How to make rich man in hindi-आधी अधूरी जानकारी

How to make rich man in hindi

How to make rich man in hindi-आधी -अधूरी जानकारी

“सही जानकारी द्वारा भविष्य में होने वाली परेशानियों से आप सहजरूप से बच जाते हैं। ऐसी कई स्थितियों का, जिनका सामना आपको करना ही है, किसी भी तरह से उनसे बचा नहीं जा सकता, आप बड़ी आसानी से सामना कर पाते हैं, क्योंकि उसके लिए आप पहले से तैयार हैं। इससे आपकी ऊर्जा को सही दिशा मिलती है।” -वेदांत तीर्थ

आप अमीर बनना चाहते हैं तो किसी भी कारोबार को शुरू करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। आधी-अधूरी जानकारी नीम-हकीम के बराबर होती है। ज्यों-ज्यों उससे इलाज करवाते जाते हैं त्यों-त्यों मर्ज बढ़ता जाता है। मर्ज यानी समस्या। समस्या को बढ़ाना नहीं चाहते हैं तो किसी भी काम की शुरुआत करने से पहले उसकी अच्छे ढंग से जानकारी हासिल कर लें। उसके बाद ही उस काम को शुरू करें। तभी आपको कामयाबी मिल सकती है। 

किसी चीज के बारे में आधी-अधूरी जानकारी असफलता का कारण बन सकती है। एक कंपनी के मालिक प्रवीण खुराना का कहना है कि काम में असफलता हाथ लगने का एक मुख्य कारण है उस काम के बारे में पूरी जानकारी का न होना। सफलता का सबसे बढ़िया नुस्खा है जिस कार्य को करना चाहते हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी लेकर कार्य को शुरू करना। 

राजा कृष्णचंद्र के राज दरबार में तेनालीराम थे। तेनालीराम की चतुराई से राजा काफी प्रभावित थे। दरबार के अन्य लोग तेनालीराम से चिढ़ते थे। वे राजा से तेनालीराम की हमेशा बुराई करते रहते थे। राजा कृष्णचंद्र को तेनालीराम की काबिलियत पर विश्वास था। वे तेनालीराम की बुराई इस कान से सुनते और दूसरे कान से बाहर निकाल देते थे। 

एक दिन की बात है कि तेनालीराम दरबार में उपस्थित नहीं थे। यह देखकर दरबारी बहुत खुश हुए। दरबारियों की खुशी का कारण राजा समझ गए। उन्होंने कहा, “आज दरबारियों में से कौन तेनालीराम की जगह पर काम करेगा?” 

सभी दरबारियों ने मिलकर एक दरबारी को चुना जिसे वे सबसे अधिक बुद्धिमान समझते थे। इतने में राजमहल के बाहर गाजे-बाजे की आवाज सुनाई दी। राजा कृष्णचंद्र ने उस दरबारी को बाहर से आने वाली आवाज के बारे में पता करने के लिए कहा। 

राजा का आदेश पाकर वह दरबारी बहुत उत्साह के साथ वहां से बाहर चला गया और कुछ ही देर में लौट आया। उसने राजा से कहा, “महाराज, बाहर किसी की बारात जा रही है।” 

“किसकी बारात जा रही है?” राजा ने पूछा। 

यह तो उसने पता नहीं किया। वह इस बात का पता लगाने के लिए राज दरबार से बाहर निकल गया। कुछ देर बाद लौट कर उसने बताया, “महाराज, नगर के सेठ के बेटे की बारात जा रही है?”

 “किसके घर जा रही है।” राजा का प्रश्न सुनकर वह दरबारी अपना सिर खुजलाने लगा। यह तो उसने पूछा ही नहीं था। वह पूछने बाहर चला गया। इसी तरह राजा उससे एक सवाल करते और वह जवाब लेने के लिए बाहर दौड़ पड़ता था। 

इतने में तेनालीराम दरबार में उपस्थित हुए। राजा कृष्णचंद्र ने तेनालीराम से कहा, “बाहर यह कैसी आवाज है?” 

तेनालीराम ने कहा, “महाराज, मैं अभी आकर बताता हूं।” कुछ ही देर में तेनालीराम दरबार में लौट आए। 

उन्होंने राजा को बताया कि नगर के सेठ घनश्यामदास के बेटे की बारात जा रही है। उसमें पचास बाराती हैं। बारातियों के पास पांच घोड़े, दो ऊंट, दस बैल गाड़ियां हैं। बारात पास के गांव में जा रही है। वर का नाम रमेश है, वधू का नाम राधा है। 

तेनालीराम ने एक ही बार में सभी जानकारी लाकर राजा को दे दी। तेनालीराम की कार्य कुशलता को देख सभी दरबारी हैरान रह गए। 

राजा ने कहा, “जो जिस पद के लिए उपयुक्त है उसे वही पद मिलता है।” गहन जानकारी की वजह से तेनालीराम उस पद पर आसीन रहे। 

स्टील किंग मित्तल ने एक बार कहा था कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसके बारे में अच्छी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए। उसी के मुताबिक कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए। कामयाबी के शिखर पर पहुंचने के लिए सम्पूर्ण जानकारी के साथ ही कार्य की शुरुआत करें। आपको सफलता जरूर मिलेगी।

अमीर बनने का सही तरीका- खतरनाक है शॉर्टकट

“ऊंची चोटी पर पहुंचना हो तो अपने उद्योग को निचली सतह से आरम्भ करो। काम से जिसका संबंध हो, ऐसी किसी भी बात को अनुपयोगी न समझो, उसका पूरा ज्ञान प्राप्त करो।” -स्वेट मार्डन 

अमीर बनने के लिए कभी शॉर्टकट रास्ता न अपनाएं। शॉर्टकट तरीके से धन तो कमाया जा सकता है पर सुकून नहीं मिलता है। शॉर्टकट का मतलब है अवैध तरीके से धन कमाना। कुछ लोग जल्द से जल्द अमीर बनने के लिए शॉर्टकट रास्ते को अपना लेते हैं। जो लोग शॉर्टकट रास्ता अपनाते हैं, उन्हें बाद में पछताना पड़ता है। 

अवैध तरीके से कितना भी धन प्राप्त कर लें, आप सुकून से नहीं जी सकते। क्योंकि गलत तरीके से कमाए गए धन को पुलिस की नजरों से बचाने के साथ खुद को पुलिस, समाज और लोगों से बचाने के चक्कर में आप भागते फिरते हैं। राजू रामलिंगम ने सत्यम कंपनी के द्वारा लोगों से गलत तरीके से पैसे कमाए। हर्षद मेहता ने शेयर बाजार में धांधली करके करोड़ों रुपये कमाए। राजू रामलिंगम, करीम तैलगी या हर्षद मेहता ने अमीर बनने के लिए शॉर्टकट रास्ता अपनाया था।

कमाई किए हुए पैसे का सुख आप भोग नहीं सकते। अधिक पैसा भागने व छुपने पर खर्च हो जाता है। सफलता के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता है। चंद्रमा पर पहुंचने के लिए कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है। आसमान को छूना है तो कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है। वहां जाने के लिए सीधा रास्ता ही अपनाना पड़ेगा। 

विनोद जल्द से जल्द सब कुछ हासिल करना चाहता था। वह ढेर सारी दौलत कमाकर अमीर बनना चाहता था। सब कुछ जल्दी पाने के लिए उसने शॉर्टकट से अमीर बनने का रास्ता अपनाया। लोगों को आधे दाम पर चीजें देने का काम शुरू किया। आधे दाम में चीज पाने के चक्कर में उसकी दुकान पर लोगों की भीड़ लगने लगी। 

शुरू-शुरू में विनोद ने कुछ लोगों को आधे मूल्य पर अच्छा सामान दे दिया। जब लोगों को उस पर विश्वास हो गया तो वह सामान देने से पहले ही लोगों से आधे पैसे जमा करवाने लगा। लोगों द्वारा सामान लेने के लिए आने पर वह उन्हें अगले महीने आने की बात कह कर वापस भेज देता। 

देखते ही देखते बुकिंग के नाम पर उसके पास हजारों लोगों के करोड़ों रुपये जमा हो गए। एक दिन मौका देखकर वह सारे रुपये बटोर कर वहां से चंपत हो गया। बुकिंग के नाम पर रुपये बटोर कर वह अमीर तो बन गया, पर उन रुपयों ने उसकी सुख-शांति को छीन लिया। 

विनोद पुलिस और लोगों के डर से यहां, वहां छुपता फिर रहा था। उसके बुरे दिन शुरू हो गए। उसे न दिन को चैन था, न रात को नींद। वह डरा-डरा सा रहने लगा। उसे हमेशा अपने पकड़े जाने का भय सताने लगा। उसके पास करोड़ों रुपये थे, लेकिन उसके मुंह से एक भी निवाला नहीं उतर रहा था। 

खुद को बचाने के चक्कर में विनोद कभी इस शहर तो कभी उस शहर में भागता फिर रहा था। उसके पास के रुपये भी तेजी से खत्म होते जा रहे थे। वह अधिक दिनों तक पुलिस की नजरों से छुप कर नहीं रह सका और आखिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो तीन दिन से उसने कुछ नहीं खाया था। कहने का मतलब है कि शॉर्टकट रास्ते से आया पैसा परेशानदायक होता है। वह जैसे शॉर्टकट से आता है वैसे ही शॉर्टकट से चला भी जाता है। दाऊद इब्राहिम, छोटा राजन ने अंडरवर्ल्ड में उतर कर दौलत हासिल की। आज वे मारे-मारे फिर रहे हैं। सारी दुनिया की पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। राजूराम लिंगम, अबू सलेम, करीम तैलगी आदि ने शॉर्टकट तरीके से करोड़ों रुपया कमाया, लेकिन वह रुपया उनके किसी काम नहीं आया। आज वे जेल की सलाखों के पीछे अपने जीवन के अंतिम दिनों को काट रहे हैं। हर्षद मेहता की तो जेल के अंदर ही मौत हो गई।

अमीर बनने के लिए शॉर्टकट रास्ता कभी न अपनाएं। शॉर्टकट रास्ता अंधेरे की ओर ले जाता है। यह एक ऐसी सुरंग में जाता है, जहां से बाहर निकलना मुश्किल होता है। जहां धन दौलत तो हासिल कर सकते हैं। पर सुख, सुविधा, खुशियां, सुकून नहीं पा सकते। अमीर बनना है तो शॉर्टकट से बचें। आप रातोरात अमीर नहीं बन सकते। अमीर बनने के लिए आपको एक-एक कदम बढ़ाते हुए सफलता की सीढ़ी चढ़ना होगा। तभी सही मायने में आप अमीर बन सकते हैं। 

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