छोटे बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ-दो सांप

छोटे बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ

छोटे बच्चों की मनोरंजक कहानियाँ-दो सांप

एक समय की बात है। राजा अपने इकलोौते बेटे से बहुत प्यार करताथा। राजकुमार को बहुत अच्छा भोजन दिया जाता। उसकी पूरी देखरेख कोजाती। फिर भी वह हमेशा बीमार ही रहता था क्योंकि उसके पेट में एकसांप था। वह दिन-प्रति-दिन कमजोर होता जा रहा था। किसी भी हकीम को उसकी बीमारी का पता नहीं चल रहा था। अंत में एक दिन दुखी हो कर राजकुमार महल छोड कर चला गया। वह दूसरे नगर में भीख मांग कर अपना पेट भरने लगा। राजा उसे लाख चाहने पर भी खोज नहीं सका।

उस राज्य के राजा की दो बेटियां थीं। उसकी बड़ी बेटी कहती थी कि उसके जीवन में सारी खुशी उसके पिता के कारण थी जबकि छोटी बेटी का कहना था कि प्रत्येक इंसान को उसके कर्मों के कारण ही सुख या दुख मिलता है। यह सुन कर राजा को बहुत क्रोध आया। उसे अपनी चापलूसी पसंद थी और बड़ी ऐसा करके अपने पिता को खुश रखती थी। उसने अपने मंत्रियों से कहा कि वे किसी अजनबी को खोजें और उसकी छोटी बेटी का विवाह उससे करवा दें।

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मंत्रियों ने उस अजनबी भिखारी को मंदिरके बाहर भीख मांगते देखा, तो उससे ही राजा की बेटी की शादी करवा दी। राजकुमारी को क्या, किसी को यह नहीं पता था कि राजकुमारी की शादी एकराजकुमार से ही हो रही हे।वह उस भिखारी के साथ प्यार से रहने लगी। एक दिन उन्होंने तय किया कि वे किसी दूसरे शहर में रहने चले जाएंगे। जब राजकुमार चलते-चलते थक गया तो वह एक पेड़ के नीचेआराम करने लगा ओर राजकुमारी दोनों के लिए कहीं से भोजन का इंतजाम करने गई। जब वह वापस आई तो उसने देखा कि उसका पति सो रहा था औरउसके खुले हुए मुंह से एक सांप बाहर निकल रहा था। तभी वहीं बने बिल से एक और सांप बाहर आ गया। वे थोडी ताजी हवा और धूप पाने के लिए अपने-अपने घरों से बाहर आए थे।

दोनों सांपों ने एक-दूसरे को देखा तो, लेकिन एक-दूसरे को पसंद नहीं किया। बिल वाले सांप ने कहा, “मैंने देखा कि तुम इस इंसान के मुंह से बाहर आ रहे थे। तुम इस तरह उसके पेट में रहते हुए उसे कष्ट क्‍यों दे रहे हो? अगर किसी ने उसे जीरे ओर सरसों के तेल से बनी दवा पिला दी तो तुम एक मिनट में मारे जाओगे।”

“अच्छा! अगर किसी ने बिल पर गर्म तेल या गर्म पानी डाल दिया तो तुम भी नहीं बचोगे। तब उन्हें सोने से भरे वे बर्तन मिल जाएंगे, जिनकी

रखवाली के लिए तुम इस पेड के नीचे बिल में रहते हो,” पेट में रहने वाले सांप ने पहले सांप की पोल खोलते हुए कहा।

राजकुमारी को सांपों की भाषा आती थी। वह जान गई कि कोन-सी दवा से उसके पति की बीमारी ठीक हो सकती है और किस तरह वे धनी बन सकते हें। उसने झट से अपने पति को वह दवा बना कर पिलाई, जिससे उसके पति का इलाज हो गया अर्थात्‌ उसके पेट में रहने वाला सांप मारागया। अब राजकुमार पूर्णरूप से स्वस्थ हो गया था।

राजकुमारी ने सोचा, ‘शरीर स्वस्थ हो, लेकिन गांठ में यदि कुछ न हो; तो भी लोग निरादर करते हैं, यहां तक कि अपने भी साथ छोड़ जाते हें।’

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इसके बाद उसने बहुत सारा पानी गर्म किया और पेड़ के नीचे बने बिल पर डाल दिया। इससे बिल में रहने वाला सांप मारा गया और पेड की खोखलसे सचमुच सोने से भरे दो बर्तन निकले। वह अपने पति के साथ बहुत धनवान बन गई। इसके बाद राजकुमार ने उसे अपना असली परिचय दिया। वे अपने राज्य लौट आए और राजकुमार को नगर का राजा बना दिया गया।राजकुमारी ने अपने कथन को सिद्ध कर दिया था।

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