रेडक्रॉस पर निबंध-Essay on RedCross in Hindi

रेडक्रॉस पर निबंध

रेडक्रॉस पर निबंध

विश्व का प्रत्येक धर्म मानव-सेवा का पक्षधर है, जबकि हिंदू धर्म का मूल मंत्र ही ‘सेवा परमो धर्मः’ है। इसी भावना से प्रेरित होकर स्विट्जरलैंड के निवासी जॉन हेनरी ने ‘रेडक्रॉस’ नामक एक संस्था की स्थापना की थी। आज रेडक्रॉस एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था हो गई है, जो मानवता के आधार पर लोगों की सहायता कर रही है। युद्ध एवं प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ित मानवता की समुचित सेवा करना ही रेडक्रॉस का मूल उद्देश्य है। 

रेडक्रॉस संस्था की स्थापना के पीछे एक ऐतिहासिक घटना है। सन 1857 में फ्रांस और ऑस्ट्रिया के बीच घमासान युद्ध हुआ था। इस युद्ध में दोनों देशों के काफी सैनिक हताहत हुए थे। घायल सैनिक दर्द एवं पीड़ा से कराह रहे थे। उनकी देखरेख करने वाला वहां कोई नहीं था। घायल सैनिकों की चीत्कार कारुणिक दृश्य उपस्थित कर रही थी। इस कारुणिक दृश्य को देखकर जॉन हेनरी का हृदय द्रवित हो उठा। वे कुछ लोगों को एकत्र करके तन-मन-धन से घायलों की सेवा-सुश्रुषा में रत हो गए। इस प्रकार उनके सेवा भाव, अथक परिश्रम तथा प्रयासों से अनगिनत लोग मौत के मुंह में जाने से बच गए। 

इसके बाद जॉन हेनरी ने दुनिया के लोगों को समझाया कि पीड़ित मानव किसी जाति, धर्म एवं संप्रदाय का नहीं होता। अतः हम लोगों को जाति, धर्म, वर्ण, संप्रदाय एवं क्षेत्रीय भावना आदि से ऊपर उठकर पीड़ितों की सेवा करनी चाहिए। जॉन हेनरी के इस विचार से प्रभावित होकर 8 मई, 1864 को 18 देशों ने मिलकर रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना की। इसका मुख्यालय जेनेवा में है। रेडक्रॉस का अपना एक झंडा भी है। यह सफेद रंग का होता है, जिस पर लाल रंग से क्रॉस अंकित रहता है। यह झंडा पीड़ित मानवता की सेवा का प्रतीक है। इस संस्था के लिए धन की व्यवस्था चंदे से की जाती है। 

आज संपूर्ण विश्व में रेडक्रॉस का विस्तार हो चुका है। भारत में 1910 में रेडक्रॉस की स्थापना हुई। भारतीय रेडक्रॉस का मुख्यालय नई दिल्ली में है। यह हमारे देश के हर जिले में कार्यरत है। जिलाधीश इसका संरक्षक होता है। जमीन की खरीद-बिक्री एवं बंदूक इत्यादि का लाइसेंस देने तथा अन्य कार्यों के लिए कलेक्टर द्वारा इस संस्था हेतु चंदा लिया जाता है। 

रेडक्रॉस संस्था युद्ध काल में लड़ने वाले देशों के बीच मानवता के हित का कार्य करती है। यह युद्ध भूमि में घायलों की सेवा करती है। इसके द्वारा बिना किसी भेदभाव के दवाइयां, रक्त एवं कृत्रिम अंग इत्यादि वितरित किए जाते हैं। शांति काल में रेडक्रॉस सोसायटी प्राथमिक चिकित्सा, शिशुओं की देखभाल, चिकित्सा केंद्रों का निर्माण एवं रक्तदान केंद्र आदि की स्थापना के माध्यम से मानवता की सेवा करती है। यह विकलांगों के लिए हस्तचालित रिक्शे की व्यवस्था करती है। कुष्ठ रोगियों के लिए दवा, सेवा और आवास की व्यवस्था करती है। सन 1979 में बांग्लादेश से भारत आए शरणार्थियों के लिए भारतीय रेडक्रॉस द्वारा किया गया राहत कार्य काफी सराहनीय था। 

इस प्रकार रेडक्रॉस एक पुनीत कार्य में लगा हुआ है। हमें तन-मन-धन से इस संस्था की मदद करनी चाहिए। रेडक्रॉस का झंडा हवा में लहराता हुआ यह संदेश देता है कि पीड़ित मानवता की सेवा ही हमारा धर्म है। यह निश्चित रूप से एक अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था है। इससे जनता को व्यापक स्तर पर लाभ मिलता है। इस संस्था का परम उद्देश्य पीड़ित मानवता की सेवा है। 

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