How to make rich in hindi-नकलची न बनें

How to make rich in hindi

How to make rich in hindi-नकलची न बनें

“असंतुष्ट व्यक्ति के लिए सभी कर्त्तव्य नीरस होते हैं। उसे तो कभी भी किसी वस्तु से संतोष नहीं होता। फलस्वरूप उसका जीवन में असफल होना स्वाभाविक है।” -स्वामी विवेकानन्द

किसी भी चीज की नकल कहीं भी पसंद नहीं की जाती। आज तक कोई नकल करके कामयाब नहीं हो पाया है। लक्ष्मी मित्तल हों या अजीम प्रेमजी, अमिताभ बच्चन हों या शाहरूख खान, सानिया मिर्जा हों या धोनी, अब्राहम लिंकन हों या अब्दुल कलाम आदि जो भी आज तक कामयाब हुए हैं। उन्होंने कभी किसी की नकल नहीं की और न ही किसी की देखा-देखी कोई काम किया था। उन्हें जो कामयाबी मिली वह उनकी अपनी सोच, मेहनत, कोशिश की बदौलत मिली। 

कई व्यक्ति ऐसे होते हैं जो अमीर बनने के लिए किसी की देखा-देखी उसी तरह का काम शुरू कर देते हैं। वे अपने काम को अलग ढंग से पेश करने की बजाय उसी की नकल कर लेते हैं। उनका सोचना यह होता है कि उनकी नकल करके वे उनकी तरह कामयाब हो जाएंगे और जल्द से जल्द अमीर बन जाएंगे, लेकिन ऐसा सोचना उनके लिए गलत साबित होता है।

एक बार दिल्ली के एक स्कूल में अध्यापक ने छात्रों से पूछा, “आप लोग बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं?” हर किसी ने अपनी मनपसंद महान हस्तियों जैसे-इंदिरा गांधी, सत्यजीत रे, भगत सिंह, अब्राहम लिंकन, सुनील गावस्कर आदि के नाम लेकर कहा, “मैं उनके जैसा बनना चाहता हूं।” लेकिन उन छात्रों में से सिर्फ एक छात्र ऐसा था, जिसका जबाव उन सभी छात्रों से बिलकुल अलग था। उस छात्र ने कहा, “सर, मैं शाहरूख खान बनना चाहता हूं।”

उस छात्र की बात सुनकर क्लास के सभी छात्र हंसने लगे। अध्यापक ने उस छात्र को आश्चर्य से देखते हुए कहा, “तुम तो शाहरूख खान ही हो, फिर इसमें शाहरूख खान बनना क्या है?”

“सर, मैं अपनी पहचान बनाना चाहता हूं। मुझे दूसरों की तरह नहीं बनना है। मुझे तो सिर्फ अपने ही तरह बनना है…न कि किसी और की तरह। मैं शाहरूख खान हूं और शाहरूख खान ही बनना चाहता हूं। इसके अलावा मैं कुछ नहीं बनना चाहता।” । 

उस छात्र की बात में दम था। आखिर उसने शाहरूख खान बनकर दिखाया। आज वही शाहरूख खान बॉलीवुड का बादशाह बन गया। शाहरूख खान ने बुलंदियों को छूने के लिए किसी की नकल नहीं की, बल्कि अपनी मेहनत, अक्ल और कोशिश से कामयाबी हासिल की। 

किसी की नकल करके आप अपनी पहचान नहीं बना सकते। अपनी पहचान बनाने के लिए मौलिकता का होना बहुत जरूरी है। तभी आप अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं। 

जब भी बाजार में कोई नई व अलग तरह की चीज आती है, लोगों का ध्यान उस पर जाता है। अमीर बनने के लिए आपको ऐसे काम का चुनाव करना होगा, जो एकदम नया हो। जिससे आप लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच सकें। क्योंकि लोग बाजार में चलने वाले ब्रांड को तो पसंद करते हैं। इसके साथ वह नई चीजों पर भी ध्यान देते हैं। इसलिए यह न सोच कर कभी भी किसी चीज की नकल न करें कि उपभोक्ता हमेशा पुराने ब्रांड ही खरीदता है। 

अमीर बनने के लिए यदि आप किसी की नकल करते हैं, तो यह जान लें कि आपके द्वारा पेश की गई वस्तु बाजार में लंबे समय तक नहीं टिक सकती। जब भी उपभोक्ता किसी नई चीज को खरीदता है, तो वह अपनी पसंद के पुराने ब्रांड को ध्यान में रखता है, लेकिन वह अपने ब्रांड की नकल वाली चीजों को कभी भी खरीदना पसंद नहीं करता।

अमीर बनने के लिए किसी की नकल करने में अपना दिमाग, समय और पैसा खर्च करने की बजाय अपना पूरा ध्यान मौलिकता पर दें। आपके द्वारा बाजार में पेश की गई वस्तु नकल की बजाय मौलिक है तो लोग उसे खरीदने के लिए अधिक आकर्षित होंगे। ऐसे में आप अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हो जाएंगे। 

How to become rich in hindi-निरंतर प्रयासरत रहें 

“लगन का अर्थ है कि 19 बार असफल होने के बाद 20वीं बार में सफल होना। यह संख्या 20 से कम या 20 से अधिक भी हो सकती है। लगे रहने से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।” -जे. एन्ड्रयूज

आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपको लगातार अमीर बनने के लिए प्रयास करना होगा। अपने लक्ष्य में सफलता पाने के लिए पूरी तरह से उसके पीछे लगे रहना पड़ता है, तभी उसमें सफलता मिलेगी। लगातार कड़ी मेहनत, सतत् प्रयास, दृढ़ता से ही अमीरी के शिखर पर पहुंचा जा सकता है। अक्सर लोग अमीर बनने के लिए एक-दो प्रयास के बाद हार मान कर पीछे हट जाते हैं। यदि वे अमीर बनने के लिए पूरी तरह से लगे रहेंगे तो एक दिन वे जरूर अमीर बन जाएंगे। 

इतिहास गवाह है कि जीवन में कभी किसी को आसानी से सफलता नहीं मिलती। सफलता पाने के लिए उसमें पूरी तरह से लगे रहना पड़ता है। जेम्स वॉट ने लगातार 20 वर्षों तक कार्य करके स्टीम इंजन का आविष्कार किया था। टॉल्स्टाय ने वार एण्ड पीस को प्रकाशक के पास देने के पहले 80 बार लिखा था। जॉन वानक्राफ्ट ने 23 साल तक लगातार शोध करके अमेरिका का इतिहास लिखा, एन. वेबस्टर ने 30 साल तक कार्य करके अंग्रेजी की पहली डिक्शनरी (शब्दकोश) तैयार की थी। हेरी टाउडर एक स्काटिश हास्य कलाकार थे। लेकिन एक गाने को सही तरह से गाने के लिए उन्होंने 10 हजार बार अभ्यास किया। 

एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया। इसके लिए वे कई वर्षों तक इसे बनाने में लगे रहे। बल्ब के आविष्कार के लिए उन्होंने 200 के करीब आविष्कार किए थे। तब जाकर बल्ब का आविष्कार कर सके। एडिसन ने बल्ब के आविष्कार के पीछे लगे रह कर ही जतला दिया कि जिस वस्तु को हासिल करना है उसके पीछे लगे रहने की आवश्यकता होती है।

जब तक वह हासिल न हो जाए, उसे करते रहो। एडिसन एक-दो प्रयोग के बाद इस पर कोई शोध न करते तो आज दुनिया अंधकार में रहती। एडिसन ने ऐसा नहीं किया। वे प्रयोग पर प्रयोग करते रहे। खोज में लगे रहे। उनके लगे रहने का परिणाम ही है कि आज दुनिया से अंधेरा गायब हो गया।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन चुनाव में कई बार हारे। लेकिन उन्होंने अपना प्रयास जारी रखा। चुनाव जीतने के लिए वे हर अगले चुनाव में खड़े होते रहे। वे अपने उद्देश्य को हासिल करने में लगे रहे। लोगों के मना करने के बावजूद वे चुनाव में खड़े होते और हर बार चुनाव जीतने की कोशिश में लगे रहे। उनके लगे रहने की वजह से एक दिन उन्हें जीत हासिल हुई और वे अमेरिका के राष्ट्रपति बन गए। यह सब अपने काम में लगे रहने का परिणाम था। उन्होंने लोगों को दिखा दिया कि अपने काम में लगे रहने पर सफलता जरूर मिलती है। 

अपनी आवाज के बल पर लाखों दिलों पर राज करने वाले अमिताभ बच्चन की आवाज को आकाशवाणी ने रिजेक्ट कर दिया था। शुरुआत में उनकी नौ फिल्में बुरी तरह से फ्लॉप रहीं। वे अपने काम में लगे रहे। उन्होंने अपने अभिनय में लगातार सुधार किया और जंजीर, दीवार, शोले जैसी हिट फिल्मों से लोकप्रियता हासिल की। अमिताभ अपने अभिनय में लगे रहे, उन्होंने असफलता की तरफ मुड़ कर नहीं देखा और आगे बढ़ते रहे। आज भी उनकी बादशाहत कायम है। 

तैमूर परास्त हो गए। लेकिन दुश्मनों के हाथ न लगें, इसके लिए वह दूर घने जंगल में भाग गए। वहां एक खंडहर में शरण ली। थकावट से चूर वे एक जगह लेट गए। अचानक उनकी निगाह एक चींटी पर गई, जो मुंह में एक दाना दबाए दीवार पर चढ़ रही थी। तैमूर ने देखा कि चींटी के मुंह से दाना गिर गया।

चींटी नीचे आई। उसने फिर से दाना उठाया और दीवार पर चढ़ने की कोशिश करने लगी। कभी वह गिर जाती, कभी दाना गिर जाता। वह अपने काम में लगी रही। तैमूर ने गिना 17 वीं बार में चींटी उस भोजन के दाने को ऊपर ले जाने में कामयाब हुई। चींटी के द्वारा किए जाने वाले प्रयास को देख कर तैमूर के दिमाग में यह बात आई कि सफलता का मंत्र है अपने काम में लगे रहो।

अमीर बनना चाहते हैं, सफलता हासिल करनी है, ऊंचाइयों को छूना है, धन-दौलत पानी है तो लगे रहना होगा। बिना लगन के इन्हें हासिल नहीं किया जा सकता। 

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