विज्ञान के चमत्कार पर निबंध-Essay on Wonder of Science in Hindi

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध-

विज्ञान के चमत्कार पर निबंध

वस्तु का स्फुरण रूप विज्ञान है। बोलचाल की भाषा में किसी वस्तु के विशेष ज्ञान को ‘विज्ञान’ कहते हैं। यह मानव का हितकारी है। अब तो सामान्य मानव ही नहीं; अंधे, लंगड़े, बहरे आदि भी विज्ञान द्वारा उपकृत हैं। विज्ञान के द्वारा आंखों का प्रत्यारोपण करके अंधे लोग दृष्टि पा सकते हैं, कृत्रिम पांव के सहारे लंगड़े गतिमान हो सकते हैं और बहरे कान में यंत्र लगाकर सुनने में समर्थ हो सकते हैं। आज के विज्ञान से तुलसीदास की यह पंक्ति चरितार्थ होती है 

बिनु पद चलई सुनई बिनु काना। 

कर बिनु कर्म करई विधि नाना॥

जब शिशु गर्भ में रहता है, तो उसकी प्राण रक्षा हेतु उसकी मां के द्वारा उसे दवाइयां दी जाती हैं। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि आज का मानव पृथ्वी देखने से पहले विज्ञान देख लेता है। अत: विज्ञान मनुष्य के लिए वरदान है। इसने मानव के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। चिकित्सा, यातायात, आवास, मनोरंजन, कृषि आदि क्षेत्रों में भी विज्ञान अपने चमत्कार दिखाता है। 

चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान का करिश्मा बेजोड़ है। पहले हैजा और प्लेग जैसी महामारी से गांव के गांव साफ हो जाते थे, लेकिन अब इन बीमारियों का नामो-निशान नहीं है। अब तो मरने से पूर्व आप अपनी आंख का दान भी कर सकते हैं। इन आंखों द्वारा किसी भी अंधे को नेत्रवान बनाया जा सकता है। प्लास्टिक सर्जरी तो अत्यधिक चमत्कृत करती है। मानव के किसी भी खराब अंग को काटकर उसके स्थान पर दूसरे का अंग प्रत्यारोपित किया जा सकता है। यातायात के क्षेत्र में वैज्ञानिक उपलब्धियां सराहनीय हैं। पहले हमारी यात्राएं कष्टप्रद होती थीं। लोग ज्यादातर समूह बनाकर पैदल ही यात्रा करते थे, लेकिन आज इसे आरामदेह एवं सुगम बना दिया गया है। अगर किसी के पास कम पैसे हों, तो रिक्शा, ऑटो, बस अथवा रेल से यात्रा की जा सकती है। अधिक पैसे होने पर पक्षी की तरह आकाश में वायुयान द्वारा उड़ा जा सकता है। 

मनोरंजन के क्षेत्र में भी एक से बढ़कर एक विज्ञान की अनुपम देन है। रेडियो से संगीत का आनंद लिया जा सकता है। टेपरिकॉर्डर, वीडियो एवं कैमरे की सहायता से अतीत को कैद किया जा सकता है। दूरदर्शन का तो कहना ही क्या है ? संचार के क्षेत्र में भी विज्ञान पीछे नहीं है। घर बैठे अपने किसी सुदूर मित्र से टेलीफोन या मोबाइल द्वारा बातें हो सकती हैं। 

कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में भी विज्ञान ने क्रांति पैदा कर दी है। धान, गेहूं एवं मकई आदि खाद्यान्नों की नई किस्मों का आविष्कार किसानों के लिए वरदान सिद्ध हुआ है। कंप्यूटर एवं रोबोट विज्ञान के नवीनतम चमत्कार हैं। ऐसी कल्पना है कि 21वीं सदी में मानव द्वारा सारे कार्य कंप्यूटर और रोबोट के सहारे ही किए जाएंगे। इस प्रकार विज्ञान की उपलब्धियों को एक-एक करके गिनाने से एक कोश तैयार हो जाएगा। आज का विज्ञान मानव के लिए एक वरदान है, जो उसका साथ जन्म के पूर्व से मृत्यु के बाद तक साथ देता है, क्योंकि बड़े-बड़े शहरों में मानव की लाशें लकड़ी की चिता के बजाय विद्युत शवदाह गृह में जलाई जाने लगी हैं। 

विज्ञान की उपलब्धियों ने आज मानव को भौतिकतावादी बना दिया है। मानव के हृदय में प्रेम और भाईचारे का जो स्रोत बहता था, उसे विज्ञान के ताप ने सुखा दिया है। आज के भौतिकतावादी मानव विज्ञान की उपलब्धियों का उपयोग मानव सेवा के बजाय मानव विनाश में कर रहे हैं। अणु-परमाणु बम का निर्माण मानव की इसी विकृत मानसिकता का द्योतक है। परमाणु हथियारों से युक्त शक्तिशाली राष्ट्र कमजोर राष्ट्रों को धौंस दिखाकर उनका दोहन करते हैं। जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों की बर्बादी इसके उदाहरण हैं। 

विज्ञान से जहां हमें सैंकड़ों लाभ हैं, वहीं हानियां भी कम नहीं हैं। आज रेलगाड़ी या वायुयान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर मृतकों की संख्या हजारों में होती है। आज विज्ञान से संपूर्ण विश्व का वातावरण दूषित हो गया है। विज्ञान वायु, जल एवं पृथ्वी का दोहन कर रहा है। अगर वायु, जल एवं पृथ्वी का इसी तरह दोहन होता रहा, तो वह दिन दूर नहीं, जब वायु प्राणरक्षक नहीं रहेगी, समय पर कभी वर्षा नहीं होगी और पृथ्वी अन्न नहीं देगी। यह विज्ञान का एक भयानक अभिशाप है, जिससे मानव तड़प-तड़पकर मरेगा। 

विज्ञान के इस तांडव के लिए मानव ही जिम्मेदार है, विज्ञान नहीं। विज्ञान तो वह शक्ति है, जिसका उपयोग विवेक से करने पर लाभ ही लाभ है। यह एक ऐसी जलती हुई मशाल है, जिससे अंधकार मिटाया जा सकता है, भुखमरी दूर की जा सकती है और संपूर्ण मानवता की सेवा की जा सकती है। विज्ञान का सही अथवा गलत उपयोग उपयोगकर्ता के मस्तिष्क पर निर्भर करता है। विज्ञान हमारे लिए वरदान है, तो अभिशाप भी है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का भाव हृदय में रखकर ही विज्ञान के अभिशाप से बचा जा सकता है, वरना आज का विज्ञान मानव के अस्तित्व को सदैव के लिए समाप्त कर देगा। 

हमें विज्ञान के चमत्कारों में से जीवनोपयोगी चमत्कार ही पसंद करना चाहिए और जीवन को ध्वस्त करने वाले चमत्कार से दूर रहना चाहिए। विज्ञान के चमत्कार तो एक से बढ़कर एक हैं। विज्ञान द्वारा मानव जीवन में अपार परिवर्तन हुआ है। इन सबके बावजूद हमारे वैज्ञानिक मानव जीवन के हितकारी उपायों के लिए नित्यप्रति नये-नये आविष्कारों में जुटे हैं। आशा है, विज्ञान मानव की सुख-सुविधाओं के लिए आगे भी बहुत कुछ कर दिखाएगा। 

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