बीरबल की कहानियों का विशाल संग्रह-मां का प्यार

बीरबल की कहानियों का विशाल संग्रह

बीरबल की कहानियों का विशाल संग्रह-मां का प्यार

अकबर अक्सर अपनी राजधानी के आसपास के गांवों में जा कर देखते कि वहां सभी गांव वाले आपस में प्रेम से रहते हैं या नहीं और वहां के नागरिकों को किसी प्रकार की कोई समस्या तो नहीं है। बीरबल हमेशा उनके साथ रहते और वे गांव के आसपास के खेतों व बागों की शोभा देखते हुए चलते। वे दोनों अपने-अपने घोड़ों पर सवार होते। इस दौरान अकबर को दूर-दूर तक फैले खेत देखना बहुत अच्छा लगता था।

एक बार अकबर और बीरबल किसी खेत के पास से गुजर रहे थे। उन्होंने एक स्त्री को देखा जो अपने बच्चे को दुलार कर रही थी। बच्चे ने मां को प्यार से देखा तो मां भी मुस्कुराई और बड़े ही लाड से अपने बच्चे का माथा चूम लिया। अकबर को यह दृश्य बहुत अच्छा लगा पर ज्यों ही उनकी नजर बच्चे पर गई तो वे हैरान रह गए। वह तो बहुत ही मरियल और काला सा बालक था। 

अकबर अपनी हैरानी को छिपा नहीं सके और बीरबल से बोले, “बीरबल! एक बात बताओ। क्या तुम उस महिला को बच्चे के साथ खेलते देख रहे हो?”

बीरबल की कहानियों का विशाल संग्रह

 “जी जहांपनाह, मैं उन्हें देख सकता हूं।” बीरबल ने कहा। “जरा उस बालक को देखो, कितना दुबला और बदशक्ल दिख रहा है। उसकी मां उससे इतना प्यार कैसे कर सकती है? क्या उसे दिखाई नहीं देता कि बच्चा कितना बदसूरत है?” 

बीरबल अकबर के मुख से ऐसे शब्द सुन कर चौंके। फिर उन्होंने कहा, “जहांपनाह, मां की रचना तो ईश्वर ने की है। उसके लिए तो इस संसार में सब कुछ ही बहुत प्यारा और सुंदर होता है। उसे हर चीज में सुंदरता दिखाई देती है। जब उसके बालक की बात आती है तो वह उसे नि:स्वार्थ भाव से दुलार करती है। उसके लिए बच्चे की सुंदरता कोई मायने नहीं रखती। वह बालक को नौ माह तक अपने गर्भ में रख कर पालती है और जब बच्चा इस दुनिया में आ जाता है तो यह उसके लिए दुनिया की सबसे बड़ी खुशी होती है इसलिए एक मां के लिए कोई भी बच्चा बदसूरत या मरियल नहीं होता।”

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अकबर को अपने शब्दों पर खेद हुआ। उन्हें किसी की संतान के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। परंतु वे संसार के सबसे सुंदर बालक को देखना चाहते थे। उन्होंने कहा, “बीरबल! मैं समझ गया कि तुम क्या कहना चाहते हो। मैं दुनिया के सबसे सुंदर बालक को देखना चाहता हूं। क्या तुम इसमें मेरी मदद कर सकते हो?” “जी जहांपनाह, मैं आपके लिए ऐसा कर सकता हूं परंतु आपको कल तक इंतजार करना होगा।” बीरबल ने कहा। बीरबल ने अगले दिन दरबान से कहा कि वह दुनिया का सबसे सुंदर बालक ला कर बादशाह के सामने पेश करे। कुछ समय बाद दरबान ने आ कर कहा, “जहांपनाह! ये रहा दुनिया का सबसे सुंदर बालक।” अकबर ने कहा “तुम कैसे कह सकते हो कि यह बालक ही दुनिया का सबसे सुंदर बालक है?” दरबान बोला कि उसने अपनी पत्नी से इस बारे में पूछा तो उसने कहा कि उनका अपना बेटा ही दुनिया का सबसे सुंदर बालक है इसलिए उसे ही दरबार में ले जाना चाहिए।

तब अकबर को एहसास हुआ कि बीरबल ने झूठ नहीं कहा था। हर मां को अपना बालक सबसे सुंदर दिखाई देता है।

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