कैसे अमीर बने-जो तुम्हें अच्छा लगे 

कैसे अमीर बने-जो तुम्हें अच्छा लगे 

कैसे अमीर बने-जो तुम्हें अच्छा लगे 

“असफल आदमी वह होता है जिसने बड़ी गलतियां की तो हैं, परंतु जो अपने अनुभव से कुछ भी नहीं सीख पाया है।” -अल्बर्ट हबार्ड 

एक फ्रांसीसी कहावत है कि थिंक व्हाट यू लाइक, से व्हाट यू ऑट। अर्थात तुम्हें क्या अच्छा लगता है, इस पर विचार करो। अवसर आने पर वही करो जो तुम्हें करना है। मनपसंद काम जब आप करेंगे तब काम में भी आपका मन लगेगा और सफलता भी मिलेगी। मनपसंद काम न मिलने पर आप उससे जल्दी ही बोर होने लगते हैं। 

गांधी जी ने बैरिस्टरी की पढ़ाई की लेकिन उन्हें वह काम पसंद नहीं आया। उनके अंदर देशप्रेम की भावना भरी हुई थी। उन्हें समाज सेवा करना अधिक अच्छा लगा। जाने-माने फिल्मकार राहुल बोस फिल्म में आने से पहले विज्ञापन एजेंसी में काम करते थे। जसपाल भट्टी फिल्मों में आने से पहले चण्डीगढ़ में सरकारी नौकरी करते थे।

दक्षिण के सुपरस्टार रजनीकांत फिल्मों में आने से पहले बस में कंडक्टर हुआ करते थे। दिलीप कुमार पहले बाजार में फल बेचा करते थे। राम गोपाल वर्मा डायरेक्शन में आने से पहले इंजीनियर थे। रितेश देशमुख ने अमेरिका से ऑर्किटेक्चर कॉर्स किया था। लेकिन वह काम उन्हें पसंद नहीं आया। उसे छोड़कर वह हीरो बन गए। 

ऐसे अनेक लोग हैं जिन्होंने अपना पेशा बदला और सफल हो गए। अपनी रुचि वाला काम मनुष्य में उत्साह, आनंद, सुख देता है, जो सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाता है। अनेक लोग अपने माता-पिता द्वारा बताए काम करते हैं। उन्हें उन कामों में कोई रुचि नहीं होती है, फिर भी माता-पिता का मन रखने के लिए या उनके डर से वह काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं। 

लेकिन ऐसे में उनका मन काम में नहीं लगता। वे बेमन से उस काम को करते रहते हैं। वे चाह कर भी घरवालों से बगावत नहीं कर पाते। उनका इतना साहस नहीं होता है कि वे माता-पिता से बगावत करके अपनी पसंद का दूसरा कोई काम करें। उन्हें इस बात का डर रहता है कि यदि असफल हुए तो माता-पिता साथ नहीं देंगे।

मनपसंद काम करने में शरीर के अंदर एक नया जोश, उत्साह व जुनून रहता है। व्यक्ति अपने काम को सफल करने में दिन-रात लगा रहता है। फिल्म फैशन डिजाइनर उमैर जाफर कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही फैशन डिजाइनर बनने का शौक था। इसके लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। आज भी अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें इस काम में बड़ा आनंद आता है। इस काम की बजाय उन्हें दूसरा काम करने का अवसर मिलता तो वह उसके लिए दिनरात मेहनत नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें जिस काम में रुचि नहीं है, उस काम को वह किसी भी हालत में नहीं कर सकते।  

सुदीप ने पीएमटी पास की, घरवाले काफी खुश थे। लेकिन सुदीप खुश नहीं था। उसे डर था कि डॉक्टर बनने के लिए जितनी मेहनत की जरूरत होती है वह नहीं कर पाएगा। उसने डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए एडमिशन के लिए इंकार कर दिया। घरवाले इसके लिए तैयार नहीं हुए और उन्होंने सुदीप का जबरदस्ती मेडिकल में एडमिशन करा दिया। 

सुदीप के अंदर डॉक्टरी की पढ़ाई न कर पाने की निगेटिव एनर्जी पैदा हो गई थी। वह लोगों से कम बातें करने लगा। उसने खाना-पीना बंद कर दिया। घर से निकलना बंद कर दिया। डॉक्टर को दिखाया गया तो पता चला कि सुदीप डिप्रेशन का शिकार हो गया है। डॉक्टर द्वारा इलाज करने के बाद 

वह ठीक हो गया। मर्जी के खिलाफ किसी काम को करवाया जाए तब भी निगेटिव एनर्जी तैयार होती है। 

किसी को भी उसकी मर्जी का काम करने देना चाहिए। यह उसके अंदर पॉजिटिव एनर्जी पैदा करती है। आपके अंदर निगेटिव एनर्जी तैयार होती है तो आप आगे नहीं बढ़ सकते। इससे हर संभव बचना होगा। तभी आप आसमान की ऊंचाइयों को छू सकते हैं। 

अमीर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने मनपसंद कार्य को चुनना होगा। मनपसंद कार्य करने से आप अपनी शक्तियों को एकाग्र कर अपने उद्देश्य को पूरा कर पाएंगे। अपने मनपसंद कार्य को चुनने के मामले में किसी की न सुनें, सुनें तो बस अपने मन की, क्योंकि जो काम आप दिल से करेंगे वही अच्छा होगा। उसी में सफलता मिलेगी। 

Amir hone ka tarika-अपनी आदतों को बदलें 

“कोई भी व्यक्ति बुरा नहीं होता। उसकी आदतें ही उसे बुरा बनाती हैं। बुरी आदत में जकड़ा व्यक्ति अच्छा नहीं बन पाता है। आप अच्छा व्यक्ति बनना चाहते हैं तो बुरी आदतों से दूर रहना होगा।” 

-डॉ. विलियम

अमीर बनने के लिए आपको अपनी बुरी आदतों को छोड़ना होगा। बुरी आदतें इंसान को गर्त पर ले जाती हैं, जबकि अच्छी आदतें इंसान को सफलता के शिखर तक पहुंचाती हैं।

आदतें दो तरह की होती हैं। अच्छी आदतें और बुरी आदतें। अच्छी आदतें आपको सफलता दिलाती हैं, बुरी आदतें असफलता की गहरी खाई में धकेल देती हैं। हर व्यक्ति अमीर बनना चाहता है, लेकिन सभी व्यक्ति अमीर नहीं बन पाते हैं। दरअसल प्रत्येक व्यक्ति में कुछ आदतें ऐसी होती हैं, जो उस पर सफलता और असफलता का ठप्पा चस्पा कर देती हैं। इंसान अगर उन आदतों पर काबू पा ले तो निश्चित रूप से सफलता के शिखर पर पहुंच सकता है।

इतिहास गवाह है कि आज तक जितने भी लोग सफल हुए हैं, वे आदतों के गुलाम नहीं थे। मनीष के पिता का काफी अच्छा कारोबार था। मरते समय वे अपने बेटे के लिए करोड़ों की सम्पत्ति छोड़कर गए थे। विरासत में करोड़ों की सम्पत्ति पाने के बावजूद आज मनीष परेशानी में अपना गुजारा कर रहा है। इसकी वजह है मनीष की आदतें। 

मनीष में अनेक तरह की बुरी आदतें थीं। इन बुरी आदतों की वजह से मनीष का पूरा बिजनेस चौपट हो गया और वह सड़क पर आ गया। मनीष सिगरेट और शराब तो पीता था, साथ में ड्रग्स, कोकिन, हीरोइन जैसे नशीले पदार्थों के सेवन की भी बुरी लत थी। केसिनो जाना, रोज नई लड़कियों के साथ घूमना, कॉलगर्ल के साथ रात बिताना, लड़कियों को खुश करने के लिए उन्हें महंगे-महंगे उपहार देना। अपनी बुरी आदतों के लिए वह पैसा पानी की तरह बहाता था।

पिता का जमा-जमाया बिजनेस था। उस ओर उसने कोई ध्यान नहीं दिया। वह अपने कर्मचारियों को छोटा समझता था। उन्हें घृणा की दृष्टि से देखता था। वह किसी की भी बुराई में लगा रहता था। छोटा हो या बड़ा, वह किसी का भी सम्मान नहीं करता था। पैसे के घमंड में वह हर किसी को गाली देकर बात करता था।

ढेर सारी बुरी आदतों की वजह से मनीष अपने पिता के कारोबार को ठीक से संभाल नहीं पाया। कारोबार की ओर ध्यान नहीं देने, आमदनी से अधिक खर्च करने की वजह से उसका सारा कारोबार चौपट हो गया। देखते ही देखते वह अर्श से फर्श पर आ गया। पैसा खत्म हो जाने के बाद मनीष को पछतावा हो रहा था, लेकिन अब पछताने से क्या होता है जब सारा कुछ खत्म हो गया। 

कहा जाता है कि बुरी आदतें जब भी आती हैं अपने साथ अनेक तरह की और भी बुराइयों को साथ लेकर आती हैं। बुरी आदतें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, नैतिक हर तरह से नुकसान पहुंचाती हैं। निराशा, अभाव, कमजोरी, उदासी, अक्षमता, हीन भावना आदि पैदा करती हैं। 

बुरी आदतें शरीर में एक तरह की निगेटिव एनर्जी उत्पन्न करती हैं, जो पर्सनैलिटी को बदल कर रख देती हैं। नशे की बुरी आदत से शरीर को तो नुकसान होता ही है, साथ ही सामाजिक व आर्थिक नुकसान भी होता है। 

यदि कोई आपको आपकी बुरी आदत के बारे में जानकारी देता है तो उस पर नाराज होने की बजाय उसे धन्यवाद दें, क्योंकि वह आपका सच्चा हितैषी है। अपनी बुरी आदतों के बारे में जानकर उसे सुधारने की कोशिश करें। किसी तरह की भी बुरी आदतों को दूर किया जा सकता है। जरूरत है इस पर नियंत्रण करने की। अपनी सभी इन्द्रियों को नियंत्रित कर लिया जाए तो बुरी आदतों पर काबू पाया जा सकता है। 

आप में कोई बुरी आदत है तो उसे तुरंत छोड़ दें। बुरी आदतों को छोड़ कर सफलता के शिखर पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

10 + 7 =