Hindi motivational story-ज्ञान की प्राप्ति

Hindi motivational story-ज्ञान की प्राप्ति

Hindi motivational story-ज्ञान की प्राप्ति

एक संत था। उसके शिष्य थे, लेकिन वह खुद एक पहुँचे हुए फकीर का भक्त था। रोज उस फकीर का प्रवचन सुनने भी जाता। एक दिन वह उस फकीर से बोला- “मैं तीन साल से उपवास कर रहा हूँ, लेकिन जो बातें आप करते हैं, उनका ज्ञान मुझे जरा भी नहीं है। आप जैसा ज्ञान कैसे मिलेगा?” 

संत ने कहा-कोई और उपाय नहीं हैं|

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फकीर ने कहा- “बिना सोए तीन हजार साल तक उपवास करते रहो, तो उस ज्ञान का सौवाँ हिस्सा तुम्हें मिल सकता है?” 

संत बोला-मैं  कुछ भी करने को तैयार हूँ?” 

तब फकीर ने कहा- “ठीक है, सुनो, अपनी दाढ़ी और बाल मुड़वा लो। यह चौंगा उतारकर एक लंगोट पहन लो और काजू-छुआरे भरा थैला लेकर बीच चौराहे पर बैठ जाओ। फिर जो भी बच्चा निकले, उससे कहो कि वो तुम्हें जूते से मारे। इनाम में उसे काजू छुआरे दो। कुछ ही दिन में नगर के बच्चे तुम्हें रोज जूते लगाएँगे। तुम्हें जल्दी ही वह इंसान मिल जाएगा।” 

“या अल्लाह!” हैरानी से संत के मुंह से निकला। 

फकीर बोला- “अब देखो, तुम ऐसे ही उसकी तौहीन करते हो। जब तुम्हें जूते पड़ने की बात हुई, तो तुमने उसका नाम लिया। तुम हमेशा अपने को सबसे पहले रखते हो।” 

संत ने कहा- “लेकिन मैं इज्जतदार संत हूँ। मेरे शिष्य भी है। मैं ऐसे सिर घुटाये चौराहे पर जूते कैसे खा सकता हूँ।” 

फकीर हँसते हुए बोला- “मैंने पहले ही कहा था, तुम ज्ञान तो पाना चाहते हो, पर अपने को छोड़ भी नहीं सकते। दोनों एक साथ कैसे संभव है?” 

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