Hindi motivational story-मत मान हार 

मत मान हार 

Hindi motivational story- एक बार एक राजा ने अपने दो सैनिकों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। पहले सैनिक ने राजा से बहुत विनती की कि उसे मृत्युदंड न दिया जाए, पर राजा ने उसकी बात नहीं  सुनी  

तब दूसरे सैनिक ने राजा से कहा, ‘महाराज मैं एक ऐसी विद्या जानता हूं जिससे कि आपका घोड़ा उड़ने लगेगा।’ उसे पता था कि राजा को अपने घोड़े से बहुत प्रेम है। 

राजा ने कहा कि मैं कैसे मान लू कि तुम सही बोल रहे हो।’ 

सेनिक बोला, ‘महाराज आपने मुझे मृत्युदंड दिया है, अगर मैं मर गया तो यह विधा मेर साथ खत्म हो जाएगी। और वैसे भी एक मरने वाला आदमी कभी झूठ नहीं बोलेगा।’ 

राजा बोला, ‘ठीक है, मैं तुम्हें एक साल का समय देता हूं, यदि तुमने मेरे घोड़े को उड़ना सिखा दिया तो तुम्हें जीवनदान मिल जायेगा, अन्यथा तुम्हें मौत मिलेगी।’ सैनिक इस बात पर तैयार हो गया। 

राजा के जाने के बाद पहले सैनिक ने दूसरे से पूछा, ‘क्या तुम्हें वाकई में ऐसी विद्या आती है? दूसरे ने बोला, ‘नहीं! मुझे ऐसी कोई विद्या नहीं आती, अगर मैं ऐसा नहीं बोलता तो मैं आज ही मार दिया जाता, पर अब मेरे पास एक साल का समय है।’ पहले ने फिर पूछा, ‘लेकिन एक साल बाद जब तुम घोड़े को उड़ना नहीं सिखा पाओगे, तो तुम्हें मार दिया जायेगा।’ 

दूसरा सैनिक बोला, ‘मेरे पास अब चार विकल्प है। एक वर्ष के अंदर राजा मर सकता है, एक वर्ष के अंदर घोड़ा मर सकता है, मैं भी मर सकता हूं या फिर शायद मैं घोड़े को उड़ना सिखा ही दू। पर तुम्हारे पास केवल एक ही विकल्प है कि आज तुम्हें मार दिया जायेगा।’ 

कई बार अचानक आई परेशानी से हम इतना घबरा जाते हैं कि हमें कोई रास्ता ही नहीं दिखता। हमें लगता है कि बस अब सब कुछ खत्म हो गया लेकिन जब तक हिम्मत, धैर्य और भरोसा है, यकीन मानें, कुछ भी खत्म नहीं होता। कितनी भी परेशानी आये, हार मान कर नहीं बैठना चाहिए।

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