Eye Care Tips in Hindi – आँखों की देखभाल के तरीके | आँखों की देखभाल कैसे करनी चाहिए?

Eye Care Tips in Hindi

Eye Care Tips in Hindi – आँखों की देखभाल के तरीके | आँखों की देखभाल कैसे करनी चाहिए?

सिर ठंडा, पेट नरम, पांव गरम बेहतर स्वास्थ्य की यही पहचान है। आंखें सिर का ही एक अंग हैं। सिर ठंडा से मतलब है कि आंखों की अच्छी सेहत के लिए ठंडी चीजें ही लाभप्रद हैं। गरमी के मौसम में आंखों को गरमी से राहत दिलाने के लिए आपने बेहतर उपाय नहीं अपनाए हैं तो आपकी आंखें लाल हो सकती हैं, उनमें जलन हो सकती है और आंसू भी निकल सकते हैं। तो आइए, आंखों की देखभाल के कुछ बेहतरीन उपाय जानते हैं-

आंखों को त्रिफला जल से धोएं। आंवला, हरड़ और बहेड़ा (गुठली सहित) समान मात्रा में लेकर उन्हें मोटा कूट लें। प्रतिदिन शाम को 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण को मिट्टी के कोरे बरतन या शीशे के बरतन में एक गिलास पानी (200 ग्राम) में भिगो दें। सुबह इसको मसलकर छान लें। फिर इसके निथरे हुए पानी से हल्के हाथ से आंखों में छींटे मारकर धो लें। इससे आंखों की गरमी दूर होती है, नजर भी तेज होती है और आंखों के अनेक रोग भी ठीक होते हैं। इस त्रिफला जल से लगातार महीने-दो महीने आंखों में छपके मारने से आखों का सूजना, आखों के सामने अंधेरा छाना सिर घूमना, आंखों में उष्णता, रोए, खुजली, दर्द, लाली, जाला, मोतियाबिंद आदि सभी तरह के नेत्र रोग धीरे-धीरे शांत हो जाते हैं। 

सुबह उठते ही मुंह में ठंडा पानी भरकर मुंह फुलाकर ठंडे पानी से आंखों पर छपके मारें। ऐसा दिन में तीन बार करें। 

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चार ग्रेन (दो रत्ती) फिटकरी बारीक पीसकर 30 ग्राम गुलाबजल में घोलकर रख लें। ड्रॉपर से इस लोशन की 2-2 बूंदें दिन में 2-3 बार आंखों में डालने से आंख का दर्द, लाली दूर होती है और कीच या गीड़ का आना बंद हो जाता है। दुखती आंखों के लिए यह उत्तम दवा है। 

आंखों में गरमी के कारण जलन हो तो गाय के दूध का मक्खन आंखों पर लगाएं। साफ रूई को दूध में भिगोकर आंखों पर रखें। दिन में 3-4 बार ऐसा करें। इससे आंखों को ठंडक मिलती है।

दही की मलाई को ठंडा करके पलकों पर लेप करने से आंखों की गरमी दूर होती है।

गरमी के कारण आंखों के आगे अधेरा छा जाए, तो बादामगीरी, बड़ी सौंफ, कूजा मिसरी को सममात्रा में लेकर कूट-पीसकर बारीक चूर्ण बना लें और कांच के बरतन में रख लें। प्रतिदिन रात में सोते समय 10 ग्राम की मात्रा में 250 ग्राम दूध के साथ 40 दिन तक लगातार लेते रहने से दृष्टि इतनी तेज हो जाती है कि चश्मे की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। 

कंप्यूटर पर काम करते समय स्क्रीन पर लगातार न देखें। 20 से 30 मिनट के अंतराल पर स्क्रीन से आंखें हटा लें। इससे आंखों को आराम मिलता है। 

आंखों के आस-पास की त्वचा बेहद नाजुक होती है, जरा-सी लापरवाही से झुर्रियां व डार्क सर्कल की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे बचने के लिए सोने से पहले बादाम रोगन से आंखों के चारों तरफ हल्के हाथों से मसाज करें। 

1 चम्मच टमाटर का रस, 1 चम्मच नीबू का रस, चुटकीभर हल्दी का पाउडर, थोड़ा-सा बेसन मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। आंखों के नीचे व काले घेरों के चारों तरफ लेप करके 10 मिनट लगा रहने दें। सूखने से पहले हौले-हौले मलने के बाद साधारण पानी से चेहरे को धो लें। कुछ रोज तक नित्य एक बार प्रयोग करने से आंखों के नीचे के काले घेरे मिट जाते हैं।

1 मिनट में कम-से-कम 10-12 बार पलकें झपकाएं। ऐसा न करने से आंखें ड्राई होकर अपनी खूबसूरती, चमक और ज्योति खो सकती हैं

धूप में अधिक समय तक रहने, नींद पूरी न होने, थकावट, प्रैग्नेंसी, खाने में पोषक तत्वों की कमी, हार्मोंस में असंतुलन, मेनोपॉज आदि कारणों से आंखों के नीचे डार्क सर्कल उभर आते हैं। हेल्दी फूड का सेवन भरपूर मात्रा में करके तथा पानी और मौसमी फलों का सेवन करके इस समय से निजात पाया जा सकता है। 

अधिक गरमी उत्पन्न करने वाले टेबल लैंप और इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स का इस्तेमाल न करें। इनके करीब रहकर काम करने से आंखों में जलन की शिकायत हो सकती है। 

आंखों के नीचे व आस-पास पड़ गए कालेपन को दूर करने के लिए रूई के फाहे को खीरे के रस में भिगोकर पलकों पर व उसके आस-पास रखें और 15 मिनट के बाद हटा लें। धीरे-धीरे त्वचा स्वाभाविक रंग में आ जाएगी। 

आंखों को धूप से बचाने के लिए यूवी प्रोटेक्टिव लेंस वाले सनग्लासेज का प्रयोग करें। सस्ते और घटिया क्वालिटी के लेंस या सनग्लासेज से बचें। ये आंखों को हानि पहुंचाते हैं। 

आंखों को संवारे भी eye beauty tips in hindi

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रात में सोने से पहले आंखों का मेकअप उतार दें। गरमी का मौसम हो, तो आंखों को ठंडे पानी से प्रतिदिन 4-5 बार धोएं। 

सोते समय आंखों को अच्छी तरह से प्रतिदिन धोएं ताकि दिनभर का जमा मैल निकल जाए। सुबह बिस्तर छोड़ते ही आंखों को ताजा पानी से छींटे मारकर साफ करें ताकि आंखों में जमा कीचड़ निकल जाए।

 1 कप पानी में चम्मच चायपत्ती उबालकर छान लें। हल्का गरम रहने पर रूई के फाहे से हफ्ते में 2-3 बार उससे आंखों की सिंकाई करें। इससे स्याह घेरे मिट जाते हैं। 

किताब बैठकर पढ़ें, लेटकर न पढ़ें, क्योंकि इससे आंखों पर बहुत जोर पड़ता है और आंखें कमजोर होकर अपनी ब्यूटी खो देती हैं।

रोना आंखों के लिए एक अच्छा व्यायाम है। आंसुओं को न रोके। 

7-8 घंटे की नींद लेने से आंखें स्वस्थ रहती हैं और उनकी चमक भी बनी रहती है। – रूई का फाहा ठंडे दूध में भिगोकर आंखों के ऊपर रखें। इससे आंखों को ठंडक मिलती है।

 आँखों की देखभाल कैसे करनी चाहिए?

सुबह के वक्त नंगे पांव हरी घास पर पड़ी ओस पर चलें। इससे आंखों की ज्योति एवं चमक बढ़ती है। 

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