रविवार की छुट्टी पर निबंध |Essay on sunday holiday

Essay on sunday holiday

रविवार की छुट्टी पर निबंध |Essay on sunday holiday

आज का भौतिकतावादी मानव अधिक से अधिक धन और ऐश्वर्य पाने के चक्कर में मशीन या कोल्हू के बैल की तरह काम कर रहा है। दिन-रात एक ही काम में लगे रहने से मानव की दक्षता घटती है। मानव जीवन में एकरसता के कारण नीरसता आ जाती है। इससे मानव-जीवन कुंठित हो जाने का भय बना रहता है। इसका एक ही इलाज है-बीच-बीच में विश्राम लेना। यह तभी संभव है जब सरकारी कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा शैक्षणिक संस्थाएं अनिवार्य रूप से बीच-बीच में बंद रहें। इसी बंदी को ‘अवकाश’ या ‘छुट्टी’ कहते हैं। यह छुट्टी अत्यंत उपयोगी होती है। 

 छुट्टी या अवकाश अनेक प्रकार के होते हैं। विद्यार्थियों की प्रतिदिन की पढ़ाई में प्रथम पाली और द्वितीय पाली के बीच में अकसर कुछ समय का अवकाश रहता है। इस मध्यावकाश में छात्र पुनः तरो-ताजा होकर द्वितीय पाली की पढ़ाई शुरू करते हैं। इसके अलावा होली, दशहरा, दीपावली, गरमी, शीत आदि में छुट्टियां दी जाती हैं। इन छुट्टियों में मानव की एकरसता समाप्त हो जाती है। इसी उद्देश्य से सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थाओं आदि में सप्ताह में एक दिन रविवार को छुट्टी दी जाती है, जिसे ‘रविवारीय छुट्टी’ कहा जाता है। विद्यार्थियों के लिए रविवार की छुट्टी का विशेष महत्व है। 

एक आदर्श विद्यार्थी रविवार की छुट्टी में अपने वस्त्र और कमरे आदि की विशेष सफाई करता है। वह पुस्तकों को सलीके से सजाकर रखता है। सप्ताह भर के दौरान अधूरी पढ़ाई को पूरा करता है। कुछ विद्यार्थी इस दिन अति आनंद एवं उमंग का अनुभव करते हैं। वे दिन भर खेल-कूदकर तथा टी.वी. पर कार्टून या फिल्में देखकर समय व्यतीत कर देते हैं। इस दिन उन्हें मास्टर साहब की छड़ी का भय नहीं रहता। वे सब पिंजरे से मुक्त पक्षी की तरह यत्र-तत्र विचरण करते हैं। ऐसे लोगों के लिए रविवार की छुट्टी ढेरों खुशियां लेकर आती है, जिसकी प्रतीक्षा वे सप्ताह भर करते हैं। 

इसी प्रकार अन्य लोग भी रविवार की छुट्टी अपने-अपने ढंग से व्यतीत करते हैं। कुछ लोग इस दिन अपने आधे-अधूरे कार्यों को पूरा करते हैं, तो कुछ लोग दिन भर मंदिर-मस्जिद में जाकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग इस दिन परिवार एवं मित्रों के साथ किसी रमणीक स्थल पर पिकनिक मनाकर व्यतीत करते हैं, तो कुछ लोग सिनेमा का आनंद उठाकर। 

इस प्रकार रविवार की छुट्टी से छात्र, अध्यापक, कर्मचारी एवं पदाधिकारी सभी लाभ उठाकर तरो-ताजा हो पुन: सोमवार से अपने-अपने कार्यों में जुट जाते हैं। अत: मानव-जीवन में रविवार की छुट्टी का विशेष महत्व है।

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