने सपने को पूरा नहीं कर सकते। आप कभी भी अमीर नहीं बन सकते। जीवन में आप किसी चीज को पाना चाहते हैं इस बात की तीव्र इच्छा आपके अंदर पैदा होगी तभी आप उस चीज को हासिल करने की कोशिश करेंगे। यदि आपके अंदर उसे हासिल करने के लिए तीव्र इच्छा नहीं है तो आप उसे हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे। 

तीव्र इच्छा खास काम यह भी करती है कि वह उदासीनता और आलस्य को पैदा नहीं होने देती। उदासीनता और आलस्य बहुत ही बुरी बातें होती हैं। यह दोनों अमीरी के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करते हैं। इन दोनों से बचने के लिए अपने मन में अमीर बनने की तीव्र इच्छा को उत्पन्न करें। 

कैसे अमीर बने- सोच को बड़ा बनाएं 

“लगन, हौसला और इच्छाशक्ति हो, तो इंसान तमाम असफलताओं के बाद भी जीत सकता है।” -अब्राहम लिंकन

बड़ी सोच और सफलता का गहरा संबंध है। मैं गरीब हूं, मेरे पास साधन नहीं हैं, मेरी ऊंची पहुंच नहीं है जैसी सोच रखने वालों को कभी भी कामयाबी नहीं मिलती। अमीर बनना है तो अपनी सोच को बड़ा बनाएं। आप जितना बड़ा सोचेंगे उतनी ही बड़ी सफलता मिलेगी। 

कंबाइन इंश्योरेंस कंपनी ऑफ अमेरिका की स्थापना करने वाले डब्लू. क्लीमेंट स्टोन बचपन में शिकागो की सड़क पर अखबार बेचा करते थे। वाल्टन सात वर्ष की उम्र में खरगोश व कबूतर पाल कर बेचने का काम किया करते थे। स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी के संस्थापक जॉन डी. रॉकफेलर अधिक पढ़े-लिखे नहीं थे। उन्होंने मात्र 22 वर्ष की उम्र में ऑयल कंपनी की नींव डाली। प्रख्यात रिटेल व्यवसायी फ्रैंक वूलवर्थ काफी गरीब परिवार से थे। इन सबके कामयाब होने का एक ही कारण था कि उनकी सोच बड़ी थी। 

एक बार तीन युवक एक गुरु के पास दीक्षा लेने गए। गुरु ने दीक्षा देने से पहले उनसे कहा, “मैं हर किसी को दीक्षा नहीं देता। जो मेरी परीक्षा में पास होगा। मैं उसे ही दीक्षा दूंगा।” 

उन्होंने तीनों को एक-एक मुट्ठी चने देकर कहा, “तुम तीनों छह माह पश्चात आना। तब मैं तुम्हें दीक्षा दूंगा।” यह सुनकर तीनों युवक आश्रम से चले गए। छह माह पश्चात तीनों युवक फिर एक बार गुरु के पास दीक्षा लेने पहुंचे। गुरु ने तीनों युवकों से एक-एक मुट्ठी चने वापस मांगे। 

एक ने कहा, “चने उसके किसी काम के नहीं थे। इसलिए उसने उन्हें घर में ऐसे ही रख दिया था, जिन्हें चूहों ने खा लिया।” 

दूसरे ने कहा, “चने ले जाकर उसने एक घड़े में रख दिए थे। कई दिनों बाद जब उसने घड़े को खोला तो उसमें रखे सारे चने खराब हो चुके थे।” 

तीसरे ने एक बोरी दिखाते हुए कहा, “मैंने उन्हें खेत में बो दिया। समय पर फसल पक गई और उन्हें काट लिया। इस तरह मुट्ठी भर चने एक बोरी में बदल गए हैं। इससे वे सुरक्षित रहने के साथ बढ़ भी गए।” 

यह सुनकर गुरु बहुत खुश हुए। गुरु ने तीसरे युवक को दीक्षा देने के लिए चुना, क्योंकि उनमें वही युवक सृजनशील सोच वाला था। उसने एक मुट्ठी चने को एक बोरी चने में बदल दिया।

दुनिया के सबसे अमीर आदमी बिल गेट्स ने अपनी क्रिएटिव सोच की बदौलत करोड़ों रुपये कमाए और दुनिया के सबसे अमीर आदमी बने। जब सारी कंपनियां हार्डवेयर के सहारे ही सब काम कर रही थीं तो माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के दिमाग में सॉफ्टवेयर का क्रिएटिव आइडिया आया। उन्होंने इस बारे में अनेक कंप्यूटर कंपनियों से बात की। पर अधिकतर कंपनियों ने बिल गेट्स की बात पर विश्वास नहीं किया। उन कंपनियों को इसमें कोई लाभ दिखाई नहीं दिया। बिल गेट्स सॉफ्टवेयर के लाभ के बारे में बहुत पहले ही समझ चुके थे। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। इस अवसर को वे छोड़ना नहीं चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में क्रांति लाने का श्रेय बिल गेट्स को ही जाता है। एम. एस. डॉस, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, माइक्रोसॉफ्ट एक्सल तथा सीडी रोम जैसे हार्डवेयर उनकी ही देन हैं। जिस तरह दुनिया की तरक्की में कंप्यूटर का सबसे बड़ा योगदान है, उसी तरह कंप्यूटर की तरक्की में बड़ी सोच वाले बिल गेट्स का हाथ है।

‘द मैजिक ऑफ बिग थिंकिंग’ के लेखक डेविड जे. श्वार्ट्ज का कहना है कि किसी भी सफलता के लिए पहली जरूरत होती है बड़ी सोच। आपकी सोच जितनी बड़ी होगी, सफलता भी उतनी ही बड़ी होगी। समस्या से डर कर कभी भी न भागें। उससे जितना भागेंगे वह आपका उतना ही पीछा करेगा। समस्या को सिर उठाते ही कुचलने की कोशिश करें। 

‘चिकन सूप फॉर द सोल’ के लेखक जैक केनफिल्ड इस पुस्तक को लिखने से पहले कर्ज में डूबे हुए थे। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी यह पुस्तक प्रकाशित होने के बाद जिंदगी ही बदल जाएगी। हुआ भी वही। इस पुस्तक की 100 मिलियन कॉपियों के साथ उन्होंने सफलता हासिल की। 

यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलीना (यूएस) के जाने-माने मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर डॉ. बारबार फ्रेड्रिक्सन का कहना है कि सृजनात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति में सबसे बड़ी बात यह होती है कि वह कभी भी बुरे यानी गंदे विचारों को अपने मन में नहीं रखता। वह हमेशा कुछ सृजन करने की यानी कुछ अच्छा करने की सोचता है। 

सृजनशील व्यक्ति हमेशा खुश रहता है। उदासी उसके पास नहीं आती है। सृजनशील व्यक्ति सुखी होता है, क्योंकि उसके पास दुख कभी नहीं आता। वह कभी बोर नहीं होता है, क्योंकि उसके पास बोर होने के लिए खाली समय ही नहीं होता है। वह हमेशा कुछ न कुछ अच्छा करने की सोचता रहता है। 

आप अमीरी को हासिल करना चाहते हैं तो अपने मन में बड़ी सोच रखें। बड़ी सोच हमेशा सफलता दिलाती है। क्या हासिल करना चाहते हैं। यह अच्छे ढंग से तय कर लें। आपके पास ऐसे कौन-से संसाधन, संबंध 

और उपाय हैं जिनके द्वारा आप उसे हासिल करना चाहते हैं। उन्हीं से हासिल करने की कोशिश करें। यकीन करें कि आपको सफलता जरूर मिलेगी। 

खुद को जानें 

“मेरी बात का यकीन करें। आप अमीर बन सकते हैं। इसके लिए खुद को मजबूत समझना होगा। खुद को कमजोर समझने वाला कभी भी अमीर नहीं बन सकता।” -नेपोलियन हिल्स

आप अमीर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले खुद को जानना होगा। अपने आपको पहचानना होगा। अमीर बनने के लिए आपको यह तय करना होगा कि आपके लिए स्टेशनरी का कारोबार ठीक रहेगा या स्क्रैप का कारोबार, पेंट बेचने का काम ठीक रहेगा या दीवार पर पेंट करने का काम। अपने अंदर झांक कर अपनी क्षमता को पहचानें कि आप क्या कर सकते हैं।

महान वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडिसन जब बल्ब का आविष्कार करने में लगे हुए थे। तब उन्हें इसके लिए 3000 से अधिक प्रयोग करने पड़े। तब जाकर बिजली से चलने वाले बल्ब का आविष्कार कर पाए। इस बारे में एडिसन का कहना था कि मैं खुद को पहले से जान चुका था कि मैं बल्ब का आविष्कार कर सकता हूं। इसलिए मैंने अपने प्रयोग का सिलसिला जारी रखा। आखिर में मैं इसमें सफल होकर ही रहा। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवाने वाले मशहूर हेयर एक्सपर्ट जयनारायण भाटी का कहना था कि जो अपने आपको पहचान गया वह सफल हो गया। मुझे बचपन से ही एक अच्छा हेयर स्टाइलिस्ट बनने का शौक था। मैं अपने आपको पहचान चुका था। मैंने अपने दोस्तों की कटिंग करनी शुरू कर दी।

आगे चल कर मैंने अपना हेयर स्टाइलिंग का बिजनेस शुरू किया। मैं हमेशा इस कोशिश में रहता था कि मेरी अपनी एक अलग पहचान हो। सन् 2002 में 108 घंटे में 1451 लोगों के बाल काटने का रिकॉर्ड बनाया। सन् 2005 में 171 घंटे में 1800 लोगों के बाल काट कर नया रिकॉर्ड बनाया। 

कैल्विन कूलिज कहते हैं कि बहुत कम लोगों में क्षमता का अभाव होता है। लेकिन वे असफल इसलिए होते हैं, क्योंकि वे अपनी क्षमता का उपयोग नहीं करते। एक मनोवैज्ञानिक का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति में एक अलौकिक गोपनीय शक्ति होती है। जिसकी कल्पना न तो वह स्वयं कर सकता है और न ही कोई अन्य। किंतु जब उस शक्ति का स्वरूप दिखाई देता है तो अन्य लोगों के साथ-साथ वह भी हैरान रह जाता है। 

जब भी कोई काम शुरू करें, अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनने की कोशिश करें। आपके मन में किसी काम को करने की इच्छा हो रही है तो उस काम को अवश्य करें। जो आपको सबसे अच्छा लगे उसकी शुरुआत करें। 

किंगकांग का नाम सभी ने सुना है। कहा जाता है कि किंगकांग बचपन में काफी कमजोर और मरियल-सा था। एक दिन वह अपने पिता के साथ कुश्ती देखने अखाड़े में गया। वहां मौजूद पहलवानों को देखकर उसके मन में भी पहलवान बनने की इच्छा हुई। लेकिन अपने शरीर को देखकर वह मन मसोस कर रह गया। किंगकांग को उदास देखकर उसके पिता ने पूछा, “क्या हुआ?” किंगकांग बोला, “मैं भी पहलवान बनना चाहता हूं।” यह सुनकर उसके पिता उसे एक पहलवान के पास ले गए और उन्हें किंगकांग की इच्छा बताई। 

पहलवान ने किंगकांग को देखते हुए पूछा, “क्या तुम पहलवान बनना चाहते हो?” 

किंगकांग ने पूरे विश्वास से कहा, “हां, मैं भी नामी पहलवान बनना चाहता हूं।” 

किंगकांग की बात सुनकर पहलवान बहुत खुश हुआ। उसी दिन से किंगकांग ने अखाड़े में पहलवान बनने की शुरुआत कर दी और एक दिन उसने बड़ा पहलवान बन कर दिखा दिया। 

किंगकांग शारीरिक रूप से कमजोर जरूर था, लेकिन उसने कभी भी अपने आपको कमजोर नहीं समझा, इसीलिए एक दिन शक्तिशाली पहलवान बना। 

धन को पाने और उसे संभालने के लिए मजबूत होना जरूरी है। खुद को कमजोर समझने वाले धन प्राप्त नहीं कर सकते। यदि किसी तरह से उनके पास धन आ भी जाता है तो वे उस धन को संभाल कर रख नहीं सकते। 

एक आश्रम में गुरु अपने शिष्यों के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। एक शिष्य ने गुरु से पूछा, “पहाड़ शक्तिशाली है, क्या उससे अधिक शक्तिशाली इस संसार में कोई नहीं है?” 

गुरु ने कहा, “नहीं…पहाड़ से भी शक्तिशाली लोहा होता है। क्योंकि लोहे से पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया जाता है।” 

“गुरुदेव, तब तो लोहा सबसे अधिक शक्तिशाली हुआ।” __ “नहीं, लोहे से अधिक शक्तिशाली अग्नि होती है। क्योंकि अग्नि लोहे को गला देती है।” 

“इसका मतलब दुनिया में अग्नि ही सबसे शक्तिशाली है।” 

“नहीं, अग्नि से भी शक्तिशाली जल है, क्योंकि जल अग्नि को बुझा देता है।” 

“गुरुदेव, तब तो जल ही शक्तिशाली है?” 

“नहीं, जल से भी अधिक शक्तिशाली है सूर्य, जो जल को भी सुखा देता है।” 

“गुरुदेव, क्या सूर्य सबसे अधिक शक्तिशाली है?” “सूर्य से भी बड़ा होता है बादल, जो सूर्य को ढक लेता है।” “इसका मतलब बादल शक्तिशाली है।” । 

“नहीं, बादल से भी शक्तिशाली है हवा, जो बादल को उड़ाकर ले जाती है।” 

“फिर तो हवा से अधिक शक्तिशाली कोई भी नहीं।” “नहीं वत्स, सबसे शक्तिशाली मनुष्य होता है, जो इन सभी को अपने वश में कर लेता है। मनुष्य सब कुछ कर सकता है। वह पहाड़ को हिला सकता है, लोहे को गला सकता है, हवा और पानी का रुख बदल सकता है, अग्नि को काबू में कर सकता है। वह सूर्य की तरह चमक सकता है। मेरे कहने का उद्देश्य यह है कि प्रत्येक व्यक्ति में वह सब गुण मौजूद होते हैं जो अमीर बनने के लिए जरूरी हैं। बस जरूरत है तो उसे पहचानने की।”

प्रत्येक मनुष्य के अंदर हीरे की तरह एक अलौकिक शक्ति होती है। मनुष्य जब अपनी मेहनत और लगन से उस शक्ति को हीरे की तरह तराशता है और सफलता की बुलंदियों को छूता है तो सभी आश्चर्यचकित रह जाते हैं। 

कहने का मतलब यह है कि स्वयं की शक्ति को पहचाने बिना सफल होना मुश्किल है। जब आप अपने आपको पहचानेंगे, अपनी क्षमता को जानेंगे, अपनी कार्यकुशलता को पहचानेंगे, अपनी शक्ति को पहचानेंगे तभी आप आगे बढ़ सकते हैं और दौलत कमा सकते हैं। 

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