क्या जामुन की नई विकसित उन्नत किस्म ‘जामवंत’ क्या मधुमेह को नियंत्रित करने में सक्षम है?

क्या जामुन की नई विकसित उन्नत किस्म 'जामवंत' क्या मधुमेह को नियंत्रित करने में सक्षम है?

क्या  जामुन की नई विकसित उन्नत किस्म ‘जामवंत’ क्या मधुमेह को नियंत्रित करने में सक्षम है?Is the newly developed improved variety of berries ‘Jamwant’ capable of controlling diabetes?

-20 वर्ष के अथक प्रयास के बाद वैज्ञानिकों ने जामुन की ‘जामवंत’ किस्म विकसित की है, जो मधुमेह के निदान में प्रभावी है. केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों ने इसका विकास किया है. इसकी गुठली बहुत छोटी है और 92 प्रतिशत गूदा है. 

वैज्ञानिकों ने करीब दो दशक के अनु संधान के बाद जामवंत’ को तैयार किया है, इसमें कसैलापन नहीं है और 90 से 92 प्रतिशत तक गूदा होता है. इसकी गुठली बहुत छोटी है. जामुन के विशाल पेड़ की जगह इसके पेड़ को बौना और सघन शाखाओं वाला बनाया गया है. गुच्छों में फलने वाले इसके फल पकने पर गहरे बैंगनी रंग के हो जाते हैं. इस किस्म को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए जारी कर दिया गया है. 

संस्थान के अनुसंधान सलाहकार समिति के अध्यक्ष ने हाल ही में जामवंत को वाणिज्यिक खेती के लिए जारी किया, संस्थान को देश के अधिकांश हिस्सों से हजारों की संख्या में ग्राफ्ट पौधे की नियमित मांग मिल रही है, ग्राफ्टिग तकनीक के कारण इसके पेड़ 5 वर्ष के भीतर फल देने लगते हैं. इसके पेड़ को छोटा रखने की तकनीक संस्थान में विकसित की गई है, जो इन ग्राफ्टेड पौधों को वांछनीय ऊँचाई पर बनाए रखने में मदद करता है..

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