How to Become rich in hindi-शुभ काम में देरी क्यों 

How to Become rich in hindi-

How to Become rich in hindi-काम का चुनाव 

“जिस कार्य में तुम्हारी प्रवृत्ति हो, उसी में लगे रहो। अपनी बुद्धि के अनुकूल मार्ग को मत छोड़ो। तुम्हें अवश्य सफलता मिलेगी।” -जॉन एंजिलो

कुछ दिन पहले मेरी मुलाकात अपने एक दोस्त से हुई। वह अपने छोटे से शहर में विक्रम सवारी गाड़ी चलवा रहा था। लाभ के बारे में पूछने पर उसने बताया कि पिछले दो माह से एक रुपये की भी कमाई नहीं हुई है। ड्राइवर का पैसा भी वह जेब से दे रहा है। 

मेरे दोस्त ने जल्दी से जल्दी रुपये कमाने के लिए सवारी गाड़ी में अच्छा लाभ देखकर यह काम शुरू कर दिया था। घर में रहकर वह इस काम को देखने लगा। डाइवर ने इसका फायदा उठाया। वह आए दिन गाड़ी बिगड़ जाने की बात कह कर अपने मालिक से रुपये लेने लगा। दोस्त ने भी ड्राइवर पर विश्वास किया। कई महीने तक जब उसे लाभ नहीं मिला तब उसे यह बात समझ में आई कि डाइवर गाड़ी पर ध्यान नहीं दे रहा है या वह झूठ बोल कर उससे पैसा ले रहा है। 

मोटर गाड़ियों का काम देखने वाले हीरालाल का कहना है कि मोटर गाड़ियों का काम काफी मेहनती और चतुर लोगों का काम है। इसमें जरा सी भी चूक हुई नहीं कि आपको नुकसान पहुंचना ही है। यह कार्य उनके लिए सही है जो मोटर लाइन के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। ड्राइवर यदि समय से नहीं आया तो गाड़ी लेकर आपको इसके लिए तैयार रहना होगा। मोटर से अच्छी कमाई करना है तो रात-दिन गाड़ी के पीछे लगे रहना जरूरी है। यदि आप सोचते हैं कि बाहर निकले बिना इस काम को अच्छी तरह करके लाभ कमा सकते हैं तो ऐसा करना असंभव है। 

अक्सर देखा गया है कि लोग बिना सोचे-समझे किसी भी तरह का व्यवसाय शुरू कर देते हैं। आखिर में असफल होकर भाग्य को कोसने लगते हैं। 

किसी की देखादेखी या जो मन को पसंद आया उस व्यवसाय को शुरू कर दिया तो ऐसा करने से सफलता मिलने की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं रहती। किसी भी बिजनेस में उस वक्त ही मुनाफा मिलेगा, जब आप उसके बारे में अच्छी जानकारी रखेंगे। 

जिस तरह से आपको गाने का शौक है। आपकी आवाज भी अच्छी है। आप फिल्मी सिंगर के गाने बहुत अच्छी तरह से गा सकते हैं। लोग पहचान ही नहीं पाते हैं कि आप गा रहे हैं या उदित नारायण गा रहे हैं। इससे काम नहीं चलेगा। इसे नकल करना कहा जाएगा। किसी सिंगर की नकल करके आप अपनी पहचान नहीं बना सकते। इसकी नकल करके सफलता नहीं पा सकते। इसके लिए आपको किसी गुरु के पास रह कर गायन की शिक्षा लेनी होगी। तब जाकर आप सही रूप में सिंगर कहला सकते हैं। 

नकल तो किसी की भी की जा सकती है। नकल करने से क्या वह वही बन जाता है जिसकी वह नकल करता है? नकल करके आप सोनू निगम, केके, कुणाल गांजावाला, कैलास खेर बन जाएंगे। कभी नहीं। फिर आप नकल के पीछे क्यों भाग रहे हैं। नकल करने की बजाय आप प्रेरणा लें कि मुझे अजीम प्रेमजी, बिल गेट्स, शिव नाडर, घनश्यामदास बिड़ला, नारायण मूर्ति, करसनभाई पटेल जैसा अमीर व्यक्ति बनना है। उनकी प्रेरणा लेकर उनके जैसा काम करने, उनके जैसी ऊंचाई तक पहुंचने का संकल्प लें। 

किसी भी व्यवसाय को शुरू करते समय इस बात का ध्यान रखें कि जो व्यवसाय शुरू कर रहे हैं वह कहीं पुराना तो नहीं हो गया है। पुराने व्यवसाय में लाभ कम होने या फेल होने की संभावना अधिक रहती है। कुछ ऐसे कार्य हैं जो शहर में फेल हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उनका क्रेज है। 

जैसे वीडियो गेम पार्लर, शहर में साइबर कैफे खुल जाने की वजह से आज शहरी बच्चे नेट पर वीडियो गेम खेलने लगे हैं। वहीं छोटे क्षेत्रों में वीडियो गेम काफी लोकप्रिय है। इसीलिए वीडियो गेम, पार्लर छोटे क्षेत्रों में खोला जा सकता है। 

किसी भी व्यवसाय को चुनने के पहले कम से कम उसके दस वर्षों के इतिहास पर भी नजर डाल लें। कुछ सालों पहले तक एसटीडी का व्यवसाय एक अच्छा व्यवसाय समझा जाता था, लेकिन आज हर किसी के पास मोबाइल हो जाने की वजह से यह व्यवसाय खत्म होता जा रहा है। वहीं आज मोबाइल के रिचार्ज वाउचर बेचकर उससे अधिक कमाया जा सकता है। किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए स्थान, समय, आवश्यकता और भविष्य-इन चारों बातों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है। 

अमीर बनने के लिए व्यवसाय का चुनाव सही होना जरूरी है। ‘मनी-ट्री’ के लेखक रॉबर्ट एलन का कहना है कि ऐसे बिजनेस का चुनाव करें जिसमें कम से कम जोखिम और अधिक से अधिक लाभ हो। ऐसा बिजनेस होना चाहिए, जिसमें रेजिड्यूअल इनकम (लगातार आने वाली कमाई) हो। इसके लिए शेयर बाजार, कमीशन एजेंट, बीमा एजेंट, नेट मार्केटिंग, रॉयल्टी, बचत पर ब्याज मिलना जैसे उपाय किए जा सकते हैं। रियल एस्टेट बिजनेस भी कमाई के लिए अच्छा होता है। जिसकी अधिकतर लोगों को जरूरत होती है और भविष्य में भी इसकी जरूरत बनी रहेगी। 

किसी व्यवसाय का आरम्भ करते समय लोगों की जरूरत के साथ-साथ कॉम्पिटिशन का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। हमेशा ऐसे व्यवसाय का चुनाव करना चाहिए जिसमें कॉम्पिटिशन कम हो और कमाई अधिक हो। इससे आपको अमीर बनने में सफलता मिलेगी।

How to Become rich-   शुभ काम में देरी क्यों 

“निर्णय करो, उससे पहले आज की सोचो, कल की सोचो और अपने आस-पास की सोचो, जब इस तमाम घेरे में आपको अपना निर्णय ठीक लगे तो उसे अमल में लाओ।”-डिजरायल

कोई काम शुरू करना चाहते हैं तो उसे शुरू करने में देरी न करें। देरी करना आपके लिए नुकसानदायक है। डेविड वाल्स का कहना है कि आप जो कुछ भी शुरू करना चाहते हैं, उसे शुरू करने में देर न करें, वरना आप दौड़ में पिछड़ जाएंगे। आज नहीं कल, अभी नहीं, कुछ और दिन रुक जाते हैं, अगले महीने देखेंगे जैसी बातें आपके लिए अच्छी नहीं हैं, क्योंकि ये बातें आपको अपना काम शुरू करने के लिए हमेशा रोकती रहेंगी। 

नवीन ने वर्षों पहले इवेंट कंपनी शुरू करने की सोची। लेकिन यह सोच में ही रह गई। आज तक वह इसे शुरू नहीं कर सका। ऐसा नहीं कि इसे शुरू करने के लिए उसके पास पैसों की कमी या जानकारी का अभाव था। इसकी वजह थी वह दूसरों की बातों पर अधिक ध्यान देता था। उनकी निगेटिव बातों को सुनकर डर जाया करता था। 

काम शुरू करते वक्त भी ऐसा ही हुआ। जब उसने अपने काम के बारे में दोस्तों से कहा तो कुछ दोस्तों ने उसे बुरी तरह से डरा दिया। दोस्तों का कहना था कि इस काम को करने में काफी खतरा है। सैकडों इवेंट कंपनियां शुरू होकर बंद हो गईं। कई सिलिब्रिटीज ने भी अपनी इवेंट कंपनी खोल रखी है। उन्हें अच्छा काम नहीं मिल पा रहा है। फिर तुम्हें इसके लिए कौन पूछेगा।

दोस्तों की बात उसे सही लगी। कंपनी शुरू करने का काम उसने रोक दिया। आज नहीं कल करते-करते कई साल हो गए पर वह अपनी कंपनी शुरू नहीं कर पाया। वहीं वी.के. ने बुक स्टोर शुरू करने का मन बनाया। 

अपने दोस्तों के सामने जब उसने इसे रखा तो कुछ दोस्तों ने उसे बुक स्टोर शुरू करने के लिए मना किया। उनका कहना था कि आज के जमाने में लोगों के पास बुक पढ़ने का समय कहां है। नई टेक्नोलॉजी की वजह से टीवी, कंप्यूटर, नेट आदि की वजह से लोगों ने बुक खरीदना व पढ़ना बंद कर दिया है। यह बिजनेस तेरे लिए घाटे का सौदा होगा। 

वी.के. ने उनकी बातों को नकारते हुए कहा कि यह बकवास है कि बुक नहीं बिकती। आजकल पहले से अधिक बुक बिकती है। कितनी भी नई टेक्नोलॉजी आ जाए पर लोग बुक पढ़ना नहीं छोड़ेंगे। प्रिंट मीडिया एक ऐसा माध्यम है जिस पर लोगों का विश्वास अधिक है। इसका खत्म होना मुश्किल है। आज बड़े शहरों के मॉल में बने बुक स्टोर क्रॉसवर्ड, लैंडमार्क पर जाकर भीड़ देख सकते हो। वी.के. ने अपना बुक स्टोर शुरू करने में देर नहीं की। उसका काम अच्छा चल निकला।

अक्सर देखा गया है कि लोग अमीर बनने के लिए किसी काम को शुरू करने का मन तो बना लेते हैं पर उसे अंजाम देने में काफी देर कर देते हैं। इसकी वजह है कि अधिकतर लोगों के मन में व्यवसाय को लेकर अनेक तरह के अच्छे-बुरे विचार आने लगते हैं। यह विचार किसी काम को करने से रोकते हैं। किसी भी निर्णय के समय अपने सकारात्मक विचारों को तवज्जो देना चाहिए। 

उस वक्त आप दूसरों की सलाह मानने की बजाय अपने आप पर विश्वास करें। ध्यान दें कि आपके आस-पास के लोग आपको कितना चाहते हैं? जो आपको बिजनेस शुरू करने के लिए मना कर रहे हैं? क्या वे खुद नकारात्मक सोच वाले तो नहीं हैं। ऐसी सोच वाले कभी भी किसी को कोई अच्छा काम शुरू करने से रोकते हैं। किसी के आगे बढ़ने की इच्छा को सोख लेते हैं। अपनी निगेटिव एनर्जी को उनके अंदर भर देते हैं। 

जब आप इन सब बातों पर गौर करेंगे तो आपको एकदम स्पष्ट विजन मिल जाएगा कि आपको क्या करना है। आपके कदम खुद-ब-खुद आगे बढ़ने लगेंगे। एशिया के परफ्युम किंग के नाम से मशहूर दादी बलसारा का कहना है, “अगर किसी में बिजनेस करने का जोश हो और नया काम शुरू करने के मौलिक विचार हों तो दुनिया की कोई ताकत उसे नहीं रोक सकती। हमारे मन का डर ही हमें रोकता है।” 

विप्रो के प्रेमजी, इन्फोसिस के एन. आर. नारायण मूर्ति, एचसीएल के शिव नाडर ने अपने बिजनेस की शुरुआत न की होती तो क्या वे आज इस मुकाम को हासिल कर सकते थे। क्या वे आज अमीर लोगों की कतार में शामिल हो सकते थे। बिना शुरुआत किए किसी भी चीज को हासिल नहीं किया जा सकता। बिल गेट्स कंप्यूटर का निर्माण करते-करते दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। उन्होंने कंप्यूटर निर्माण की शुरुआत न की होती तो आज वे अमीर व्यक्ति न होते। उन्होंने उस वक्त कंप्यूटर निर्माण की शुरुआत की, जब उसकी डिमांड नहीं थी। इसके बावजूद बिल गेट्स ने कंप्यूटर का निर्माण शुरू कर दिया था। 

बिल गेट्स ने तब कंप्यूटर निर्माण की शुरुआत की जब इसकी उतनी मांग नहीं थी। लेकिन उन्होंने कंप्यूटर का भविष्य देख लिया था। वे समझ गए थे कि आने वाले समय में कंप्यूटर लोगों के लिए खास जरूरत बन जाएगी। इसके बिना काम चलना मुश्किल हो जाएगा। उस वक्त बिल गेट्स की कंप्यूटर के प्रति दीवानगी देखते हुए अनेक लोगों ने उन्हें पागल करार दिया था। निगेटिव सलाह लेकर कंप्यूटर के निर्माण को रोकने की कोशिश की। वे किसी की बात की ओर ध्यान दिए बिना अपने काम को करते रहे। आखिर सफलता उनके हाथ लगी। 

कहने का मतलब यह है कि आप अमीरी के शिखर पर पहुंचना चाहते हैं तो चढ़ाई शुरू कर दीजिए। जब तक चढ़ाई शुरू नहीं करेंगे, तब तक आप चोटी पर नहीं पहुंच सकते। अंग्रेजी में एक कहावत है-‘विल बिगन हाफ डन’ यानी किसी काम की शुरुआत कर देना ही काम का आधा कम्पलीट होना समझो।

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