गैलीलियो गैलिली जीवनी – Biography of Galileo Galilei in Hindi

गैलीलियो गैलिली जीवनी

गैलीलियो गैलिली जीवनी – Biography of Galileo Galilei in Hindi

गैलिलीयो का जन्म 15 फरवरी, 1564 को पीसा, इटली में हुआ था। उनके पिता विनसेंजो गैलिली एक निपुण गायक व गणितज्ञ थे। गैलिलीयो की माता का नाम शिचुलिआ देगली अमानती था। गैलिलीयो अपने माता-पिता की पहली संतान थे। उसके बाद उनके माता-पिता की पांच अन्य संतानें भी हुईं (कछ विद्वान गैलिली परिवार में सात संतानें मानते हैं)। यद्यपि उनका परिवार कुलीन था किंतु अमीर नहीं था। 1570 के प्रारंभ में ही उनका परिवार फ्लोरेंस चला गया। 

1581 में गैलिलीयो ने पीसा यूनिवर्सिटी में अध्ययन करना शुरू किया। उनके पिता को आशा थी कि उनका बेटा इस विश्वविद्यालय में मेडिसिन की पढ़ाई करेगा, किंतु गैलिलीयो यहां पेंडुलम का अध्ययन करने लगे। 1602 में ही उन्होंने पेंडुलम के बारे में सबसे आकर्षणकारी व महत्त्वपूर्ण खोज की। पेंडुलम की खोज में उन्होंने ज्ञात किया कि काल (वह समय जिसमें पेंडुलम आगे और पीछे झूलता या दोलन करता है) दोलन की आर्क के दायरे के (समकालत्व) ऊपर निर्भर नहीं करता। अंततः इस खोज ने उनका आगे समय के अन्तराल के अध्ययन का मार्ग प्रशस्त किया और इसके फलस्वरूप पेंडुलम वाली घड़ी को विकसित करने का विचार पैदा हुआ। 

गैलीलियो गैलिली जीवनी

1592 में वह पदुआ विश्वविद्यालय में गणित के प्रोफेसर नियुक्त हुए। वहां पढ़ाते हुए भी वह निरंतर आर्सेनल नामक उस स्थान पर जाते रहते थे जहां वेनिस के समुद्री जहाज ठहरते थे और उन पर सामान लादा जाता था। वह सदैव यांत्रिक उपकरणों में दिलचस्पी रखते थे। अतः आर्सेनल भ्रमण के दौरान वहां विद्यमान जहाज निर्माण गतिविधियों व प्रौद्योगिकी, जहाजों के खंड निर्माण व जहाज निर्माण आदि जहाजरानी प्रौद्योगिकी के प्रति उनका आकर्षण होना स्वाभाविक था।

1593 में उनके सामने गुलामों द्वारा चप्पुओं से चलाए जाने वाले जंगी जहाजों में चप्पुओं की समस्या लाई गई। उन्होंने चप्पुओं को एक उत्तोलक (लीवर) माना और पानी को उसे सहारा देने का एक बिंदु माना। एक वर्ष बाद ही उन्होंने एक पंप के मॉडल का पेटेंट करवाया। उनका यह पंप वास्तव में एक ऐसा उपकरण था, जिसमें केवल एक घोड़े को ही जोतकर पानी को ऊपर उठाया जा सकता था। 

गैलिलीयो ने इस पंप के अलावा अन्य कई यांत्रिक उपकरणों, जैसे कि हाइड्रोस्टेटिक बैलेंस का भी आविष्कार किया, किंतु उनका सर्वाधिक लोकपिल व विख्यात आविष्कार टेलीस्कोप था। उन्होंने अपना पहला टेलीस्कोप 1600 में बनाया था, यूरोप के कई भागों में इस मॉडल पर कई टेलीस्कोप बने जो चीजों को तीन गुना बड़ा करके दिखा सकते थे।

गैलिलियो ने बाद में इसी वर्ष में ऐसा टेलीस्कोप बनाया, जो चीजों को बीस गुना बड़ा करके दिखा सकता था। इसी टेलीस्कोप से, वह चंद्रमा, बृहस्पति के चार उपग्रहों को खोजने, एक सुपरनोवा को देखने, शुक्र के विभिन्न रूपों को जानने तथा सूर्य के धब्बों को देखने में सफल रहा। उनकी खोज ने कोपरनिक्स की उस खोज को सही प्रमाणित किया कि पृथ्वी व अन्य ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। कोपरनिक्स से पूर्व ऐसा माना जाता था कि ब्रह्मांड भूकेंद्रीय है अर्थात् सूर्य पृथ्वी की परिक्रमा करता है। 

कोपरनिक्स प्रणाली में गैलिलीयो की आस्था के कारण उन्हें कैथोलिक चर्च की आलोचना झेलनी पड़ी। कैथोलिक चर्च में ‘द इनक्विनिशन’ एक स्थायी संस्थान था, जो धर्म विरुद्ध अपसिद्धांतों का उन्मूलन करता था। इसकी एक सलाहकार समिति ने ही इस विधर्म की घोषणा की कि कोपरनिकस का यह कथन कि सूर्य ही ब्रह्मांड का केंद्र है, एक अपधर्मी अर्थात् धर्म विरुद्ध सिद्धांत था। क्योंकि गैलिलीयो ने कोपरनिक्स के सिद्धांत का समर्थन किया था, इसलिए पोप पॉल पंचम के अंतर्गत कार्निनल बेल्लरमाइन के द्वारा उन्हें चेतावनी दी गई कि वह कोपरनिक्स के सिद्धांतों पर चर्चा या उनका समर्थन न करें। 

1624 में पोप अर्बन अष्टम द्वारा गैलिलीयो को यह आश्वासन दिया गया कि जब तक वह कोपरनिक्स के सिद्धांत को गणितीय साध्य के तौर पर मानते हैं, तब तक वह उसके बारे में लिख सकते हैं। तथापि उनकी दो प्रमुख पुस्तके ‘डायलॉग कन्सर्निंग द टू चीफ वर्ल्ड सिस्टम्स’ के प्रकाशन के बाद भी उन्हें 1633 में रोम बुलाया गया और उन्हें पुनः आलोचनाए झेलनी पड़ीं।

गैलिलीयो को उनके वक्तव्य के आधार पर दोषी पाया गया और उन्हें शेष जीवन के लिए उनके फ्लोरेंस स्थित घर के समीप में ही नजरबंद कर दिया गया। 1638 में उन्हें फ्लोरेंस स्थित उनके घर में भेज दिया गया ताकि वह चिकित्सकों की देखरेख में रह सके। उस समय तक वह पूरी तरह दृष्टिहीन हो चुके थे। 1642 में फ्लोरेंस के बाहर अपने घर में ही उनकी मृत्यु हो गई। 


Galileo galilei biography – biography of galileo galilei

Galileo was born on February 15, 1564 in Pisa, Italy. His father Vincenzo Galilei was an accomplished singer and mathematician. Galileo’s mother’s name was Shichulia Degali Amanati. Galileo was the first child of his parents. He was followed by five other children of his parents (some scholars consider seven children in the Galilei family). Although his family was aristocratic, he was not wealthy. As early as 1570 his family moved to Florence.

In 1581 Galileo began studying at the University of Pisa. His father hoped that his son would study medicine in this university, but Galileo began to study the pendulum here. In 1602 itself, he made the most fascinating and important discovery about the pendulum. In his search for the pendulum, he discovered that time (the time in which the pendulum swings and oscillates back and forth) does not depend on the (synchronism) of the scope of the arc of oscillation. This discovery eventually paved the way for him to study the time interval and consequently the idea of ​​developing a pendulum clock.

In 1592 he was appointed Professor of Mathematics at Padua University. While teaching there, he used to go continuously to the place called Arsenal where the ships of Venice stayed and goods were loaded on them. He was always interested in mechanical devices. Therefore, during the visit of Arsenal, it was natural for him to have attraction towards the existing shipbuilding activities and technology, ship building and shipbuilding technology etc.

In 1593, the problem of paddle was brought to them in the warships carried by slaves by paddle. He considered the paddle as a lever and a point of support for the water. A year later he patented the model of a pump. His pump was actually a device in which only one horse could be plowed to raise water.

Galileo also invented many other mechanical devices, such as hydrostatic balance, apart from this pump, but his most popular and well-known invention was the telescope. He built his first telescope in 1600, many telescopes were built on this model in many parts of Europe that could show things three times larger.

Later this year, Galileo built a telescope that could show things twenty times larger. With this telescope, he was able to find the four satellites of the moon, Jupiter, see a supernova, learn the various forms of Venus and see the spots of the Sun. His discovery vindicated Copernix’s discovery that the Earth and other planets revolve around the Sun. Prior to Copernix, it was believed that the universe is seismic ie the Sun revolves around the Earth.

Galileo’s faith in the Copernix system led to criticism from the Catholic Church. In the Catholic Church, ‘The Inquisition’ was a permanent institution, which abolished anti-religion principles. One of its advisory committees declared the heresy that Copernicus’ statement that the Sun was the center of the universe was an insolent one, against the doctrine. Because Galileo supported the doctrine of the Copernics, he was warned by Cornell Bellarmine under Pope Paul V not to discuss or endorse the doctrines of the Copernics.

Galileo was assured by Pope Urban VIII in 1624 that he could write about it as long as he considered the doctrine of Copernics as a mathematical proposition. However, even after publishing two of his major books, Dialogue Concerning the Two Chief World Systems, he was called to Rome in 1633 and had to face criticism again.

Galileo was convicted based on his statement and was placed under house arrest for the rest of his life in Florence. In 1638 he was sent to his house in Florence so that he could remain under the supervision of physicians. By that time, he had become completely blind. He died in 1642 in his home outside Florence.

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