अमेरिका गृहयुद्ध का इतिहास | History of America Civil war

अमेरिका गृहयुद्ध का इतिहास

अमेरिका गृहयुद्ध का इतिहास | History of America Civil war(1861-1864 ई०) 

अमेरिका के इतिहास में अमेरिका का गृहयुद्ध, सबसे बड़ी युद्ध घटना है। इस युद्ध में 30,00,000 सेना युद्ध भूमि में उतरी और 6,00,000 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। 

इस युद्ध की भूमिका 1860 ई० में अमेरिका के नए राष्ट्रपति लिंकन की चुनावी प्रक्रिया से ही आरम्भ हो गयी थी। अब्राहम लिंकन रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीवार थे। वे उदार नीतियों के इंसान थे। उन्होंने दास प्रथा का अंत करने की घोषणा की थी। अमेरिका राष्ट्रसंघ उत्तरी और दक्षिणी अमेरिकी राज्यों में बंटा हुआ था। अब्राहम लिंकन को उत्तरी राज्यों की भरपूर हिमायत थी। दक्षिणी राज्यों में अधिक खुशहाली थी। दक्षिणी राज्यों के लोग ही दास प्रथा के हामी थे। अब्राहम लिंकन के मुकाबले में फेडरेल पार्टी का उम्मीदवार डेविड जेफरसन था। 

अमेरिका गृहयुद्ध

चुनाव के नजीते आए। रिपब्लिकन पार्टी को भारी विजय मिली। इस चुनावी परिणाम से फेडरल पार्टी को जबरदस्त धक्का लगा। उसने दक्षिण राज्यों के लिए पृथकतावादी आन्दोलन की घोषणा कर दी। अब्राहम लिंकन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति के रूप में 4 मार्च, 1861 ई० को शपथ ग्रहण की। उनके शपथ ग्रहण करते ही रिपब्लिकनों ने बढ़-चढ़कर खुशियां मनायीं। 

फेडरलपार्टी के नेता जेफरसन ने अब्राहम लिंकन के शपथ ग्रहण करने के एक माह आठ दिन के बाद ही, 12 अप्रैल, 1861 ई० को पृथकता के विद्रोह की शुरूआत इस रूप में की कि कैरोलिना (Corolina) क्षेत्र के सैनिकों ने यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के एक शास्त्रागार पर बमबारी करके उसे तबाह कर दिया। उस समय तक पृथकत्तावादी नेता जेफरसन ने कैरोलिना सहित दक्षिण के सात राज्यों का एक अलग महासंघ बना लिया। उस महासंघ का नाम उसने ‘कान्फडरेट स्टेट्स ऑफ अमेरिका’ दिया था। वे अलग से हुकूमत की जिम्मेदारी सम्भालने लगे थे। उन्होंने अपनी मजबूत सेना तैयार कर ली। उस समय अमेरिका केवल 14 राज्यों का महासंघ था। जेफरसन ने सात राज्यों का महासंघ अलग कर लिया था, इस स्थिति में अब्राहम लिंकन के पास शेष सात राज्य ही बचे थे। अब्राहम लिंकन ने जेफरसन की तैयारियों को देखते हुए तेजी से सैनिक भर्ती अभियान चलाकर अपने पक्ष में सैनिक शक्ति मजबूत की। अब्राहम लिंकन के पक्ष में उस समय जो राज्य आए थे उसमें उत्तर के राज्यों के अलावा पश्चिम के भी राज्य थे, अतः उनके पक्ष के लोगों को ‘उत्तरी-पश्चिमी संघ’ कहा गया और जेफरसन के पक्ष वाले राज्यों को ‘दक्षिणी महासंघ’ कहा गया। 

दक्षिणी महासंघ और उत्तरी-पश्चिमी महासंघ का युद्ध आरम्भ हो गया। डेविड जेफरसन के पक्ष के राज्य के लोग, सम्पन्न, तजुर्बेकार लड़ाकों से युक्त एवं राजनीतिज्ञ थे। पर सैनिक बल में अब्राहम लिंकन की सैनिक शक्ति डेविड जेफरसन से चार गुनी अधिक थी। डेविड जेफरसन को दक्षिण महासंघ के 55,00,000 (55 लाख) लोगों का समर्थन प्राप्त था, जबकि अब्राहम लिंकन को उत्तर-पश्चिम के 2,00,00,000 (2 करोड़) लोगों का समर्थन प्राप्त था। 

दक्षिणी महासंघ के पास सर्वाधिक कुशल सेनापति और दुःसाहसिक योद्धा थे-जबकि अब्राहम लिंकन इधर अकेले थे; पर उनके पास उदार नीतियां थीं। उनकी उदारता की नीति में, लाखों काले दासों की स्वतन्त्रता थी-जो युद्ध के बाद पूरी तरह से आजाद जिन्दगी गुजार सकते थे। स्वतन्त्रता की भावना के साथ लाखों दास अब्राहिम लिंकन की सेना में सैनिक के रूप में आ जुटे थे। अब्राहम लिंकन के आह्वान पर उत्तर-पश्चिम के दास मालिकों ने दासों को इस शर्त पर मुक्त कर दिया था कि वे युद्ध में सैनिक रूप में शामिल हों, जीत मिलने पर उन्हें सदा के लिए मुक्त कर दिया जाएगा। 

दक्षिणी अमेरिका के लोग अनुदारवादी, धनाड्य सामन्त थे। वे बड़े-बड़े फार्म हाउसों की खेती के लिए दासों की आवश्यकता अनिवार्य मानते थे। वे दासों को मुक्त करने के पक्ष में न थे-यही वजह थी कि उनकी ओर की सेना में दास सैनिक रूप में भर्ती होकर युद्ध के लिए युद्ध भूमि में न आ पाए। 

17वीं और 18वीं शताब्दी में अफ्रीका से हशी दास, जीविका की तलाश में भारी संख्या में अमेरिका आ गए थे। उसके बाद वहीं के होकर रह गए थे। युद्ध छिड़ने का मुख्य मुद्दा दास ही था। दासों की स्वतन्त्रता को अपने चुनाव घोषणा में रखकर अब्राहम लिंकन भारी बहुमत से जीते थे। दक्षिण वालों के लिए, उनकी जीत के साथ ही इस बात का खतरा मंडरा उठा था कि अब उन्हें दासों को मुक्त करना पड़ेगा। भावी सम्भावना को देखते हुए उन्होंने तुरन्त फुरूत 7 राज्यों का अपना अलग महासंघ बना लिया था। चार वर्षों तक दोनों महासंघ में कई मोर्चे पर युद्ध चलता रहा था। 

सन् 1864 ई० आते ही युद्ध का निर्णायक स्पष्ट रूप से दिखने लगा।17 फरवरी, 1864 ई० को दक्षिण वालों ने युद्ध हारकर दक्षिण कैरोलाइन की राजधानी कोलम्बिया को खाली कर दिया। सेनाएं पीछे हट गयीं। 13 अप्रैल, 1864 ई० को इस समय के कान्फेडरंतों के निर्विवाद रूप से चुने गए नेता राबर्ड ई०ली० ने दक्षिण राज्यों की सेना का सशर्त संयुक्त राज्य की सेनाओं के सामने समर्पण कर दिया। इस समर्पण के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका फिर एकीकृत हो गया।

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